सफर बना मौत का तांडव! हिमाचल में पहाड़ी से नीचे लुढ़की प्राइवेट बस, कई घरों के बुझ गए चिराग

हिमाचल प्रदेश के सरमौर जिले में एक दुर्घटनाग्रस्त घटना हुई, जिसमें कई लोगों की जान गई और कई घरों को बुझने का डर तोड़ दिया। यह दुर्घटना हरिपुरधार इलाके में हुई, जहां 'जीत कोच' नाम की एक प्राइवेट बस शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी। चालक को बस पर नियंत्रण खोने की वजह से यह दुर्घटना हुई, जब वह हरिपुरधार बाजार से ठीक पहले सड़क पर चल रहे थे।

बस सड़क से फिसलते हुए गहरी खाई में जा गिरी, जहां कई लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर सभी व्यक्तियों को अस्पताल भेज दिया। यह दुर्घटना बहुत ही गंभीर है, जिसमें कई लोगों की जान गई और कई अन्य को गंभीर घायल होने की स्थिति में पाए गए।
 
जीत कोच बस की यह दुर्घटना बहुत बुरी लग रही है 🤕, जैसे कि हमारे स्कूल के खिलाड़ियों को भी ऐसी ही चोटें लगने पर अचानक मुश्किल होती है। बस चलाते समय नियंत्रण खोना बहुत बड़ा खतरा है, जैसे कि हमारे स्कूल के दिव्यांक वर्मा जैसे खिलाड़ियों को भी अगर वे ऐसा ही करते तो उनकी जान चली जाती। पुलिस ने सभी लोगों को अस्पताल ले जाने में भी समय लिया, जैसे कि हमारे स्कूल के स्वास्थ्य विभाग को भी अगर तेजी से काम करना होता तो अधिक से अधिक बच्चों की जान बचाई जा सकती।
 
🚨 भाई, यह दुर्घटना तो सचमुच बहुत ही दर्दनाक है! कैसे बस चालक नियंत्रण खोल सकता था? यही सवाल लोगों के मन में जरूर आया होगा, जो बस की गाड़ी देखकर सड़क पर चल रहे थे। बस की गति बहुत तेज थी, इसलिए वह इस तरह गिर गई, जिसने हर लोग को चौंकाया होगा।

अगर सरकार नियामक एजेंसियों को अधिक मजबूत बनाने पर ध्यान देती, तो ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या कम हो सकती थी। बसों में नियमित जांच करवानी चाहिए और ड्राइवरों की प्रशिक्षण की भी निगरानी करनी चाहिए, ताकि यह सब ऐसी घटनाओं से न हो।
 
😱 यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, खासकर जब वह बस हरिपुरधार इलाके में से गुजर रही थी। चालक नियंत्रण खोने की वजह से इतनी बड़ी दुर्घटना हो सकती तो कैसी, यह तो कोई सपना नहीं है। 🚨 बस की रफ्तार भी कम होनी चाहिए, ताकि जानबूझकर किसी को भी घायल न हो।
 
अरे, ये तो बहुत बड़ी दुर्घटना हुई, शायद बस ड्राइवर ने सड़क पर चलते समय अपना ध्यान खो दिया था, क्योंकि वाह! बस सड़क से फिसलते हुए गहरी खाई में जा गिरी, यह तो बहुत बड़ा डरावना दृश्य है। मुझे लगता है कि बस पर सवार लोगों ने अपने जीवन बचाने के लिए जल्दी से कोई कदम उठाना चाहिए था।
 
अरे, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है! मुझे लगता है कि बस चालक को अपनी नौकरी के लिए जिम्मेदारी नहीं समझनी चाहिए। वह जानवर जैसा व्यवहार कर रहा था। और सड़क पर चलने की बारीकी में भी उन्होंने खो दिया। यह तो हमारे युवाओं के भविष्य की क्या हogyan hai? 😭😡 एक दिन ऐसा होने का मुझे एहसास हुआ, जब मैं अपने शहर की सड़कों पर साइकिल चला रहा था, और अचानक तो फिर से बस निकल पड़ी, जिसने सड़क छीन ली। मेरे दिमाग में यह सवाल आया कि हमारी सरकार क्या कर सकती है? बसों को सुरक्षित बनाने और ड्राइवर्स को चेतावनी देने के लिए क्या कदम उठाएं? 😤
 
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