शक्सगाम घाटी में चीन के CPEC पर भारत ने जताई आपत्ति, चीन का आया रिएक्शन, जानें क्या बोला ड्रैगन

चीन तो हमेशा अपनी बुनियादी ढांचा गतिविधियों में ही पीछे नहीं रहती। तो फिर क्यों उन्हें लगता है कि शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र से जुड़ी नहीं है? हमने भी कई बार कहा है, लेकिन वे जवाब नहीं देते। मैं तो समझता हूं कि चीन को अपनी गरिमा बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। लेकिन हमें भारतीय क्षेत्रों की रक्षा करनी होगी। CPEC से पाकिस्तान को बहुत फायदा हो रहा है, और चीन तो उनके साथ मिलकर तालमेल बैठाता है। यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर हमें ध्यान देना होगा। 🤔
 
सच्ची बातें कहकर देखो, भारत ने चीन को धमकाने की कोशिश नहीं की है, हमने अपनी आपत्ति तुरंत व्यक्त कर दी है। चीन का कहना है कि यह अपना हिस्सा है, लेकिन हमें लगता है कि शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करनी चाहिए। CPEC और BRI जैसी पहलों को लेकर भारत ने कई बार अपनी आपत्ति जताई है, लेकिन चीन मुश्किल से जवाब देता है। सच्चाई यह है कि जम्मू-कश्मीर विवाद एक लंबे समय से चल रहा मुद्दा है, और इसे शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए। 🤔💬
 
यह तो बहुत अजीब बात है कि चीन की BRI पर भारत ने आपत्ति दिखाई है। मैंने सुना था कि यह एक बड़ा आर्थिक घाटा होगा, लेकिन लगता है कि हमारे पास इसका जवाब नहीं है। पाकिस्तान ने साल 1963 में जम्मू-कश्मीर को अपने कब्जे में कर लिया था, और अब भारत यहां पर अपनी आपत्ति जता रहा है। मुझे लगता है कि हमें इस मामले को अच्छी तरह से समझने की जरूरत है, ताकि हम चीन के साथ सही तरीके से बात कर सकें।
 
मुझे लगता है कि चीन की BRI पर भारत की आपत्ति सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाने की जरूरत नहीं है। चीन ने साबित कर दिया है कि वे आर्थिक रूप से भारतीय क्षेत्रों में निवेश करने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करनी चाहिए कि हमारे हिसाब से और हमारे लाभ के लिए।
 
Back
Top