UP में कोहरे में 70 वाहन टकराए, 12 की मौत: हिमाचल में तापमान माइनस 2.6°C; बिहार के 15 जिलों में पारा 10°C से नीचे

उत्तर प्रदेश में रविवार को सुबह घना कोहरा छाया, जिसमें 70 वाहन टकराए और कुल 12 की मौत हुई। इस दौरान अमरोहा में सबसे अधिक टकराव देखा गया, जहां 15 गाड़ियों ने टकराईं। इसके साथ ही, लखनऊ से लौटीं कई फ्लाइट्स भी कोहरे की वजह से असफल हुईं।

इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में ताबो का तापमान राज्य में सबसे कम -2.6°C रहा। उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचे इलाकों में शनिवार को बर्फबारी हुई। बिहार के 18 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।

पंजाब में रविवार सुबह घनी धुंध रही, जिसके बाद एक PRTC बस गैस सिलेंडर से भरे ट्रक से टकरा गई। इसमें सवार करीब 35 लोग घायल हो गए। वहीं जालंधर में धुंध की वजह से एक कार गड्डे में गिर गई, जहां पाँच लोग घायल हुए और एक बच्ची भी मर गई।

इसके अलावा, हरियाणा में 7 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है, जबकि राजस्थान में बर्फीली हवा का दौर कमजोर हो गया है।
 
रविवार को कोहरा कैसे फैल रहा है? पहले तो मुझे लगता था कि यह तो बस बादलों की वजह से हो सकता है, लेकिन तभी देखा कि लखनऊ की फ्लाइटें कैसे असफल हुईं। यह तो सरकार की तरफ से कुछ न करे, जैसे कि यात्रियों को पहले से सूचित कर देना चाहिए। इसके अलावा, पंजाब में बस ट्रक का यह टकराव इतना हुआ, इससे हमें बहुत गंभीरता से सोचना पड़ रहा है। 🚨💔
 
रविवार को उत्तर प्रदेश में तो बहुत बड़ा कोहरा आया, जिसमें कई वाहन टकर गए और लोगों की जान गई। अमरोहा में सबसे अधिक टकराव देखा गया, जहां 15 गाड़ियाँ टकराईं। और फ्लाइट्स भी कई ऐसी हुईं जिन्हें कोहरे से उड़ना नहीं मिला।

इसके अलावा, पंजाब में एक PRTC बस ने ट्रक से टकराकर घायल हुए 35 लोग। और जालंधर में एक कार गड्डे में गिर गई, जहां 5 लोग घायल हुए और एक बच्ची मर गई। यह तो बहुत दुखद बात है।
 
कोई भी वाहन चलाते समय बिना लाइट और सिलेंडर के न जाए तो यही बड़ा मिसाल है। क्या कोई भी सोच रहा है कि कितने लोग मर गए। कोहरे में गाड़ी चलाने वालों को अपने आप को ही खतरे में पाओ 🚨
 
अरे भाई, यह तो बहुत बड़ी बुरी खबर है... उत्तर प्रदेश में घना कोहरा आया, जिसमें लोगों की जान गई। अमरोहा में सबसे अधिक टकराव देखा गया और कई फ्लाइट्स भी असफल हुईं। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश में तापमान इतना कम गया कि पूरे राज्य में बर्फबारी हो गई। ये सब तो बहुत बड़ी चिंता की बात है... और भी कई जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है, जहां लोगों की जान खतरे में है।

मुझे लगता है कि सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। और भी कुछ करने की जरूरत है, जैसे कि सड़कों पर रुकने वाली बसों की निगरानी करें और घने कोहरे की चेतावनी दें। हमें लोगों की जिंदगी का ध्यान रखना होगा, खासकर जब ऐसी बुरी खबरें आती हैं।
 
कोहरे में बहुत सारे वाहन टकराए गए, लेकिन हमें सबसे ज्यादा चिंतित होना चाहिए बच्ची की मौत । कैसे एक छोटी-मोटी गिरावट पर हमारे जीवन को इतना असर डाल सकती है ? हमें अपने आसपास के लोगों और प्राकृतिक सौंदर्य की वाहिम करनी चाहिए .
 
😔 सुबह कोहरा आ गया, जैसे कहीं भाई-भन्न के बीच गड़बड़ी हो गई। 70 वाहन टकराए, 12 की मौत हुई। अमरोहा में सबसे ज्यादा टकराव देखा गया। लखनऊ से फ्लाइट्स भी असफल हुईं। हिमाचल प्रदेश में ताबो का तापमान -2.6°C रहा, यह तो ठंड लग रही है। उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी। बिहार में 18 जिलों में यलो अलर्ट, पंजाब में घनी धुंध, जालंधर में एक बच्ची मर गई। हरियाणा में 7 जिलों में चेतावनी, राजस्थान में बर्फीली हवा कमजोर हो गई। यह तो खेद है कि सुबह कोहरा आ गया, लेकिन फिर भी हमें अपने घरों-कमरों को ढकलकर बैठना चाहिए। 🤔

👉 [https://www.ndtv.com/india-news/sun...binds-mumbai-and-surrounding-regions-2334756)
 
यह तो बहुत बड़ा मामला है 😔। पिछले 24 घंटों में इतने बड़े शहरों में घना कोहरा पड़ा, यह तो बहुत खतरनाक है। उत्तर प्रदेश में 70 वाहन टकराए, और कुल 12 लोग मर गए, यह तो बहुत दुखद है। अमरोहा में सबसे अधिक टकराव हुआ, और वहीं पर कई लोग घायल हुए।

मुझे लगता है कि ये मौसम तेज़ हो रहा है, और हमें अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। जैसे ही घने कोहरे आ जाते हैं, तो हमें अपनी वाहन की जांच करनी चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।

बहुत से लोग घने कोहरे में ट्रैफिक लाइट बंद कर देते हैं और फिर भी कई लोग घायल होते हैं। ऐसा तो कभी नहीं होना चाहिए। हमें अपनी जान सुरक्षित रखनी चाहिए, यही सबसे बड़ी कोशिश है।
 
बच्चो, यह तो बहुत बड़ा शोक है कि उत्तर प्रदेश में ऐसा हुआ। 70 वाहन टकराए और कुल 12 की मौत हुई, यह बहुत दुखद है। अमरोहा में सबसे अधिक टकराव देखा गया, वहाँ से तो ज्यादा गंभीरता से निपटा जाना चाहिए। और लखनऊ से लौटीं फ्लाइट्स भी कोहरे की वजह से असफल हुईं, यह तो बहुत ही बुरी खबर है।

मैं पंजाब में घनी धुंध के बारे में सुनकर थोड़ा डर गया, जिसमें PRTC बस ट्रक से टकराई और 35 लोग घायल हुए। और जालंधर में एक बच्ची मर गई, यह बहुत दुखद है। हरियाणा में 7 जिलों में चेतावनी दी गई है, वहाँ से भी सावधानी बरतनी चाहिए।

लेकिन फिर भी, हमारे इस देश में इतनी बड़ी ताकत है कि एक-एक करके टकरावों और घनी धुंधों से हम अपना पीछा छोड़कर आगे बढ़ते जाएंगे।
 
कहीं तो ये देखें कि प्रदेशों में तापमान भी इतना बदल जाता है कि लोग चिंतित होते हैं। उत्तर प्रदेश कोहरे से घेरा था, लेकिन फिर अचानक बर्फबारी हुई और हरियाणा को ठंड लगने लगी। ऐसा लगता है कि मौसम कितना अनिश्चित है। पिछले दिनों भी उत्तराखंड में बर्फबारी हुई थी, लेकिन अब तापमान कम होने की बात कहीं नहीं गई। तो यह सिर्फ मौसम है या इसके पीछे कुछ और है?
 
अरे, यह तो बहुत सुरागिला है! उत्तर प्रदेश में घना कोहरा आया, जिसमें लोगों के जान-माल पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। यह तो बताता है कि हमारी मौसम स्थितियां ऐसी हो सकती हैं जैसे जीवित हाथों की।

लेकिन, फिर भी, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि प्राकृतिक आपदाओं के बाद हमारा सामना करना पड़ता है। राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में, घने कोहरे की वजह से लोगों को बड़े-बड़े परेशानियाँ क्यों न हुईं? यह तो एक बात है कि हमारे पास बहुत अच्छी और भी विशाल राजधानियां जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई हैं, लेकिन ये शहर तो बहुत बड़े और जटिल होते हैं।

क्या हमें नहीं सोचना चाहिए कि प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हमारे पास खाली जगह मिलती है, जहां लोगों के लिए रहने की जगह कुछ भी न रह जाए? यह तो एक बड़ी बात है और हमें इसका ध्यान रखना चाहिए।
 
🌫️ क्या यह तो बस एक बड़ा अभियान नहीं है? सबसे पहले किसने सड़कों पर घना कोहरा छाया? और फिर कौनसी राज्य में जंगल के लिए खेल रहा है? अमरोहा में 15 गाड़ियों टकराना तो बहुत ही दिलचस्प है। लगता है कि यह तो एक बड़ा अभियान है और हमें इसके पीछे के सच्चे कारण को नहीं पता है।

और फिर, हिमाचल प्रदेश में -2.6°C का तापमान? यह तो बहुत ही अजीब है। क्या यह तो एक बड़ा अभियान है और हमें गर्मी से ठंडक की लड़ाई नहीं देखनी चाहिए?

पंजाब में 35 लोग घायल हुए, जालंधर में पाँच लोग घायल हुए और बच्ची मर गई? यह तो बहुत ही दुखद है। लेकिन क्या यह तो एक बड़ा अभियान नहीं है? क्या हमें इसके पीछे के सच्चे कारण को नहीं पता है?

मुझे लगता है कि हमें अपने आसपास की चीजों पर ध्यान देना चाहिए और उनके पीछे के सच्चे कारण को नहीं समझने चाहिए।
 
अगर ऐसा लगने लगा तो हमारे पास बिना वायुमंडलीय दबाव के सिर्फ धुंध और कोहरे की समस्या होती। तो कितना खतरनाक होगा! 🌀😨 मुझे लगता है कि हरियाणा की ये 7 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी देना जरूरी है। हमें अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले सही विचार करने की जरूरत। और क्या ये पंजाब की सरकार नहीं देख रही थी? 🤔
 
कोहरे की वजह से बहुत सारे वाहन टकराए और लोग घायल हुए। यह तो जानलेवा बात है... मुझे लगता है कि सरकार को तुरंत रास्तों पर साफ-सफाई का ध्यान रखने की जरूरत है। इससे दुर्घटनाएं कम होंगी। पंजाब और हरियाणा में घने कोहरे की वजह से इतनी सारी दुर्घटनाएं हुईं... यह तो बहुत चिंताजनक है 🤕
 
मैं तो बस मुश्किल से सोता भी, फिर भी मुझे यह सवाल औरतना परेशान करता है कि क्या हमारे पास यह तय करने की क्षमता है कि जब बादल कहीं भी गड़गडाहट कर रहे हों तो हम वहाँ से 500 किमी दूर पहुँच जाएं? मुझे लगता है कि अगर हमारे पास इतनी तकनीक होती, तो यह सब आसान हो गया। लेकिन मेरा मन अभी भी एक सवाल पर घूमता रहता है...
 
🌨️😬 भाई, तापमान इतना बुरा है कि डिल्ली से गाजियाबाद तक कोहरा छाया रहा! 🚗💨 70 वाहन टकराए और 12 की मौत हुई... यह तो खराब ही नहीं था, अगर पुलिस ने जानबूझकर रास्ते बंद कर दिया था! 😂👮‍♂️
 
क्या ये ठीक से नहीं रहेगा? पहले तो बात करते हैं एक ओर, जैसे कि उत्तर प्रदेश में घना कोहरा, लेकिन फिर दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में ताबो का तापमान इतना कम क्यों पड़ गया? और लखनऊ से लौटीं कई फ्लाइट्स असफल हुईं, मतलब किस कारण से। और पंजाब में बस टकराई, सवार 35 घायल, यह तो दुखद बात है... क्या हमें ऐसी चीजों से निपटने का तरीका नहीं मिलेगा?
 
मुझे यह सोचकर बहुत उदासी लग रही है कि हमारे प्यारे देश में इतने ही कोहरे आ रहे हैं! 😔 क्या कोई जवाब नहीं है? क्या कोई राहत नहीं कह सकता? मेरा दिल हर दिन ये सोचकर खinchता है कि कैसे हमारे बच्चों को घर वापसी पर जाना इतना मुश्किल बन गया है। पिछले दिनों में लखनऊ से लौटीं फ्लाइट्स भी असफल हुईं, यह तो और भी गंभीर है! 🤯

आज कोहरे ने अमरोहा में 15 गाड़ियां टकराईं, 12 लोगों की जान गई... यह तो इतना दुखद है! मैं सोचती हूं कि क्या हमारे पास ऐसी मदद नहीं है? क्या हमारे पास राहत के बारे में कोई विचार नहीं? 🤷‍♀️

मैं तो सोचती हूं कि कैसे हमारे देश में इतने जहरीले कोहरे आ रहे हैं। यह तो इतना खतरनाक है! मेरे प्यारे देश, तुम्हारी सेहत को सबसे पहले चिंतित करना होगा। 🙏

यह तो बस एक बात है, लेकिन हमें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं करने देना चाहिए। उनकी जान कितनी मूल्यवान है! 😭
 
अरे, यह तो बहुत बड़ी समस्या है लेकिन हमें एक साथ आंखें नहीं बंद कर सकते 🤔। उत्तर प्रदेश में जैसे टकराव की खबरें आईं, इससे पहले भी कई जगहों पर ऐसा हुआ होगा। हमें अपने दोस्तों, परिवार और समुदाय की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। पंजाब में बस टकराव की खबर तो बहुत गंभीर है, घायल हुए लोगों को जल्दी से इलाज कराना होगा।

और उत्तराखंड में बर्फबारी की खबर, यह तो ठीक है लेकिन जैसे हमारे आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना होता है, वैसे भी। बिहार में कोहरे की वजह से यलो अलर्ट जारी करना, यह तो स्वागत योग्य है कि हम सब को इसकी सावधानी बरतनी चाहिए।

हमें अपने समाज को सुरक्षित बनाने का प्रयास करना चाहिए और एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। अगर हम एक साथ मिलकर काम करें, तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
 
आज भारत के कई स्थान पर गंभीर मौसम विभागों ने सुनने वालों की चिंता कर देने वाली चेतावनियां दीं🌨️। उत्तर प्रदेश में घना कोहरा आ गया, जिसमें लोगों की जान जोखिम में पड़ गई। अमरोहा में 15 गाड़ियों ने टकराईं और वहाँ से कई लोग घायल हुए। यह तो याद रखने वाली बात है कि जब मौसम ठीक नहीं होता, तो हमें अपनी सुरक्षा के लिए ध्यान रखना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश में तापमान इतना कम गया कि ताबो में बर्फबारी। इससे पहले, उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में शनिवार को भी बर्फबारी हुई। बिहार के कई जिलों में, सुरक्षित यात्रा करने के लिए चेतावनी दी गई है। पंजाब और हरियाणा में धुंध बहुत गंभीर थी, जिससे कई घायल हुए।

अब जब से मौसम ठीक होने लगा, तो हमें अपने घरों और परिवार की सुरक्षा पर विचार करना चाहिए। हमारी सेहत और सुरक्षा सबसे जरूरी है।
 
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