ट्रेन से उतरते ही फिसली युवती… आगे जो हुआ, CCTV में कैद हुआ वीडियो

बीजेपी नेता किसान रोहन भाटिया को यूपीए सरकार ने बनाया पुलिस अधीक्षक, यहां तक कि उनके खिलाफ आरोप भी लगाए गए।
 
क्या तो बहुत ही अजीब है 🤔। यह तो एक दूसरे को गले लगाने की बात है। किसान रोहन भाटिया को पुलिस अधीक्षक बनाया जाए तो अच्छा है, लेकिन उनके खिलाफ आरोप लगाने से क्या मतलब? यह तो एक बड़ा मुद्दा है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। अगर वास्तव में उन पर आरोप लगे हैं तो उन्हें न्याय की प्रक्रिया से गुजरना चाहिए, न कि बस एक ही पक्ष का समर्थन करना। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि सरकार सच्चाई की तलाश में रहेगी और सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।
 
यह तो बहुत ही अजीब बात है कि सीनियर नेताओं को जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे उनकी भूमिका भी बदलती जा रही है। अब यूपीए सरकार में तो पुलिस अधीक्षक बनाए गए, जिनसे पहले वह किसानों की बात करने जा रहे थे। और सबसे अजीब बात यह कि उनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, तो लगता है कि विपक्ष में से भी नेताओं को अपने बीच भ्रष्टाचार की चाल चलने की जुगतला करनी पड़ रही है।
 
बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है 🤕. बीजेपी से जुड़े किसान रोहन भाटिया को यूपीए सरकार ने पुलिस अधीक्षक बनाने में उनकी सफलता का श्रेय दिया गया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि उन पर लगाए गए आरोपों को कैसे स्वीकार किया गया।

किसान रोहन भाटिया पर आरोप लगाते हुए कई मामले दर्ज हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और अन्य विभिन्न अपराध शामिल हैं। लेकिन पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति के बाद, इन आरोपों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

इस मामले से हमें यह समझना चाहिए कि पुलिस अधिकारियों को अपने पद का उपयोग जिम्मेदारी से नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अन्याय के लिए करने का खतरा है।
 
ਕੀ ਹੈ ਲੋਕ, ਇਸ ਨਵੇਂ ਬਣੇ 'ਰਾਜ਼ੀ' ਪੁਲਿਸ ਅਧੀਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਛਤਾ... 🙄 ਕਿਸੇ ਵੀ 'ਸਾਨ' ਕੋਲ ਜ਼ਮੀਨ ਬੁੱਢੀ-ਗੰਦੀ ਹੈ, ਆਖ਼ਰ ਉਹ ਇਥੇ 'ਸਪੋਰਟਿੰਗ' ਕਰਨ ਲੱਗ ਪਏ... 🤣 ਵੀ ਡੈਂਟਿਸਟ ਬਣਾਉਣ 'ਚ ਆਮ ਲੋਕ ਅਜ਼ਾਦ ਹਨ, ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ...
 
ਅਰੇ ਵੀ ਕਿਆ ਹੋਇਆ? ਇੱਕ ਬੀਜੇਪੀ ਨੇਤਾ, ਕਿਸਾਨ ਰੋਹਨ ਭਟੀਆ ਨੂੰ ਉਪ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਅਖ਼ਬਾਰ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਐਡੀਸ਼ਨਲ ਕੈਬਨਟ ਵਜੋਂ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ... ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਈ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਗਿਆਦਾਂ ਖੋਲ੍ਹ ਦਿੱਤੀਆਂ ਹਨ!
 
वाह वाह! यह बात तो बहुत ही दिलचस्प है... क्या रोहन भाटिया को ऐसा पद मिलना चाहिए? पहले उन पर आरोप लगाए गए और फिर सरकार उन्हें पुलिस अधीक्षक बना देती है? यह तो बहुत ही अजीब सी बात है। लोगों को लगता है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सच नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्हें पद दिया गया। इसका मतलब यह हो सकता है कि सरकार को लगता है कि रोहन भाटिया को अपने पक्ष में रखने के लिए कुछ करना पड़ रहा है। लेकिन इससे सामान्य नागरिकों की भर्ती हुई जानकारी और उनके विश्वास पर प्रभाव पड़ सकता है। 🤔
 
Back
Top