उत्तराखंड भूकंप के सबसे ज्यादा खतरे वाले जोन में शामिल: देश का 61% हिस्सा खतरे की श्रेणी में, हिमालयन रीजन पहली बार जोन-6 में शामिल - Dehradun News

उत्तराखंड भूकंप का खतरा बढ़ गया है। अब देश का 61% इलाका खतरे की श्रेणी में आता है। पूरे हिमालय क्षेत्र को पहली बार जोन-6 में शामिल किया गया है, जहां खतरा सबसे अधिक है।

पूर्व में, उत्तराखंड में दो जोन थे, जिनमें से एक जोन-5 था, जबकि दूसरा जोन-4 था। लेकिन अब नई गणनाओं के अनुसार, पूरे उत्तराखंड को जोन-6 में रखा गया है, जहां खतरा सबसे अधिक है। इससे शहरी योजनाकार और इंजीनियरों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करना होगा।

नई गणनाओं के अनुसार, देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहर भी खतरे की श्रेणी में आते हैं। इससे इन शहरों में निर्माण को लेकर नई रणनीतियां बनानी पड़ेंगी।

भूकंप का खतरा बढ़ने से निवासियों को चिंता होगी। इसलिए, सरकार और योजनाकारों को इस पर विशेष ध्यान देना होगा।
 
नर्सरी में बैठे बच्चे की तरह हमेशा तैयार रहना जरूरी है 🤔। भूकंप का खतरा बढ़ जाने से हमें अपने आसपास की चीजों को देखने की जरूरत है। मुझे लगता है कि सरकार और योजनाकरों को हमेशा आगे में तैयार रहना होगा। अब शहरों में भी जोन-6 शामिल हो जाना खतरनाक है, चाहे वह देहरादून या ऋषिकेश हो। बच्चे खेलते समय सावधानी से चलना जरूरी है, इसलिए हमारे घरों में भी ऐसा ही रहना होगा।
 
🤣 तो यही तो लगता है कि उत्तराखंड में भूकंप का खतरा बढ़ गया है, अब वहां पर निवासियों को भी खाली पैसे से रख देने का मौका मिल जाएगा! 😂

लेकिन गंभीरता से बात करते हुए, यह खतरा बढ़ने से शहरों के विकास को लेकर कई सवाल उठते हैं... 🤔 जैसे देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहर भी खतरे की श्रेणी में आते हैं, तो इन शहरों के निवासियों को भी अपने घरों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहना होगा।

सरकार और योजनाकारों को न केवल देश की सुरक्षा के बारे में सोचना होगा, बल्कि शहरों के विकास के लिए भी रणनीतियां बनानी होंगी। 🤝
 
😒 अब तो उत्तराखंड में भी पुलिस की तरह सुरक्षा में रोमांच छिप गया है। जोन-6 में शामिल होने से यहाँ पर खतरा बढ़ गया है, लेकिन शहरों में निर्माण को लेकर नए सोच की जरूरत तभी आएगी। देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहरों में भी अब खतरे की श्रेणी में आने से निवासियों को चिंता होगी, इसलिए सरकार और योजनाकारों को विशेष ध्यान देना होगा। इससे पहले हमें अपने घरों की गोद में ही रहना ही था, अब यहाँ तक कि सुरक्षा में भी बीमारी लाने की जरूरत तभी आएगी। 🚨
 
भूकंप की गणनाएं बदलने से सबको फिर मंदी में आ जाएगी, पुराने घर बेचने को कहीं न कहीं पड़ेगा 🤦‍♂️। सरकार और योजनाकारों को निवासियों की चिंताओं पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि वे अपनी जिंदगी को सुरक्षित रख सकें 🙏
 
मेरी माँ की भाई की बहन का पति उत्तराखंड में नौकरी करता है तो वह सोच रहा है कि अगर भूकंप आता है तो उनके घर को चोट नहीं पहुंचेगा। लेकिन अभी तक उसने अपने घर का बीमा नहीं कराया है। मैंने उसे कई बार बताया है, लेकिन वह नहीं सुन रहा है तो अब मुझे उसकी चिंता करनी पड़ेगी।
 
ये अच्छी बात नहीं है कि उत्तराखंड पूरे जोन-6 में आ गया है। इससे निवासियों को और भी अधिक चिंता होगी। शहरों में निर्माण करने की योजनाएं तय करने में लंबाई आएगी। देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहरों में भी खतरे की श्रेणी में आना ठीक नहीं है। इससे पर्यटन सेक्टर पर भार देना पड़ेगा।
 
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