मस्जिद विवाद में शिमला में जाने का यह मामला बहुत ही दिलचस्प है

। अगर हम इसको एक छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ें, तो लगता है कि सब कुछ ठीक से नहीं चल रहा है।
पहली, जिला अदालत ने शिमला नगर निगम आयुक्त के आदेशों को सही ठहराया, लेकिन फिर वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने चुनौती दी। यह तो समझने की जरूरत है कि क्या सब कुछ सही तरीके से चल रहा था।
अब जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रोमेश वर्मा की खंडपीठ को याचिका पर सुनवाई हुई है, लेकिन फैसला 11वें दिन तय होगा। मुझे लगता है कि यह फैसला बहुत ही महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे मस्जिद विवाद का समाधान मिल सकता है।
एक छोटा सा डायagram

बनाकर देखें, तो हमें लगता है कि इस मामले में बहुत सारी गलतियां हुईं। अगर हम जिस तरह का आदेश आयुक्त ने दिया, और फिर उसके बाद चुनौती दी, तो इसमें बहुत ही बड़ी गलती थी।
लेकिन अब यह याचिका पर सुनवाई हुई, और अब हमको इंतजार करना होगा। मुझे लगता है कि फैसला तय होने पर हमें एक बार फिर से सब कुछ देखना होगा, और उम्मीदें बनानी होंगी।
