थ्री-लेयर सिक्योरिटी में रहने वाला नक्सली हिड़मा कैसे फंसा: मुखबिर से खबर मिली, ग्रेहाउंड फोर्स ने घेरकर मार गिराया; एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी

बिल्कुल निष्पक्ष तौर पर देखें, ये नक्सली हमला और जंगल में घुसपैठ करना बहुत बड़ा खतरा है... किसानों को खेतों में ध्यान रखना पड़ता है, लेकिन नक्सलियों की इस तरह से घुसपैठ करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। और तो यह, जंगल में घायल या फंसे लोगों की मदद करने के लिए हमें अपने आस-पास के जंगलों में इनामी हिड़मा जैसे स्थानीय लोगों को पहचानने और उनका भरोसा करना चाहिए। इससे हमें नक्सली हमलों से निपटने में मदद मिल सकती है...
 
अरे, ये खबर बेहद ही दुखद है … पुलिस और आरएफ ने जंगल से बाहर निकाले गए लोगों को देखकर तो मेरा मन भी खुश हुआ था, लेकिन फिर पता चलने पर वे नक्सली विद्रोही थे … ये बात बहुत ही ज्वलंत है … सुरक्षा प्राथमिकता किसी भी देश के होनी चाहिए, लेकिन जैसे ही ऐसी घटनाएं घटती हैं तो सरकार और पुलिस पर सवाल उठने लगे तो मुझे लगता है … और ये बात भी सच है कि हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए …
 
बातचीत है छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच, तो ये अच्छी बात है। नक्सलवादी लोगों पर कब्जा करने में सरकार को सफलता मिल रही है, लेकिन जंगलों में भी सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। यहाँ भी मरेडुमिल्ली जंगल में हुए एनकाउंटर से पहले कुछ नक्सलवादी लोग इस इलाके में छिपे रहते थे। अब ये अच्छा अवसर है कि सरकार ने इन लोगों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी। मुझे लगता है कि पुलिस और आर्मी की सुरक्षा तंत्र इस तरह से मजबूत होना चाहिए कि नक्सलवादी लोगों को पकड़ने के बाद भी उनकी हरकतों पर नज़र रखी जा सके।
 
बड़े बड़े सवाल उठते हैं ये नक्सलवादी लोग कौन थे, उनकी जिंदगी क्या थी, फिर वो इतने खतरनाक बन गए? 🤔 कुछ भी पूछें तो नक्सलवाद के बारे में सभी एक ही कहानी कहते हैं - पैसा, डर, और जंग। लेकिन हमेशा याद रखना चाहिए कि नक्सलवाद हमारा अपना देश नहीं है। वह हमारे समाज का एक हिस्सा हैं, जो गलत रास्तों पर चलने लगे। सरकार उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन पुलिस और सेना को भी पता चलता है कि नक्सलवादी कितने खतरनाक हैं। तो फिर हम क्या कर सकते हैं? केवल आराम करने का मौका नहीं देते। हमें नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने के लिए अपनी सुरक्षा और समाज की सुरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।
 
Back
Top