‘वेनेजुएला में मादुरो को जिस तरह से गिरफ्तार किया है…’, पूर्व भारतीय राजनयिक ने ट्रंप को कर दिया आगाह

वेनेजुएला में मादुरो की गिरफ्तारी, अमेरिका से आगाह- ट्रंप पर प्रतिक्रिया

निकोलास मादुरो, वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने ब्रिटेन में हवाई अड्डे पर गिरफ्तार होने से पहले खुद को फंसाया। यह घटना अमेरिका की ओर से जिम्मेदार ठहराई गई।

ट्रंप के पास नेशनल सिक्योरिटी एंजाइन्स्टी (एनएसए) और केंद्रीय छापाधिकार बिगर्ड (सीडब्ल्यूओ) जैसी एजेंसियां हैं। इन एजेंसियों के साथ मिलकर वेनेजुएला पर नोटिस जारी करना, आरोप लगाना और उस देश के नेता को गिरफ्तार करना आसान है, लेकिन यह सही नहीं था।

इस तरह से अमेरिका ने अपने अधिकारियों को वेनेजुएला में घुसने के लिए भेजा, जिससे वहां की स्थिति और भी खराब होती गई। यह दुर्भाग्यसिद्ध हुआ।

वेनेजुएला में तीन दशकों से सत्ता में रहने वाले मादुरो पर आरोप लगाए गए थे। लेकिन अमेरिका ने क्या समझा। वहां घुसने के बाद, अमेरिकी अधिकारी ने मादुरो के खिलाफ अदालत में दायर किया था, लेकिन वेनेजुएला ने उसे रोक दिया था।

इस तरह से, अमेरिका ने अपने नेताओं को गिरफ्तार करने और उनकी अधीनता करने की प्रवृत्ति को दिखाया, जिससे वेनेजुएला में तानाशाही की स्थिति और भी बढ़ गई।

अमेरिकी सरकार ने ब्रिटेन में हवाई अड्डे पर मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए कहा, लेकिन यह वास्तविकता नहीं थी। वहां घुसने के साथ ही अमेरिका ने अपनी विश्वसनीयता और अखंडता को खराब कर दिया।

इस तरह, अमेरिका ने ट्रंप पर भी आगाह किया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका में ऐसी प्रवृत्ति है?
 
मुझे लगता है कि इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता। अमेरिका ने फिर से अपनी शक्ति और नियंत्रण की इच्छा दिखाई है। लेकिन इसके पीछे क्या मांग थी? वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के लिए तीन दशकों से आरोप लगाए गए थे, लेकिन अमेरिका ने तय नहीं किया। 🤔

मुझे लगता है कि इस तरह की गतिविधियाँ फिर से अमेरिकी राजनीति में घुलमिलाने को मौका देती हैं। ट्रंप पर आगाह करने से यह सवाल उठता है कि अमेरिका में क्या हो रहा है? 🚨
 
मुझे लगता है कि अमेरिका की इस तरह से कार्रवाई करना बिल्कुल सही नहीं था। उन्होंने वेनेजुएला को धमका दिया और अपने अधिकारियों को वहां घुसने के लिए भेजा, जिससे तानाशाही की स्थिति और बढ़ गई। यह अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा शर्मिंदगी है। 🤦‍♂️

वेनेजुएला में तीन दशकों से सत्ता में रहने वाले मादुरो पर आरोप लगाए गए थे, लेकिन अमेरिका ने यह समझने की जरूरत नहीं कि वहां घुसने के बाद, अमेरिकी अधिकारी ने मादुरो के खिलाफ अदालत में दायर किया था, लेकिन वेनेजुएला ने उसे रोक दिया था। यह तो एक बड़ा गलतफहमी है।

अमेरिकी सरकार ने ब्रिटेन में हवाई अड्डे पर मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए कहा, लेकिन यह वास्तविकता नहीं थी। वहां घुसने के साथ ही अमेरिका ने अपनी विश्वसनीयता और अखंडता को खराब कर दिया। मुझे लगता है कि अमेरिका को इस तरह की कार्रवाई करने से पहले बाकी दुनिया को भी जानने की जरूरत थी। 🤔
 
मेरा विचार है कि बाहरी हस्तक्षेप से हमेशा खारिज नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में, अमेरिकी सरकार ने अपने अधिकारियों को वेनेजुएला में घुसने के लिए भेजा, जिससे वहां की स्थिति और खराब होती गई। मुझे लगता है कि हमें विश्वास करना चाहिए, न कि अनिश्चितताओं पर ध्यान देना।
 
😂🤣👮‍♂️

[मीम: एक अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला में पकड़े गए, और उसके आगे लिखा है - "मैंने गलत जगह खो दिया!"] 😆
 
मैंने तो कल रात अपनी दादी के बारे में सोच रहा था... वह बहुत अच्छी खाना बनाती थी, और हमेशा मेरी परवाह करती थी। मुझे लगता है कि उस तरह की सच्चाई अमेरिका में नहीं थी, जो ट्रंप ने वेनेजुएला में हुई। वहां की स्थिति खराब होती गई, और मैं सोचता हूं कि अगर ऐसा हुआ तो यह बहुत दुखद है।
 
अमेरिका में भी वेनेजुएला जैसी स्थिति तो होनी चाहिए न? ट्रंप पर यह सब बातने की क्यों जरूरत थी, जब अमेरिका ने अपने अधिकारियों को उस देश में घुसने के लिए भेजा तो वेनेजुएला की स्थिति और खराब होती गई। यह अच्छा नहीं लग रहा है, जब अमेरिकी नेताओं पर अपने अधिकारियों को ऐसा करने के लिए कहकर दिखाना पड़ता है कि वे विश्वासार्ह और अखंड हैं।

अगर अमेरिका अपने नागरिकों को सुरक्षित रखना चाहती है, तो उन्हें अपने अधिकारियों को उस देश में घुसने के लिए भेजने से पहले थोड़ा विचार करना चाहिए। अमेरिका ने ऐसा नहीं किया, इसलिए अब इसकी सजा होनी चाहिए।

किसी भी देश में तानाशाही की स्थिति नहीं बनती, जब उसके नेताओं को अपने अधिकारियों से प्यार और सम्मान करना पड़ता है। अमेरिका को भी ऐसा होना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि अमेरिका की बारीकी से चलने की आदत अच्छी नहीं है। वहां पर नोटिस जारी करना, आरोप लगाना और नेताओं को गिरफ्तार करना आसान है, लेकिन यह सही नहीं। इससे वेनेजुएला में स्थिति खराब होती गई। मुझे लगता है कि ट्रंप पर प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए थी, वहां अमेरिकी अधिकारियों को वेनेजुएला में चलने की अनुमति देनी चाहिए थी।
 
मादुरो जैसे देशों को छोड़ दें... वेनेजुएला में तानाशाही की स्थिति बढ़ने से इसका कोई फायदा नहीं होता। अमेरिका ने अपने अधिकारियों को वेनेजुएला में भेजने से शायद ही कुछ सही हुआ। उनकी प्रवृत्ति क्या है? देश को छोड़कर खुद को आगे बढ़ाने की कोशिश करो।
मुझे लगता है कि अमेरिका ने अपनी विश्वसनीयता और अखंडता को खराब कर दिया है। इस तरह से, उनकी सरकार में भी ऐसी चीजें होने लगी हैं जिससे देश को खतरा होता।
 
मुझे लगता है कि अमेरिका बहुत दुर्भाग्यपूर्ण काम कर रही है। वेनेजुएला के नेता को गिरफ्तार करने का तरीका पूरी तरह से गलत था। वहां की स्थिति और भी खराब होती गई, जैसे बात का कहीं नहीं तो बढ़ गई।
 
मुझे लगता है की ये एक बड़ा गड़बड़ी है, अमेरिका ने तो वेनेजुएला में अपने देश के नेता को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन यह ठीक से नहीं चली। पहले तो हमें लगता था की ट्रंप साहब ने अच्छा निर्णय लिया, लेकिन फिर जब उसने देखा की वेनेजुएला में क्या होता है तब खुद को गाली खानी पड़ी।

मुझे लगता है की अमेरिका ने अपने अधिकारियों को फिर से भेजने पर विचार करना चाहिए, और पहले तो उन्हें वेनेजुएला की स्थिति को समझना चाहिए।

मैंने एक बार मेरे दादाजी को कहा था की अमेरिका को अपने अधिकारियों को फिर से भेजने पर विचार करना चाहिए, और पहले तो उन्हें इंग्लैंड की हवाई अड्डे पर पीछे मुड़कर बैठना चाहिए।

मुझे लगता है की अमेरिका ने अपनी विश्वसनीयता और अखंडता को खराब कर दिया है, अब वह तो दुनिया के सामने एक आलसी देश है।
 
मुझे लगता है कि ये बहुत ही बुरा निर्णय था। पहले से वेनेजुएला में तानाशाही की स्थिति थी, और फिर अमेरिका ने ऐसा किया जिससे वहां की स्थिति और भी खराब हो गई।

मुझे लगता है कि ट्रंप पर आगाह करना सही नहीं था, लेकिन इससे यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका में ऐसी प्रवृत्ति है? क्या अमेरिकी सरकार कभी भी विश्वास और अखंडता को ध्यान में रखती है?

मैं समझ नहीं पाऊंगा कि अमेरिका ने अपने अधिकारियों को वेनेजुएला में घुसने के लिए भेजा, लेकिन वहां की स्थिति और भी खराब होती गई।

मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यसिद्ध हुआ, और अब अमेरिका को अपने निर्णय पर विचार करना चाहिए।
 
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