UP के 74 जिलों में ब्लैकआउट, युद्ध का सायरन बजा: गोरखपुर में डमी मिसाइल गिरी, कानपुर में धमाका, मॉक ड्रिल के PHOTO-VIDEO - Uttar Pradesh News

मैंने सुना है कि उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को ब्लैकआउट हो गया, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब कुछ थोड़ा फिल्मी है। डमी मिसाइल गिरने और सुरक्षा कर्मियों की तैयारी करने के लिए विशेष अभ्यास करने की बात सुनकर मुझे थोड़ा अजीब लगा, लेकिन फिर भी यह दिखाना अच्छा है कि प्रशासन तैयार है। लेकिन मैं सोचता हूँ कि अगर ऐसा हुआ तो हमें यह नहीं पता होगा कि असल में क्या हुआ।
 
अरे, यह तो कुछ बड़ा सा था ब्लैकआउट, तो फिर इतनी चिंता क्यूँ? मैंने वहां खिड़कियाँ बंद कर लीं और घर पर ही सोने लगा। फिक्र नहीं की, दुश्मन किस बात का पता नहीं चलेगा... लेकिन फिर भी, यह तो एक अच्छा अभ्यास था, मैंने अपने बच्चों को भी बताया, अगर कभी ऐसा होता है तो कहाँ जाओ?
 
अगर मॉक ड्रिल में इतनी चिंता है तो अभ्यास से पहले खुद को वास्तविक स्थिति में फंसा लें। क्या यह मॉक ड्रिल वास्तव में नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी है? मुझे लगता है कि अभ्यास के बाद खुलकर चर्चा करनी चाहिए ताकि असली समय में सही निर्णय लिया जा सके।
 
मेरा लगता है कि ऐसे अभ्यास बहुत जरूरी हैं ताकि हमें सुरक्षित रखने के लिए तैयारी मिल सके। मॉक ड्रिल्स से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अपनी तैयारी को देखने का मौका मिलता है। अगर असली हालात में अच्छी और तेज फैसले लेने की कोशिश होती, तो ये अभ्यास बहुत जरूरी हैं। इससे हमें यह भी पता चलने में मदद मिलेगी कि हमारी तैयारियाँ से हम कैसे सुरक्षित रह सकते हैं और आगे कैसे काम कर सकते हैं।
 
शुक्रवार शाम की ब्लैकआउट ड्रिल को देखकर तो मन में खुशी हुई, यह जानकर अच्छा लगा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी तैयारी को दिखाया। लोगों ने ब्लैकआउट के समय भी अपनी घरों से बाहर नहीं आये, यह जानकर अच्छा लगा कि उन्होंने अपनी परिस्थितियों का ध्यान रखा।

मॉक ड्रिल में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी तैयारी को दिखाया, यह बहुत अच्छा है। लोगों को अभी भी सुरक्षा की जिम्मेदारी समझाने की जरूरत है, लेकिन यह जानकारी विशेषज्ञों को देनी चाहिए, न कि आम जनता को।
 
आज शाम का ब्लैकआउट वास्तव में अच्छी तरह से आयोजित हुआ। मैंने देखा कि गोरखपुर में डमी मिसाइल के घोंटने पर लोग बहुत डर गए, लेकिन फिर उन्होंने समझ लिया कि यह क्या है - चोट नहीं! वाराणसी में महिला को रस्सी से बचाने की बात तो बहुत प्रभावशाली है। और यूपी पुलिस ने अपनी तैयारियों को दिखाया, जैसे कि पोलीस डिप्टी मुखर्जी ने कहा है कि हमें आतंकवादी हमलों से बचने के लिए कदम उठाने हैं।

 
Back
Top