भारत में धार्मिक स्थलों पर किसी भी धर्म के लोगों को समान रूप से आने-जाने का अधिकार होना चाहिए। सरकार ने ऐसा क्यों कह दिया? यमुनोत्री, बदरी-केदार और गंगोत्री जैसे पवित्र स्थल जहां लोग हर साल भीड़भाड़ में आते हैं वहीं उन्हें बंद कर दिया। तो क्या अन्य धर्मों के लिए यह नियम नहीं है?