चमोली जिले में टिम्मरसैंण महादेव मंदिर, जहां प्राकृतिक रूप से बर्फ से बने शिवलिंग के रूप में महादेव विराजमान हैं। यहां अमरनाथ की गुफा में बर्फीले बाबा के समान दिखाई देते हैं।
दिसंबर से मार्च तक इस जगह पर बर्फ से शिवलिंग का निर्माण होता है, जिस पर पहाड़ से लगातार जलधारा गिरती रहती है। यह दृश्य श्रद्धालुओं को अमरनाथ की याद दिलाता है और एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
यहां पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। इस सीजन की पहली बर्फबारी के बाद नीती घाटी का मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
बर्फबारी के बाद यहां 10 फीट ऊंचा शिवलिंग बन जाता है। इस प्रकार, स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बाबा बर्फानी सदियों से विराजमान हैं। सर्दियों में बर्फबारी के बाद यहां 10 फीट ऊंचा शिवलिंग बन जाता है, जो बर्फ पिघलने पर अपने मूल आकार में आ जाता है।
इस स्थान पर दर्शन करने वाले लोगों ने बताया कि यहां बाबा बर्फानी बहुत पवित्र और शुभ स्थल है। पर्यटन विभाग को इस स्थान में सौन्दर्यीकरण कराना चाहिए ताकि यहां आने वाले लोगों को भी यहां की सुंदरता का आनंद मिल सके।
दिसंबर से मार्च तक इस जगह पर बर्फ से शिवलिंग का निर्माण होता है, जिस पर पहाड़ से लगातार जलधारा गिरती रहती है। यह दृश्य श्रद्धालुओं को अमरनाथ की याद दिलाता है और एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
यहां पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। इस सीजन की पहली बर्फबारी के बाद नीती घाटी का मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
बर्फबारी के बाद यहां 10 फीट ऊंचा शिवलिंग बन जाता है। इस प्रकार, स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बाबा बर्फानी सदियों से विराजमान हैं। सर्दियों में बर्फबारी के बाद यहां 10 फीट ऊंचा शिवलिंग बन जाता है, जो बर्फ पिघलने पर अपने मूल आकार में आ जाता है।
इस स्थान पर दर्शन करने वाले लोगों ने बताया कि यहां बाबा बर्फानी बहुत पवित्र और शुभ स्थल है। पर्यटन विभाग को इस स्थान में सौन्दर्यीकरण कराना चाहिए ताकि यहां आने वाले लोगों को भी यहां की सुंदरता का आनंद मिल सके।