उत्तराखंड के गंगोत्री में तापमान -22°C, नदी-झरने जमे: राजस्थान के 14 जिलों में कोहरा, MP में 15 दिन तक शीतलहर; दिल्ली में फ्लाइट्स में देरी

उत्तराखंड में गंगोत्री क्षेत्र में न्यूनतम तापमान -22 डिग्री पहुंचने से भागीरथी नदी जम गई है।

इस बीच, राजस्थान में 5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान माउंट आबू में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा, मध्यप्रदेश में सर्दी के इस सीजन में पहली बार पूरे दिन घना कोहरा रहा। 11 शहरों में दिन का तापमान 20 डिग्री से नीचे रहा।

दिल्ली में रविवार सुबह कोहरा छाया रहा, जिससे कई फ्लाइट्स में देरी हुई। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने कहा कि उत्तर भारत में घने कोहरे के चलते कई एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं।

इस दौरान पांच राज्यों में कुल 38 जिलों में गंभीर ठंड का अलर्ट जारी किया गया है।
 
ये तो कैसे सोचना है 🤯 उत्तराखंड में गंगोत्री क्षेत्र में ऐसा न्यूनतम तापमान -22 डिग्री पहुंच गया है, तो भागीरथी नदी जम गई। यह तो बहुत बड़ा बदलाव है और हमारे पास जंगलों के बीच इतनी ठंड का मौसम कैसे बनता है? मुझे लगता है कि प्रकृति बहुत अजीब सी खेलें देती है 🌳😮
 
क्या ये सही तौर पर चल रहा है? जमींदार सड़कों पर नहीं निकल रहे और राज्य सरकारें तुरंत कार्रवाई करें। कुछ जिलों में पांच साल के बाद पहली बार यह तापमान देखा गया। हमारे पास ठंड का खेल है लेकिन इस तरह की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं।
 
बात तो यह है कि हमारे देश में हर साल ठंड की बातें होती रहती हैं लेकिन यह तो एक अच्छा संकेत है कि ठंड का मौसम आ गया है। उत्तराखंड में गंगोत्री क्षेत्र में -22 डिग्री तक तापमान पहुंचने से भागीरथी नदी जम गई है, यह तो एक अद्भुत दृश्य है जो हमारे देश की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है। और मध्यप्रदेश में सर्दी के इस सीजन में पहली बार पूरे दिन घना कोहरा रहा, यह तो एक नई चुनौती है जिस पर हमें सामना करना होगा। लेकिन यह भी एक अवसर है कि हम अपने देश की सुंदरता और प्राकृतिक शक्तियों को समझने की कोशिश करें। ❄️
 
मुझे लगा कि इस बात पर और भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए कि इतनी तीव्र शीतलहर के चलते पहाड़ी इलाकों में नदियाँ जमने की समस्या कैसे हल होगी, यह तो हमें अच्छी तरह से समझना चाहिए। जैसे की गंगोत्री क्षेत्र में भागीरथी नदी जम गई, तो अब वहाँ के लोगों को अपनी जरूरतों के लिए किसी और नदी या स्रोत का इंतजाम करना होगा।
 
अरे भाई, यह ठंड तो बहुत ही बुरी है... ये पूरा उत्तर भारत जम घिर गया है... मुझे लगता है कि इस तरह की ठंड ने लोगों को थोड़ा डरा दिया है। कुछ लोग खान-पीन के लिए बाहर नहीं जा सकते, कुछ लोग सोने के लिए भी नहीं पाते। मैं अपने परिवार के साथ यह ठंड बहुत ही मुश्किल महसूस कर रहा हूँ... तो मुझे लगता है कि सरकार और न्यूनतम तापमान किसी भी तरह की मदद करेगी।
 
क्या बात है यह ठंड! मुझे लगता है कि खेतों में पौधों को लगाने के लिए तैयारी करने के लिए हमें और समय देना चाहिए, फिर इस तरह से ठंड पड़ जाती है। मेरी राय में, सरकार को इन जिलों में जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही ठंड से लड़ने की योजना बनानी चाहिए। और ये तो हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी इलाकों में नहीं बल्कि हरियाली भरे प्रदेशों में भी इस तरह की ठंड पड़ रही है।
 
कुछ दिन पहले से यह ठंड बहुत कम हो गई, तो अब जमने लगी नदियाँ, बाढ़ की चेतावनी देने वाले गंगोत्री क्षेत्र में ऐसा नहीं आया था। मुझे लगता है कि ठंड बहुत जल्दी बढ़ जाएगी, तो फिर से जमने लगी नदियों की बात न करे। पूरे देश में इतनी ठंड हो रही है, तो साइकिल चलाने वाले भी चोटिल हो गए हैं। तापमान -22 डिग्री पहुंचना बहुत खतरनाक है।
 
बड़ा बुरा तापमान! उत्तराखंड में -22 डिग्री तो बहुत ज्यादा है... नदी जम गई है! मैंने कभी ऐसा नहीं देखा। और राजस्थान में 5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घना कोहरा... यह तो बहुत ही खतरनाक है। माउंट आबू में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस? वहाँ तो बर्फ़ बन गई होगी। और मध्यप्रदेश में पूरे दिन घना कोहरा... 11 शहरों में तापमान 20 डिग्री से नीचे रहना। यह तो बहुत भयावह है। दिल्ली में कोहरा छाया रहा और एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स प्रभावित हुईं... यार, ठंड की इस बढ़ियादा नहीं चलेगी। हमें सतर्क रहना होगा।
 
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