Sansad Diary: कांग्रेस सांसद ने पूछा- वायु प्रदूषण से कितनी मौंते हुईं? सरकार की ओर से मिला यह जवाब

क्या सच में सरकार को इस सवाल का जवाब देने में इतना समय लेती है? राज्यसभा में सवाल उठाने के बाद भी प्रमोद तिवारी सांसद ने जवाब नहीं मिला? यह तो बिल्कुल सही है कि सरकार को वायु प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों की जरूरत है। लेकिन सरकार खुद भी आंकड़ा तैयार नहीं कर पाई, तो कैसे हमें जवाब देना चाहिए?

मुझे लगता है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम ने अच्छा काम किया है, लेकिन इसके परिणामों को और भी देखकर समझना जरूरी है। 103 शहरों में पीएम-10 प्रदूषण स्तर में कमी दर्ज हुई, यह तो अच्छी बात है। लेकिन इन शहरों में जो आबादी है, वह कितनी है? और इन शहरों में प्रदूषण स्तर कम होने का असर क्या हुआ? ये सवाल जरूरी हैं।
 
वायु प्रदूषण के बारे में यह जानकारी अच्छी है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ नहीं हुआ। सरकार ने क्या किया? शहरों की स्वच्छता में सुधार करने के लिए हमें और भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए। पीएम-10 प्रदूषण स्तर में कमी की जानकारी अच्छी है, लेकिन यह जानने की जरूरत है कि ये कमी कहाँ तक सफल हुई है।
 
बहुत दुखद की जाने वाली लाखों लोग वायु प्रदूषण की वजह से मर रहे हैं और सरकार को अभी भी पर्यावरण का ध्यान नहीं देती। यह सवाल प्रमोद तिवारी ने उठाया, बिल्कुल सही था कि हमें वायु प्रदूषण से जितनी मौतें होती हैं उनका अंदाजा लगाने के लिए कोई निश्चित आंकड़ा नहीं है।
 
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