वेनेजुएला में तेल उत्पादन में गिरावट और इसके परिणामस्वरूप भारतीय शेयर बाजार पर बुरा असर पड़ रहा है। विश्व के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार के साथ, वेनेजुएला ने अपने उत्पादन में बहुत गिरावट देखी है, जो कि तकनीक की कमी, राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के कारण हुई है। साल 2015 में, वेनेजुएला ने 30 लाख बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन किया था, लेकिन अब यह केवल 10 लाख बैरल से भी कम हो गया है।
यह कमी वैश्विक शेयर बाजार पर एक बड़ा असर डालने की दिशा में जा रही है, खासकर जब अमेरिका समर्थक सरकार बनने की उम्मीद है। यदि प्रतिबंध हटाए जाते हैं और वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ जाती है, तो यह शेयर बाजार पर एक सकारात्मक संकेत होगा। लेकिन फिलहाल, युद्ध जैसी स्थिति ने कीमतों में उछाल की आशंका पैदा कर दी है।
वेनेजुएला की तेल उद्योग में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ सकती है, खासकर जब शेयर बाजार पर इसके प्रभाव को देखा जाता है। इस स्थिति ने निवेशकों को उड़ेगी नींद महसूस करा दी है और उन्हें अपने निवेश पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
यह कमी वैश्विक शेयर बाजार पर एक बड़ा असर डालने की दिशा में जा रही है, खासकर जब अमेरिका समर्थक सरकार बनने की उम्मीद है। यदि प्रतिबंध हटाए जाते हैं और वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ जाती है, तो यह शेयर बाजार पर एक सकारात्मक संकेत होगा। लेकिन फिलहाल, युद्ध जैसी स्थिति ने कीमतों में उछाल की आशंका पैदा कर दी है।
वेनेजुएला की तेल उद्योग में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ सकती है, खासकर जब शेयर बाजार पर इसके प्रभाव को देखा जाता है। इस स्थिति ने निवेशकों को उड़ेगी नींद महसूस करा दी है और उन्हें अपने निवेश पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।