जनकपुरी में बाइक सवार की जान लेने वाली घटना, जिसमें 3 इंजीनियर निलंबित हुए, एक बड़ा सवाल उठाती है - सड़क पर मौत का गड्ढा तो कब बनेगा?
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद पुलिस ने पहले बताया था कि उन्हें रात के समय लगभग 7 बजे हुए हादसे के बारे में सूचना मिली थी। जांचकर्ताओं ने उस जगह पर खुदाई वाली जमीन पर बाइक सवार और उसकी मोटरसाइकिल मिलाने की पुष्टि की है। अब सवाल यह उठता है कि ऐसी घटना में रात के समय क्या सावधानियां बरती जाती थीं, खासकर जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास।
राज्य जल बोर्ड ने सड़कों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों पर विचार करने का वादा किया है। लेकिन यह सवाल अभी भी उतना नहीं उठता है जब तक वहां पर्याप्त बैरिकेड, चेतावनी संकेत और रोशनी की व्यवस्था न हो।
जल बोर्ड के इस दुर्भाग्यपूर्ण प्रयास में लापरवाही दिखाई दे रही है, जिसने एक युवक की जान ली। सड़कों पर सुरक्षित स्वास्थ्य बनाए रखने का यह मामला हमें एक बड़े सवाल पर मजबूर करता है - हमें अपने समाज में कितनी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि जीवन को सुरक्षित बनाया जा सके।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद पुलिस ने पहले बताया था कि उन्हें रात के समय लगभग 7 बजे हुए हादसे के बारे में सूचना मिली थी। जांचकर्ताओं ने उस जगह पर खुदाई वाली जमीन पर बाइक सवार और उसकी मोटरसाइकिल मिलाने की पुष्टि की है। अब सवाल यह उठता है कि ऐसी घटना में रात के समय क्या सावधानियां बरती जाती थीं, खासकर जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास।
राज्य जल बोर्ड ने सड़कों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों पर विचार करने का वादा किया है। लेकिन यह सवाल अभी भी उतना नहीं उठता है जब तक वहां पर्याप्त बैरिकेड, चेतावनी संकेत और रोशनी की व्यवस्था न हो।
जल बोर्ड के इस दुर्भाग्यपूर्ण प्रयास में लापरवाही दिखाई दे रही है, जिसने एक युवक की जान ली। सड़कों पर सुरक्षित स्वास्थ्य बनाए रखने का यह मामला हमें एक बड़े सवाल पर मजबूर करता है - हमें अपने समाज में कितनी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि जीवन को सुरक्षित बनाया जा सके।