Trump New Tariffs: ट्रंप बोले- ग्रीनलैंड की सुरक्षा अहम, एक फरवरी से डेनमार्क समेत आठ देशों पर लगेगा 10% टैरिफ

ट्रंप ने घोषणा की है कि अगले महीने से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगेगा।
 
🤔 तो यह अच्छी बात है कि अमेरिका ने अपनी खुद की आर्थिक सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाए हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यूरोपीय देशों पर लगने वाले आयात शुल्क से उनके हथियार उद्योग पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। अमेरिकी निर्यातियों पर लगने वाले शुल्क को कम करके उन्हें मदद करना चाहिए, नहीं तो दुनिया में आर्थिक संतुलन का संतुलन बनाना मुश्किल होगा। 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि ट्रम्प ने इस फैसले में अपनी राजनीतिक रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। क्या यह वास्तव में उनके लिए एक अच्छा विकल्प था, इसकी जांच करनी चाहिए। तो यह सुनिश्चित होना चाहिए कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राजनीति को कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा।
 
अरे, ये ट्रंप को मिली है दुनिया की निगाहें... 🤦‍♂️ डेनमार्क से लेकर फिनलैंड तक, सभी देशों पर आयात शुल्क लगाना एक बड़ा निर्णय है। मुझे लगता है कि ये ट्रंप को बाजारों में अपना प्रभाव बढ़ाने की जरूरत थी। लेकिन अब देखना दिलचस्प होगा कि यह निर्णय हमारे व्यापार पर कैसा असर डालेगा। कुछ देशों में शायद आयात शुल्क बढ़ने से उनके उद्योगों पर दबाव पड़ेगा, लेकिन फिर भी अमेरिकी उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। 🤑
 
अगर कोई देश अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसी कोशिश कर रहा है तो हमें उसका सम्मान करना चाहिए 😊। यह आयात शुल्क जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे बड़े देशों के लिए प्रभावशाली हो सकता है। लेकिन भारत के लिए यह एक बड़ी चुनौती हो सकती है क्योंकि हमारे साथ व्यापार करने वाले कई देश इस तरह के आयात शुल्क में नहीं आने देंगे। 🤔
 
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अगले महीने से यूरोप के कई देशों से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगेगा। यह बहुत ही रोचक मामला है क्योंकि इससे हमें पता चलता है कि अमेरिका अब भी अपने व्यापार संबंधों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।

लेकिन अगर हम इस बात पर ध्यान दें कि यूरोप के इन देशों में कई बड़े उत्पादक और भंडारण इकाईयां हैं, तो यह 10 फीसदी आयात शुल्क बहुत ही बुरा संकेत लग सकता है। इससे हमें उम्मीद नहीं होनी चाहिए कि यूरोपीय देश अमेरिकी उत्पादों के लिए खुले रहेंगे।

इसलिए, यह समय है कि हमें अपने व्यापार संबंधों पर पुनः विचार करना चाहिए और नए रूटबेज़ ढूंढने की जरूरत है।
 
अमेरिकी ट्रंप के देश में तो कुछ ही चल रहा है... यह आयात शुल्क बढ़ाना एक अच्छा निर्णय नहीं लगता 🤔। अगर हमारे देश से जितना सामान वो लेते हैं उनके देशों में उतना ही सामान हमें बेचते हैं तो शायद यह आयात शुल्क एक पक्ष में फायदा नहीं करता 🤑। और अगर वो देश हमारे जैसे ही विकासशील हैं तो उन्हें इतना आर्थिक दबाव महसूस करना चाहिए कि वे अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने की कोशिश करें। 🤷‍♂️
 
अमेरिका को ऐसा करने की जरूरत नहीं थी, देश की आर्थिक स्थिति तो और भी खराब हो सकती है… 👎 ट्रंप जी को ये सोचकर मुझे बहुत बुरा लगा। विदेशों में अमेरिकी उत्पादों पर इतना शुल्क लगाने से लोगों को अपने पैसे की खेती करने का मौका नहीं मिलेगा।
 
अरे यारे, ट्रंप की यह बात तो खिला देने वाली है... 🤣 अमेरिका ने इंडिया से भी इतना आर्थिक दबाव डालने का मन कराया है कि अब उनके देश से हमारे जैसे देशों पर भी आयात शुल्क लगेगा। ये बहुत बड़ा झटका होगा, खासकर अगर हम दुनिया में इस तरह की ग्रोथ की बात करते हैं तो... 🤔 फिर क्यों?
 
मुझे लगता है कि ये ट्रंप की बात नहीं तो दुनिया बिलकुल और भी ज्यादा खराब हो जाएगी। ये सभी देश मेरे दोस्त हैं और हमें प्यार से कहते हैं जर्मनी, नीदरलैंड, ब्रिटेन, डेनमार्क, फ्रांस... वो लोग तो हमारे खाने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और हम उनकी चीजें भी बहुत पसंद करते हैं। अब उन्हें ये शुल्क देना होगा तो मुझे लगता है कि हमारे बीच कुछ खास निकलकर रह जाएगा।
 
अरे, ये तो दुनिया को बेचारा चूक गया है! ट्रंप ने ऐसी घोषणा की जैसे वह अपने खेल में साजिश कर रहे हों। डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाने की बात? ये तो दुनिया की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देगा! 🤯

मुझे लगता है कि यह सिर्फ अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचाने का तरीका है। ये ट्रंप के खिलाफ़ एक बड़ा बयान है, मेरे खास मंत्री। लेकिन याद रखें, सच्चाई हमेशा दूसरों से पहले सोचती है... और इस बार भी यह सच्चाई तो ट्रंप पर लगनी चाहिए! 😒
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है 🤔! यूरोप के ये देशों से आयात करने वाली सभी चीजों पर 10 फीसदी आयात शुल्क, यह तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बहुत ही मुश्किल में डाल देगा 💸। और फ्रांस से भी, जो हमारे देश का सबसे बड़ा व्यापार साथी है 🤝, यह तो बहुत ही दुखद है। लेकिन हमें यह नहीं ठीक से समझना चाहिए, ये शुल्क न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए हैं, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों के लिए भी एक बड़ा झटका हो सकता है 🌎
 
मुझे लगता है कि यह घोषणा डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन सहित यूरोपीय देशों को बहुत मुश्किल में डाल देगी। अमेरिका से आयात करने वाले सभी उत्पादों पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाने से उनके व्यापार और आर्थिक विकास पर बहुत बोझ पड़ेगा। इससे न केवल यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि यह अमेरिकी उद्योगों को भी चुनौती देगा।

लेकिन, मुझे लगता है कि यह घोषणा वास्तव में एक बड़ा निर्णय नहीं था। क्योंकि अगर हम अपने स्वयं के उत्पादन और विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, तो हम इन शुल्कों से बिना किसी समस्या के अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।
 
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