वर्कप्लेस पर पत्नी का अपमान और चरित्र हनन है ‘गंभीर मानसिक क्रूरता’, कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

अरे भाई, इस फैसले से मानसिक क्रूरता की बात बहुत गंभीर हो गई है 🤯। पति अपनी पत्नी को वर्कप्लेस पर बदनाम करने से नहीं रोक सकता है, तो शादी खत्म हो जाती है। यह तो सचमुच गलत बुरी बात है, प्रेम का हिस्सा नहीं। 🚫

मुझे लगता है कि इस फैसले से पत्नी-पति दोनों के लिए सम्मान और आदर का महत्व समझने को मिलेगा। वर्कप्लेस पर बदनामी करने वाला पति शायद अपनी खामियों को दूर करने के लिए मजबूर होगा, जिससे उनकी चेतना बदल जाएगी। 🔄

लेकिन, यह फैसला ऐसा नहीं लग रहा कि वह तुरंत प्रभाव डालेगा। पत्नी-पति दोनों को समझाने और सिखाने में समय लगता है। शायद कुछ समय के बाद दोनों एक-दूसरे को समझने और अपनी समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। 💕
 
अरे, ये तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पति अपनी पत्नी को वर्कप्लेस पर बदनाम कर रहे हैं 🤕। यह तो शायद उनकी बीमारी या मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होंगी। शादी में जीवनसाथी की पूर्ण सहमति और समझदारी बहुत जरूरी है, इसीलिए पत्नी ने भी अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले पति से तोड़ने पर विचार कर सकती है। 🚫
 
क्या सचमुच पति-पत्नी में एक संतुलन होना चाहिए? अगर पति अपने बार-बार बदनाम करने वाली पत्नी से शादी छोड़ देता है, तो यह कैसे सही कहा जायेगा? 🤔 मानसिक क्रूरता एक बड़ा शब्द है और इस पर फैसले लेना आसान नहीं है। पुरुषों को भी अपने पत्नियों के साथ खुलकर बात करना चाहिए और उन्हें बदनाम करने वाले पति को शायद शादी छोड़नी चाहिए। लेकिन यह तय होना मुश्किल है कि कब तक पति अपने क्रियाकलापों से रुकेगा? 🙅‍♂️
 
मैंने देखा था कि मेरे दोस्त ने एक साल पहले अपनी पत्नी को किया था। वह बहुत गंभीर था, मुझे लगता है कि शादी खत्म करने का विकल्प होना चाहिए। मैं नहीं जानता कि यह सही है, लेकिन मैंने सोचा कि अगर पति अपनी पत्नी को बदनाम करता है तो यह बहुत बड़ा अपराध है।

मुझे लगता है कि यह फैसला अच्छा है, अब तो पति और पत्नी दोनों को समझाना चाहिए कि उनके बीच क्या कहना है, और अगर वे इतना कुछ नहीं समझते हैं तो उन्हें सलाह लेनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह फैसला बहुत अच्छा है 🤝। क्योंकि पति अपनी पत्नी को वर्कप्लेस पर बदनाम करने से मानसिक क्रूरता होती है, तो यह शादी खत्म करने का एक बेहतर तरीका हो सकता है। इससे दोनों पक्षों को अपने मतभेदों को समझने और मध्यस्थता करने का मौका मिलता है। और जब पति अपनी पत्नी को गाली देता है और उसकी चारित्रिक पवित्रता पर सवाल उठाता है, तो यह बहुत बुरा होता है। इससे पत्नी को मानसिक शोषण महसूस होता है और उसे अपने जीवन को सुधारने का अवसर मिलता है।
 
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