सरकार ने ग्लोबल एयर क्वालिटी रैंकिंग पर कहा, यह ऑफिशियल नहीं है। विकसित दुनिया में एयर क्वालिटी रैंकिंग सिर्फ सलाह है और सरकार बाहरी रिपोर्ट पर पॉलिसी बनाती नहीं।
वनमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भारतीय संसद में कहा, "हम देश की जरूरत, भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं। कोई भी ग्लोबल अथॉरिटी ऑफिशियली देशों को रैंक नहीं करती।"
वनमंत्री ने कहा, "भारत का पब्लिक हेल्थ और एनवायर्नमेंटल क्वालिटी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (NAAQS) का गठन किया है। यह संस्था 12 मानकों पर काम करती है और हम अपने शहरों को बेहतर वायु स्वच्छता बनाने के लिए नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत सर्वे करते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हम किसी भी ग्लोबल रैंकिंग को आधार बनाते नहीं और हम अपने मानकों को स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर नियम बनाते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "करीब 9 महीने पहले, एक ग्लोबल सर्वे में दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया था। लेकिन हम अपने शहरों को बेहतर वायु स्वच्छता बनाने के लिए प्रयासरत हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हम ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स से भारत की पॉलिसी नहीं बनाते। हम अपने देश की जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हमारा सरकार क्लाइमेट इंडेक्स से भारत की पॉलिसी नहीं बनती। हमारा सरकार देश की जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हम ग्लोबल रैंकिंग से भारत की पॉलिसी नहीं बनाते। हमारा सरकार देश की जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं।"
वनमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भारतीय संसद में कहा, "हम देश की जरूरत, भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं। कोई भी ग्लोबल अथॉरिटी ऑफिशियली देशों को रैंक नहीं करती।"
वनमंत्री ने कहा, "भारत का पब्लिक हेल्थ और एनवायर्नमेंटल क्वालिटी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (NAAQS) का गठन किया है। यह संस्था 12 मानकों पर काम करती है और हम अपने शहरों को बेहतर वायु स्वच्छता बनाने के लिए नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत सर्वे करते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हम किसी भी ग्लोबल रैंकिंग को आधार बनाते नहीं और हम अपने मानकों को स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर नियम बनाते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "करीब 9 महीने पहले, एक ग्लोबल सर्वे में दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया था। लेकिन हम अपने शहरों को बेहतर वायु स्वच्छता बनाने के लिए प्रयासरत हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हम ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स से भारत की पॉलिसी नहीं बनाते। हम अपने देश की जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हमारा सरकार क्लाइमेट इंडेक्स से भारत की पॉलिसी नहीं बनती। हमारा सरकार देश की जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं।"
वनमंत्री ने कहा, "हम ग्लोबल रैंकिंग से भारत की पॉलिसी नहीं बनाते। हमारा सरकार देश की जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने मानक बनाते हैं।"