'सख्ती से निपटो', बांग्लादेश में एक महीने में 5 हिंदुओं की हत्या, भारत की मोहम्मद यूनुस को खरी-

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार से इंकार नहीं किया जा सकता, भारत ने मोहम्मद यूनुस सरकार पर कहा। शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को विदेश मंत्रालय के प्रवक्त रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश से कहा, 'हम अल्पसंख्यकों और उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे हमलों की चिंताजनक प्रवृत्ति देख रहे हैं।

इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है। हमने इस तरह की घटनाओं को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी है, जिससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा की भावना गहरी हो जाती है।

बांग्लादेश में आम चुनाव की तारीख नजदीक आने से सांप्रदायिक हिंसा बढ़ रही है। पिछले साल हुए तख्तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सामान्य माहौल स्थापित करने में नाकाम रही है। शेख हसीना ने कहा है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों की नींव इतनी मजबूत है कि मौजूदा कठिन दौर को भी झेल लेगी।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा है, खासकर जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों और भारतीय राजनयिक मिशनों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बारे में बात की जा रही है। देश में 12 फरवरी को चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और राजनीतिक दलों के बीच टकराव भी बढ़ रहा है।
 
बांग्लादेश में ऐसे घटनाक्रम कैसे घटते हैं? पहले तो उनके देश में सेक्युलरिस्ट्स और लिबरल्स को खत्म करने की नीयत थी, अब वो खुद लेबल कर रहे हैं सेक्युलर। 🤔

मेरा ये संदेह है कि अगर हम भारत-बांग्लादेश संबंधों में धैर्य नहीं रखते, तो इसके लिए बहुत बड़ी चुनौती मिलेगी। मुझे लगा कि वो मौजूदा सरकार ने बहुत कम किया, फिर वह भी अंदरूनी चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। अब बांग्लादेश में सुरक्षा स्थिति खराब हो रही है और सांप्रदायिक हिंसा बढ़ रही है। यह तो हमारे लिए एक बड़ा चिंता का विषय है, क्योंकि भारत में सेक्युलरिस्ट्स को सम्मान दिया जाता है और उनकी सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती होगी कि हम इस तरह की स्थिति में निकलें। 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि भारत और बांग्लादेश दोनों को अपने राजनयिक संबंधों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। हमारे देश में एकता और शांति की महत्ता को समझना भी जरूरी है। 🙏
 
बांग्लादेश में ऐसे देखकर तो बहुत परेशान होता है यहां की स्थिति। अल्पसंख्यकों पर इतने हमले लगातार हो रहे हैं और यह तो एक बड़ी चिंता की बात है। हमें लगता है कि ऐसी घटनाओं में राजनीतिक दलों की भूमिका भी देखी जा सकती है, लेकिन इससे निपटना जरूरी है ताकि ये हमले बंद हो जाएं। 🤕

कुछ दिन पहले बांग्लादेश में ऐसी घटनाओं की संख्या अधिक थी, लेकिन अब इसमें कमी आ रही है। यह अच्छी बात होगी कि आम चुनाव की तारीख नजदीक आने से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके। हमें उम्मीद है कि नई सरकार देश को इस तरह की घटनाओं से मुकाबला करने में सक्षम होगी। 💪
 
बांग्लादेश में ऐसे हमले तो शायद ही होते हैं लेकिन जब से मोहम्मद यूनुस सरकार चल रही है तो यह ज्यादा बढ़ गया है। बुराई की बात कहो तो भारत ने अपनी सीमा तक पहुंचे हुए कुछ लोगों को दखल देने के लिए कहा है, फिर क्या उम्मीद थी।

आम चुनाव आने से पहले भी ऐसे हमले होते हैं तो कोई बात नहीं माने। यही समय था जब यूनुस सरकार को अपनी गलतियों को ठीक करना चाहिए था, लेकिन उनके दिमाग में ऐसा नहीं आया।

अब तो पूरा मामला फंस गया है और भारत-बांग्लादेश संबंधों में गहरा तनाव आ गया है।
 
बांग्लादेश में ये घटनाएं तो सचमुच बहुत चिंताजनक हैं। मेरे दोस्त ने भी अपनी बहन की शादी में तो इन्हीं तरह के दुष्चक्र से गुजरा था। वहां की सरकार पर यह सख्ती से काम करनी चाहिए। लेकिन ये सवाल है कि कब तक ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल होते रहेंगे। मैं तो उम्मीद करता हूं कि भारत और बांग्लादेश के बीच सौहार्द बढ़ेगा।
 
अरे, यह तो बहुत ही चिंताजनक स्थिति है, देखो बांग्लादेश में तो हमारे भाइयों और बहनों पर इतने हमले हो रहे हैं... 🤕 शायद हमें पहले तो कोई समझौता करना होगा, फिर स्थिति सुधारनी होगी, तभी ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण घटने न हों।
 
यह तो बहुत चिंताजनक है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार से इंकार नहीं किया जा सकता। लगता है कि यह एक बड़ा खेल है और हमें इसकी गहराई समझने की जरूरत है। मुझे लगता है कि सरकारें आमतौर पर चुप रहना पसंद करती हैं, लेकिन इस बार भारत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह जानना आवश्यक है और हमें इसके पीछे के मूल्यों को समझने की जरूरत है।
 
तो बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं तो यह अच्छा नहीं है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हम सभी को एक ही पक्ष से देखना चाहिए। भारत ने बांग्लादेश पर बहुत आलोचना की है लेकिन यह सवाल उठना चाहिए कि क्या हम अपने पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ हमलों को स्वीकार कर सकते हैं? नहीं, यह जरूर नहीं है।
 
अगर फिर भी ऐसा होता तो हमें सोच करना चाहिए कि क्या हमारी मुलाकात हमेशा मित्रवत नहीं होगी। दोनों देशों में बीच से निकलने वाली यह घटनाएं एक सवाल उठाती हैं कि फिर कैसे आगे बढ़ना।
 
बांग्लादेश में ऐसी स्थितियाँ बहुत गंभीर हैं 🤕, हमें उनकी तुरंत समस्या करनी चाहिए। अगर आम चुनाव के बाद भी ऐसी घटनाएं होती रहती हैं तो इसका क्या मतलब होगा? हमारी सरकार ने बहुत से प्रयास किए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिवर्तन नहीं आया है।
 
हमें तो लगता है की ये हमले ऐसे व्यक्ति द्वारा नहीं हुए, जिन्हें हमारा समाज प्यार करता। लोग हमेशा बांग्लादेश में ऐसे व्यक्ति बनते रहते हैं और हमें अपने देश को भूलकर अन्य देशों की चोरी करने लगते हैं। यही वजह है कि हमारे देश में इतना आर्थिक विकास नहीं हुआ।
 
मुझे लगता है कि ये दोनों देश में ऐसे लोग बहुत अधिक हैं जो सिर्फ तारीफ करने में अच्छे हैं। हमें अपनी सरकार पर रोक लगानी चाहिए, फिर भी कुछ ऐसा चल रहा है जिससे हमें घबराहट होती है। मुझे खेद है, लेकिन ये एक गंभीर समस्या है जिसे हल करने के लिए दोनों देशों को एक साथ आना होगा।

हमारे पास इतने बड़े देश हैं जहां हमें अपनी सभी समस्याओं का समाधान निकालना होगा, और अगर हम उन्हें हल नहीं कर सकते तो फिर भी हमने कभी ऐसा मुकाबला नहीं किया है। हमें यह सोचकर बैठना चाहिए कि हम जिस प्रकार के देश हैं वैसे दूसरे देश भी अपनी-अपनी समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपनी सरकार से और अधिक स्पष्ट जवाब मांगना चाहिए, ताकि लोग यह समझ सकें कि क्या कुछ बदलाव होने वाला है, इस दौरान निराश नहीं होना चाहिए। हमें अपने देश की शांति और सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
 
मुझे लगता है कि भारत ने अपने देश की सुरक्षा पर ध्यान देने में समय लिया है, तो कैसे कहें कि बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं हो रही हैं? यह हमारे सैन्य बलों की प्रतिक्रिया की जरूरत नहीं है। अगर हम अपने देश के अंदर स्थित समस्याओं पर ध्यान देते तो ये सब निपट जाएगा। लेकिन हर बार जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो हमें यह महसूस होता है कि हमारी सरकार को इसके पीछे कारणों पर ध्यान देने में समय लग रहा है।
 
अरे भाई, यह तो बहुत चिंताजनक है! मोहम्मद यूनुस सरकार पर इतनी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि देश के लिए सुधार करने में कहीं भी संकोच नहीं करना चाहिए। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों को रोकने के लिए हमें एकजुट होना होगा। यह बहुत जरूरी है कि सरकार और पुलिस ऐसे हमलों के खिलाफ कड़े कदम उठाए। इससे न केवल अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है, बल्कि देश के लिए भी शांति और स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।
 
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