सिरमौर बस हादसे ने खेद दिलाती है ... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात पर सहमति हैं कि घायलों को जल्द से ठीक होना चाहिए। लेकिन सरकार को यह तो एक मौका देना चाहिए कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। सिर्फ अनुग्रह राशि देना नहीं है, बल्कि सुरक्षा में सुधार करने की बात भी कहनी चाहिए।
सीरमौर बस हादसे से बहुत दर्द हुआ यह घटना मैंने अपने बचपन में सुनी थी, तो मेरी कल्पना भी नहीं कर पाई थी कि एक बार फिर वो हो जाएगी। आज के समय में ऐसी गलतियां करना कैसा है? मैंने देखा है कि घायलों की मदद करने के लिए सबकुछ किया जा रहा है, लेकिन बस हादसे से होने वाली इस घटना पर विचार नहीं किया गया। मुझे लगता है कि हमें अपने समाज की यह समस्या समझने की जरूरत है।
इस घटना से हमें अपनी सुरक्षा और सामाजिक समर्थन की बात करनी चाहिए. हमारे प्रधानमंत्री ने पहले ही एकदम में बहुत अच्छा दिखाया है , जितने दुखियों को 2 लाख रुपये देना वैसा जरूरी नहीं . क्या सरकार अपने सामाजिक समर्थन के बजाए आर्थिक मदद देगी?