सबरिमाला मंदिर की सोने की चोरी के मामले में सबसे सीनियर पुजारी की गिरफ्तारी से हाल ही में त्रासदी हुई है। यहां तक कि कुछ लोगों ने कहा कि उनके आसपास की घटनाओं पर भी संदेह होने लगा है।
सबरिमाला मंदिर के पूर्व पुजारी ज. बी. कोट्टी ने अपने गिरफ्तारी के बाद कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि जब वह जुलाई 2019 में चीजें वापस कीं, तो राजीव मंदिर में थे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। यहां तक कि उनकी भी बात करने से पहले ही उनके खिलाफ आरोप लग गए थे।
सबरिमाला मंदिर सोने की चोरी के मामले में जांच में कई नये और पुराने आरोप लगे हैं। अब यह सवाल उठने लगा है कि राजीव ने कैसे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से बच गया। इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है।
कुछ लोगों का कहना है कि राजीव ने ज. बी. कोट्टी के साथ मिलकर साजिश रची और उनके हितों को आगे बढ़ाया। यहां तक कि उन्हें लगता है कि ज. बी. कोट्टी ने अपनी गिरफ्तारी के लिए भी मैंगनट बनाया था।
लेकिन सबकुछ साफ नहीं है। जांच में अभी भी कई सवाल बचे हैं। सबसे पहले, यह सवाल उठता है कि राजीव ने ज. बी. कोट्टी को इतनी आसानी से अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से बचाया। इसके पीछे एक दिलचस्प तरीका था।
कुछ लोगों का कहना है कि राजीव ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को बदलकर मुसलमानों की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। यहां तक कि उन्हें लगता है कि ज. बी. कोट्टी ने भी उनके साथ मिलकर इस तरह की साजिश रची।
सबरिमाला मंदिर के पूर्व पुजारी ज. बी. कोट्टी ने अपने गिरफ्तारी के बाद कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि जब वह जुलाई 2019 में चीजें वापस कीं, तो राजीव मंदिर में थे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। यहां तक कि उनकी भी बात करने से पहले ही उनके खिलाफ आरोप लग गए थे।
सबरिमाला मंदिर सोने की चोरी के मामले में जांच में कई नये और पुराने आरोप लगे हैं। अब यह सवाल उठने लगा है कि राजीव ने कैसे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से बच गया। इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है।
कुछ लोगों का कहना है कि राजीव ने ज. बी. कोट्टी के साथ मिलकर साजिश रची और उनके हितों को आगे बढ़ाया। यहां तक कि उन्हें लगता है कि ज. बी. कोट्टी ने अपनी गिरफ्तारी के लिए भी मैंगनट बनाया था।
लेकिन सबकुछ साफ नहीं है। जांच में अभी भी कई सवाल बचे हैं। सबसे पहले, यह सवाल उठता है कि राजीव ने ज. बी. कोट्टी को इतनी आसानी से अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से बचाया। इसके पीछे एक दिलचस्प तरीका था।
कुछ लोगों का कहना है कि राजीव ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को बदलकर मुसलमानों की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। यहां तक कि उन्हें लगता है कि ज. बी. कोट्टी ने भी उनके साथ मिलकर इस तरह की साजिश रची।