शनिवार को करीब तीस से अधिक छात्रों ने अपनी पढ़ाई ईरान में करते हुए जो तनावपूर्ण हालातों के बीच फंस गए, शनिवार को राहत की सांस ले ली है। ये सभी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। ईरान में इन छात्रों ने अपना समय बिताने के लिए वहां गये थे, लेकिन शनिवार को उन्होंने भारत लौट आए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनाव स्थिति के चलते ये छात्र शनिवार को वापस लौट गए। इन सभी छात्रों ने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी है।
शनिवार को करीब तीस से अधिक जम्मू-कश्मीर के छात्र ईरान से वापस लौटे, जिससे इन्हीं के अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
इस बीच तेहरान में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के 234 छात्रों ने अपना समय ईरान में गुजारा, जो शनिवार को भारत लौट आए हैं।
इन सभी छात्रों की पढ़ाई ईरान में बंद हो गई है, क्योंकि इन्होंने अपना स्टूडेंट वीजा नहीं मांगा। ये सभी शनिवार को राहत की सांस ले ली, जिससे उनके परिवारों ने राहत की खुशबू महसूस की।
इन सभी छात्रों की पढ़ाई ईरान में अधूरी हो गई, और वे भारत में पुनः शुरू नहीं कर सकते। उनका यह काम पढ़ाई किसी भी विदेश की मेडिकल कॉलेज के साथ होगा।
विदेश में पढ़कर आये 2367 डॉक्टरों ने अपना रजिस्ट्रेशन किया है, जिससे उनकी पढ़ाई बंद हो गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनाव स्थिति के चलते ये छात्र शनिवार को वापस लौट गए। इन सभी छात्रों ने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी है।
शनिवार को करीब तीस से अधिक जम्मू-कश्मीर के छात्र ईरान से वापस लौटे, जिससे इन्हीं के अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
इस बीच तेहरान में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के 234 छात्रों ने अपना समय ईरान में गुजारा, जो शनिवार को भारत लौट आए हैं।
इन सभी छात्रों की पढ़ाई ईरान में बंद हो गई है, क्योंकि इन्होंने अपना स्टूडेंट वीजा नहीं मांगा। ये सभी शनिवार को राहत की सांस ले ली, जिससे उनके परिवारों ने राहत की खुशबू महसूस की।
इन सभी छात्रों की पढ़ाई ईरान में अधूरी हो गई, और वे भारत में पुनः शुरू नहीं कर सकते। उनका यह काम पढ़ाई किसी भी विदेश की मेडिकल कॉलेज के साथ होगा।
विदेश में पढ़कर आये 2367 डॉक्टरों ने अपना रजिस्ट्रेशन किया है, जिससे उनकी पढ़ाई बंद हो गई है।