उद्धव बोले- बीजेपी वोट चुराने के बाद उम्मीदवार चुरा रही: लोकतंत्र पर अब भीड़तंत्र का कब्जा; 20 साल बाद शिवसेना भवन पहुंचे राज ठाकरे

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, "महायुति पहले वोट चुराती थी, अब उम्मीदवार चुरा रही है। देश में ऐसा माहौल हो गया है जैसे लोकतंत्र पर भीड़तंत्र का कब्जा हो।"

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा, "जहां उम्मीदवार निर्विरोध जीते, वहां दोबारा चुनाव होना चाहिए।" शिवसेना (UBT) और MNS ने भी चुनावों में धांधली का आरोप लगाया।

शिवसेना (UBT) के ठाणे प्रमुख केदार दिघे ने कहा, "पूरे राज्य में नगर निगम चुनावों में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए 68 उम्मीदवारों में, चौंकाने वाले 47 प्रतिशत (32 उम्मीदवार) अकेले ठाणे जिले के हैं।"

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "अगर विपक्षी पार्टियां नगर निगम चुनावों में महायुति उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव को चुनौती देती हैं, तो भी जनता का फैसला ही माना जाएगा।"

शिवसेना (UBT) और MNS ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी गठबंधन ने उम्मीदवारों को चुनाव से हटने के लिए मजबूर करने के लिए धमकियों और पैसे का इस्तेमाल किया।

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, "महायुति पहले वोट चुराती थी, अब उम्मीदवार चुरा रही है। देश में ऐसा माहौल हो गया है जैसे लोकतंत्र पर भीड़तंत्र का कब्जा हो।"

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा, "जहां उम्मीदवार निर्विरोध जीते, वहां दोबारा चुनाव होना चाहिए।" शिवसेना (UBT) और MNS ने भी चुनावों में धांधली का आरोप लगाया।

शिवसेना (UBT) के ठाणे प्रमुख केदार दिघे ने कहा, "पूरे राज्य में नगर निगम चुनावों में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए 68 उम्मीदवारों में, चौंकाने वाले 47 प्रतिशत (32 उम्मीदवार) अकेले ठाणे जिले के हैं।"

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "अगर विपक्षी पार्टियां नगर निगम चुनावों में महायुति उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव को चुनौती देती हैं, तो भी जनता का फैसला ही माना जाएगा।"

शिवसेना (UBT) और MNS ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी गठबंधन ने उम्मीदवारों को चुनाव से हटने के लिए मजबूर करने के लिए धमकियों और पैसे का इस्तेमाल किया।
 
मुझे लगता है कि यह तो बहुत बड़ी चिंता की बात है। नगर निगम चुनाव में निर्विरोध जीतने वाले उम्मीदवारों को दोबारा चुनाव होने चाहिए, ऐसा सही होगा। लेकिन यह तो एक सवाल है कि क्या जनता वास्तव में इस चुनौती को स्वीकार करेगी। और शायद सत्ताधारी गठबंधन ने उम्मीदवारों को दबाने के लिए कितनी मुश्किलें उठाईं, यह तो देखना होगा। मुझे लगता है कि हमें इन चुनावों की प्रक्रिया को और भी साफ करने की जरूरत है।
 
🤔 मुझे लगता है कि इन चुनावों में लगातार निर्विरोध जीतने वाले उम्मीदवारों को दोबारा चुनाव लड़ने की आवश्यकता है। इससे पार्टियों के बीच समायोजन और लोकतंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
 
यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर निगम चुनाव में ऐसी भ्रष्टाचार की घटनाएं होती जा रही हैं। यह लोकतंत्र के प्रति हमारे समाज की आलोचना करता है। मुझे लगता है कि अगर विपक्षी दलों ने चुनाव में उतरने के लिए संघर्ष करने के बजाय आरोप लगाने पर ध्यान केंद्रित करें, तो यह बहुत ही फायदेमंद होता। पार्टियां अपने वोटबैंकों को मजबूत बनानी चाहिए। मुझे लगता है कि चुनाव आयोग से इस पर नज़र रखने की जरूरत है। यह तो हमें एक बेहतर समाज बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका देता है। 💡
 
यह तो बहुत दुखद है 🤕, नगर निगम में इतनी बड़ी धांधली हो रही है। उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में इतनी बेरोक-oberूकत हो गई है, यह सिर्फ लोकतंत्र की खोज नहीं हो रही है। शहर के नागरिकों को अपना भविष्य देखने की उम्मीद थी, लेकिन अब तो यह जैसे नेताओं की पसंद में देश का भविष्य बीत रहा है। इस चुनाव में ऐसी स्थिति कैसे सामने आई, इसके पीछे कारणों को जानना जरूरी है 🤔
 
🤔 तो मुझे लगता है कि ये शहरी चुनाव बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है, आपने देखा की 68% सीटें अकेले एक जिले से ही जीत लेती हैं, यह तो किसी भी राजनीतिक दल के लिए चिंता का विषय है 📊

मैंने देखा है कि मुंबई में 32 उम्मीदवार ठाणे से ही जीते, यह बहुत बड़ा अंतर है, आपने देखा की एक जिले के लिए इतनी बड़ी मात्रा में उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, इससे हमें लगता है कि चुनावी प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ी हो सकती है 🤯

मुझे लगता है कि अगर विपक्षी दल अपने उम्मीदवारों को चुनौती देते तो देश की लोकतंत्र की स्थिरता पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए मैं कहूंगा कि चुनावों में न्यूनतम वोट पारित करने की शर्त को बनाए रखना जरूरी है 🗳️

मुंबई शहर में 18,000 से ज्यादा मतदाते हैं, लेकिन ये सभी मतदाता वोट देने के लिए तैयार नहीं हैं? यह बहुत बड़ा सवाल है, अगर हम चुनावों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाना चाहते हैं तो हमें अपनी राजनीतिक दलों से बात करनी पड़ेगी 🤝
 
भारतीय चुनाव में ऐसी बातें होने लगी हैं जो हमारे लोकतंत्र की सेहत पर असर डाल सकती हैं 🤔। नगर निगम चुनावों में उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव को देखकर मुझे लगता है कि जनता के वोट को महत्व नहीं दिया जा रहा है। यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर पूरी तरह से ध्यान देने की जरूरत है। 🗳️
 
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