अरे, ये तो बहुत ही रोमांचक मोड़ हो गया है! सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन पर रोक लगा दी, और मुझे लगता है कि यह फैसला थोड़ा अस्पष्ट है। लेकिन विपक्षियों ने इसका स्वागत किया, और बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि ये रेगुलेशन सामाजिक तनाव का माहौल बना दिए।
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जातिगत भेदभाव एक बहुत बड़ी समस्या है। सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने अदालत की टिप्पणियों पर गहरी नाराजगी जताई, और मुझे लगता है कि वे बिल्कुल सही कह रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ित वर्गों की आवाज नहीं दब गई।