अमेरिका के टैरिफ द्वारा चुनौतियाँ बढ़ने पर भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाया दम। विश्लेषकों की आशंकाओं को पूरी तरह से बदलने वाली जीडीपी में 8.2% दर, सरकार की रिपोर्ट से पता चलता है। इस मजबूत प्रदर्शन ने चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) को खुशी में देखा, जिसने बाजारों और उपभोक्ताओं की मांग में सकारात्मक बदलाव का उल्लेख किया।
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी 7.8% थी, जबकि पिछली तिमाही में यह केवल 5.6% पर थी। ऐसे में 8.2% का आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और मजबूती का प्रमाण है।
अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने से कई विश्लेषकों को आशंका थी, लेकिन इसके उलट, जीडीपी में आई तेज बढ़त ने दिखाया कि भारत की आर्थिक संरचना कितनी सुदृढ़ है। बृजेश गोयल के अनुसार, इस मजबूती के पीछे व्यापारियों की निर्णायक भूमिका रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खपत बढ़ने और GST कटौती का सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर साफ दिखा है। सस्ती हुई वस्तुओं के कारण लोगों की खरीददारी बढ़ी, जिससे बाजारों में रौनक लौटी और पक्के बिल से होने वाला कारोबार भी तेज हुआ। GST कलेक्शन बढ़ने और नए रजिस्ट्रेशन बढ़ने को भी अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधार का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
फेस्टिव सीजन में 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिसने कुल आर्थिक गतिविधियों को और गति दी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन बढ़ा है और फैक्ट्रियों की गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे समग्र विकास दर को मजबूत समर्थन मिला।
CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग का मानना है कि मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए आने वाली तिमाही में जीडीपी 9% का आंकड़ा भी पार कर सकती है। उनके मुताबिक, घरेलू मांग और व्यापारियों की सक्रियता में वृद्धि अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सहारा है।
शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी, निवेशकों का बढ़ा भरोसा। आज भारतीय शेयर बाजार ऐतिहासिक उछाल के साथ खुला. सेंसेक्स 86,150 और निफ्टी 26,300 के पार पहुंच गया.
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी 7.8% थी, जबकि पिछली तिमाही में यह केवल 5.6% पर थी। ऐसे में 8.2% का आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और मजबूती का प्रमाण है।
अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने से कई विश्लेषकों को आशंका थी, लेकिन इसके उलट, जीडीपी में आई तेज बढ़त ने दिखाया कि भारत की आर्थिक संरचना कितनी सुदृढ़ है। बृजेश गोयल के अनुसार, इस मजबूती के पीछे व्यापारियों की निर्णायक भूमिका रही है।
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फेस्टिव सीजन में 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिसने कुल आर्थिक गतिविधियों को और गति दी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन बढ़ा है और फैक्ट्रियों की गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे समग्र विकास दर को मजबूत समर्थन मिला।
CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग का मानना है कि मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए आने वाली तिमाही में जीडीपी 9% का आंकड़ा भी पार कर सकती है। उनके मुताबिक, घरेलू मांग और व्यापारियों की सक्रियता में वृद्धि अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सहारा है।
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