हिमाचल के 28 शहरों में तापमान 10°C से नीचे गिरा: 14 दिसंबर को बर्फबारी के आसार; मैदानी इलाकों में कोहरा, कुफरी में तेज हवाएं - Shimla News

शिमला में तापमान 10 डिग्री से नीचे, अन्य शहरों में ठंड बढ़ी, बर्फबारी के आसार

हिमाचल प्रदेश के 28 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर चुका है। लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी और ताबो में बर्फबारी के आसार, जबकि अन्य शहरों में ठंड बढ़ गई है।

लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का रात का तापमान -6.3 डिग्री तक गिर गया, जबकि ताबो का -4.6 डिग्री तक गिर गया। कुल्लू के भुंतर, बजौरा, मनाली, कल्पा और सोलन में भी तापमान जमाव बिंदु से नीचे गिर गया।

शिमला के रात के तापमान में उछाल हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। शिमला का रात का पारा 9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि मंडी के सुंदरनगर में 2.7 डिग्री, कुल्लू के भुंतर में 2.1, ऊना में 5.6, पालमपुर में 5.0, सोलन में 3.0, मनाली में 2.3, कांगड़ा में 5.4, बिलासपुर में 6.5, हमीरपुर में 3.9 और बजौरा में 2.2 डिग्री तक गिर गया।

मैदानी इलाकों में कोहरा पड़ने से ठंड बढ़ गई है। पहाड़ों पर जब तक अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं होती, तब तक कोहरा परेशान करता रहेगा। शिमला से ठंडी इलाकों में तापमान गिर गया, जबकि अन्य शहरों में तापमान जमाव बिंदु से नीचे गिर गया।

3 दिन बाद ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार

मौसम विभाग की माने तो 14 दिसंबर को हल्की बर्फबारी के आसार हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से चंबा, किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।

प्रदेश में ड्राइ स्पेल

प्रदेश में अब तक सूखे जैसे हालात हैं। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जरूर अच्छी बारिश हुई। मगर अक्टूबर के बाद पूरा नवंबर और अब तक दिसंबर भी ड्राइ गया है। नवंबर में भी सामान्य से 95 प्रतिशत कम और दिसंबर में अब तक एक बूंद भी बारिश की नहीं बरसी।
 
बात तो यह है कि तापमान इतना घट गया है कि लगता है कि खजूर पाला हुआ है। शिमला में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया, जबकि अन्य शहरों में ठंड बढ़ गई। यह तो ठंडी सड़कें बनाने के लिए अच्छा मौका है, लेकिन बर्फबारी के आसार भी हैं, तो क्या इससे लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खेलने जाएंगे? कोई जवाब नहीं देता।
 
बिल्कुल तो यह ठंड लहर आ गई है! मैंने कल शिमला जा सकता था, लेकिन फिर सोचा कि मैं ऊंचाई पर रहने से पहले क्या देखूँगा? इसी तरह तापमान नीचे जा रहा है, अच्छा तो बर्फबारी आ गई, ठंड बढ़ गई, लेकिन प्रदेश के अन्य इलाकों में कुछ और समस्याएं हैं... कोहरा पड़ने से ठंड और अधिक बढ़ जाती है! 😬🌫️
 
तो ये तो देखकर हैरान हो गया हूँ कि शिमला में तापमान इतनी तेजी से नीचे गिर गया है। पहले पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई थी, लेकिन शिमला में यह तो पूरी तरह से नया दौर है। अब तो मैंने देखा है कि कुल्लू के भुंतर में तापमान 2.1 डिग्री तक गिर गया, ऊना में 5.6, पालमपुर में 5.0... यह तो बहुत ही जल्दी से बदलाव आया है। लेकिन क्या हमारी मौसम भवन क्षमता पर भरोसा कर सकते हैं? यह तो बहुत ही चिंताजनक है। 🤔
 
शिमला जैसी ऊंचाईयों में तापमान नीचे गिरना ही ठीक नहीं है, हमें पास-पास अच्छी बारिश की जरूरत है। वहीं, दिल्ली और अन्य शहरों में तापमान नीचे आ गया, तो फिर भी ठंड बढ़ रही है तो यह साफ नहीं है।

कुल्लू का भुंतर, बजौरा में तापमान जमाव बिंदु से नीचे गिरना अच्छा नहीं है, हमें उन जगहों पर अच्छी बारिश की जरूरत है।
 
यह तापमान इतना नीचा नहीं गया है तो फिर क्यों बर्फबारी के आसार? शिमला में रात 9 डिग्री तक गिर गया है, यह तो ठीक है, लेकिन दूसरे शहरों में तापमान नीचे जा रहा है और अब भी बर्फबारी के आसार? यह बिल्कुल सही नहीं है।
 
कोई भी मौसम जो अच्छा है वही सबकुछ लोगों को पसंद आता है, फिर भी तापमान 10 डिग्री से नीचे आना कितना ठंडा है। शिमला का रात का पारा 9 डिग्री पहुंच गया, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरा पड़ने से तापमान गिर गया। लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी में बर्फबारी के आसार, यह अच्छी बात है, लेकिन पहाड़ों पर जब तक अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं होती, तब तक कोहरा परेशान करता रहेगा। तो फिर इन दिनों में हम ठंड और शीतल वातावरण में रहने का आनंद ले सकते हैं 🌫️☃️
 
यह तो बिल्कुल जैसा ही याद आ रहा है मेरी बचपन की यादें। जब हम शिमला में घूमते थे, तो हमेशा ठंड की बात करते थे। लेकिन अब यह तो एक नई दुनिया बन गई है। पहले तो हमारे पास जानवरों की भी नहीं थी, अब बर्फबारी के आसार से बचने के लिए स्कूल बंद कर दिया गया है!

मैंने पहले कभी सोचा नहीं था कि मैदानी इलाकों में कोहरा पड़ने से ठंड बढ़ जाएगी। यह तो पिछले जमाने की बात है। और अब फिर शिमला में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया है। यह तो हमारे पिताजी की कहानियों की तरह ही है।

क्या याद करोगे जब हम बच्चे थे, और शिमला में घूमते थे, तो स्कूल में गर्मी का बहुत डर था। लेकिन अब यह तो एक नई दुनिया बन गई है, जहां ठंड की बात कर रही है!
 
मैंने कल सुहागपुर जाकर अपने दादाजी का घर देखा, वो बहुत अच्छा लगा। मेरे दादाजी ने मुझे उनके पुराने खेलों की कहानियां बताई, वाह वाह! मैंने उनसे सुना कि उनके बचपन में शिमला में ठंड बहुत अधिक थी, और वहां पर बर्फबारी होने पर स्कूल बंद रहता था।
 
ठंड लगने लगी है! शिमला में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया, यह तो बहुत ठंडी लगती है 🥶। मैदानी इलाकों में कोहरा पड़ने से भी ठंड बढ़ गई, यह तो अच्छी नहीं लग रही। बर्फबारी के आसार होने से ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, लेकिन अभी तक कोई बूंद भी बारिश नहीं हुई है। यह प्रदेश में ड्राइ स्पेल जैसा हालात देख रहे हैं, अचानक ठंड लगने और फिर गर्मी आ जाने से स्वास्थ्य पर विचलित होने का खतरा रहता है 🤕
 
तो ये तो शिमला की अनोखी पहचान है 🤣, ठंड की वजह से वहाँ पर पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार देखने को मिलते हैं। लेकिन मैंने पढ़ा है कि मैदानी इलाकों में क्या हुआ? कोहरा पड़ने से ठंड बढ़ गई, और अब शिमला जैसे शहरों में तापमान नीचे गिर गया। यह ठंड लगातार चल रही है, तो कौन से इलाके सबसे पहले बर्फबारी का अनुभव करेंगे? और क्या हमारे आसपास के प्रदेशों में भी इससे जुड़ी समस्याएं हैं?
 
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