टाइगर और सोनाक्षी की फैन हैं कुंभ की मोनालिसा: बोलीं- फिल्मों के लिए हिंदी पढ़ना-लिखना सीखा, मूवी हिट हुई तो बनवाऊंगी स्कूल - Uttarakhand News

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में एक ही वायरल गर्ल, जो रुद्राक्ष की माला बेचकर आयु 17-वर्षीय थी, ने बॉलीवुड में अपनी पीढ़ी को लुभाया। इस फिल्म में उनकी भूमिका एक प्रतिभाशाली लड़की की है, जिसे अपने गांव को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करने का सपना देखने की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि ये फिल्म एक अच्छा तरीका है कि हमारी पीढ़ी को अपने सपनों को बनाने के लिए उत्साहित करे। लेकिन मुझे लगता है कि यह फिल्म कुछ देर तक चलने के लिए पर्याप्त नहीं है। 🤔

अगर हमारी पीढ़ी अपने सपनों को बनाने के लिए जोर देती है, तो मुझे लगता है कि हम आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकते हैं। यहाँ एक छोटा सा डायग्रम है जिस पर मैंने अपने विचारों को दर्शाते हुए बनाया है।

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| पीढ़ी | सपने
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| आर्थिक | स्वतंत्रता
| स्वतंत्रता |
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| ज्ञान | शक्ति
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ये तो पूरे देश में एक ही सवाल है - क्या युवाओं को नौकरी और रोटी की तलाश में फिल्मों के माध्यम से कला की शिक्षा मिलती है? वायरल गर्ल की कहानी तो सचमुच प्रेरणादायक है, लेकिन इसके पीछे यह सवाल दिलचस्प है कि हमारे शिक्षा सिस्टम में बदलाव कैसे होगा ताकि युवाओं को ऐसी चीजों में रुचि हो।
 
अरे यह तो बहुत अच्छी खबर है! प्रयागराज महाकुंभ 2025 में वायरल हुई लड़की ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई है और इस फिल्म की कहानी सुनकर लगता है कि वह देश की नई पीढ़ी की ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है। रुद्राक्ष की माला बेचकर आयु 17-वर्षीय थी, लेकिन अब वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिलचस्प यात्राओं पर निकल पड़ी हैं और इस फिल्म के माध्यम से हमें उनकी जिंदगी की कहानी सुनाई गई है। यह एक अच्छा संदेश है कि हमारी पीढ़ी भी अपने गांवों और समुदायों में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए काम कर सकती है।
 
क्या हुआ, भाई... 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में वायरल गर्ल तो थी, लेकिन हमारी फिल्म उद्योग में कोई नया ट्विस्ट नहीं आ रहा है? यह फिल्म तो 17-वर्षीय लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो रुद्राक्ष की माला बेचकर आयु से बड़ी लगती है। परंतु, मेरा सवाल यह है कि यह फिल्म हमारी युवाओं को सपनों की दिशा में चलने के लिए प्रेरित करेगी या नहीं? 🤔
 
अगर तुम्हारी खुशियों और सपनों की तस्वीरें वायरल होती हैं तो फिर यह बात कहीं भी समझाई नहीं जा सकती, लेकिन अगर तुम्हारी एक्सप्रेसन में मेहनत और उत्साह मिलेगा तो वाकई देश के हर कोने से प्यार होगा।
 
प्रयागराज महाकुंभ 2025 में वायरल गर्ल की कहानी तो बहुत प्रेरणादायक है 🤩। जैसे की वह अपने गांव का नाम बदलकर रुद्राक्ष चौक से लेती, फिल्म में उनकी भूमिका देखने पर लगता है की वो किसी भी बाधा को नहीं मानने की तैयार है। लेकिन फिर, वह फिल्म में अपने गांव को बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकती है? यह सोचते समय, मुझे लगता है की हमें पहले अपने घरों और आसपास के वातावरण को अच्छा करना चाहिए। जैसे की हमारे घरों में अधिक पौधे लगाना, वायु प्रदूषण कम करना आदि।
 
प्रयागराज महाकुंभ 2025 की वायरल गर्ल की फिल्म बॉलीवुड में आने से पहले तो मुझे थोड़ा सा निराशा हुई, लेकिन अब देखना मजेदार होगा कि क्या उनकी खूबसूरती और प्रतिभा परोसी जाएगी। लेकिन मैं सोचता हूं कि इन फिल्मों में हमेशा एक गलत धारणा रहती है - यानी यह कि बॉलीवुड के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को सिखाया जा रहा है। लेकिन क्या वास्तव में इन फिल्मों से हमारे बच्चों को कुछ नया सीखने को मिलता है? 🤔
 
यह तो बहुत ही रोचक है! मैंने भी उसकी फिल्म का नज़रिया देखा है, और मुझे लगता है कि वह बहुत ही प्यारी लड़की है। लेकिन जब मैं उस फिल्म को देखता हूँ, तो मुझे कभी-कभी ऐसा लगता है कि उसकी कहानी थोड़ी से वास्तविक नहीं हो पाती। क्योंकि 17 वर्ष की उम्र में भी वह इतनी अच्छी अभिनेत्री बन गई? मुझे लगता है कि उस फिल्म को थोड़ा सा बदलना चाहिए, ताकि उसकी कहानी हमें थोड़ी से वास्तविक लगे। लेकिन इस बात से मैं पूरी तरह से सहमत हूँ कि वह एक बहुत ही प्रतिभाशाली लड़की है और हमें उसकी पीढ़ी को देखने का मौका मिल रहा है। 🤔
 
क्या यह सच है? ये 17-वर्षीय लड़की पहले से ही इतनी प्रतिभाशाली थी, जो तभी बॉलीवुड में अपनी पीढ़ी को लुभाने के लिए आयी? लगता है कि जिंदगी हमें कभी-कभी ही अवसर देती है, और यह लड़की ने भी अपने अवसर को अच्छी तरह से समझा है। हमें भी अपने जीवन में ऐसे अवसरों को पहचानने की कोशिश करनी चाहिए, और उन्हें अच्छी तरह से उपयोग करना चाहिए।
 
मैंने भी पहले कभी प्रयागराज महाकुंभ नहीं जा चुकी हूँ, तो यह बात थोड़ी अजीब लग रही है कि एक ही लड़की इतनी वायरल हो गई। मुझे लगता है कि फिल्मों में अभिनेताओं की उम्र बहुत ज्यादा नहीं दिखाई देती, तो यह भी थोड़ा अजीब लग रहा है।
 
मेरे मन में यह सवाल तो आता है कि 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में वायरल गर्ल जैसी युवाओं की हमारी सिनेमा दुनिया में क्यों नहीं थी। हमारे देश में खूबसूरत लड़कियां होती रहती हैं और उनके पास भी कला और अभिनय में बुद्धिमत्ता होती है, लेकिन फिर वे कहीं और जाकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करती हैं।
 
मुझे लगता है कि ये फिल्म अच्छी कोशिश कर रही है, लेकिन हमें यह सोचना चाहिए कि क्या इस तरह की भूमिकाएं हमारी पीढ़ी को सही रास्ता दिखा रही हैं? क्या हमारे गांव में कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे लोग अपने सपनों को देख सकें।
 
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