हाथ के धार्मिक धागे को काटने से इनकार,कैंडिडेट से बहसबाजी: चेकिंग के लिए जूते तक उतरवाए, कोट के बटन काटे, ड्रेस कोड को लेकर कंफ्यूजन - Ajmer News

अजमेर, जयपुर और अन्य राजस्थानी शहरों में शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी आज से शुरू होगी। राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा 49 हजार 500 अभ्यर्थी लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने पहुंचे हैं। इस परीक्षा में दो पारियां होने वाली है, पहली पारी में करीब 90.53 प्रतिशत उपस्थित रहे।

इस परीक्षा के लिए प्रदेश के 14 जिलों में बनाए गए सेंटर्स में कड़ी सुरक्षा के बाद ही एंट्री दी जा रही है। इस परीक्षा में शिक्षक भर्ती के लिए एक्स्टीडिट कैंडिडेट्स भी अपने अधिकारों को उठाने के लिए उतर आए।

जोधपुर के पाल रोड स्थित एक परीक्षा केंद्र में एंट्री के दौरान जोधपुर के एक सेंटर पर हाथ में बंधे लाल धागे (कलावा) को खोलने को कारण कैंडिडेट और कर्मचारियों में बहसबाजी हो गई। वहीं, कोटा में ड्रेस कोड को लेकर भी कंफ्यूजन नजर आयी।
 
वाह.. शिक्षक भर्ती परीक्षा तो हाल ही में हुई थी, लेकिन फिर से दूसरी पारी शुरू होने वाली है... यह तो बहुत अच्छा संकेत है कि सरकार शिक्षकों की भर्ती में अच्छी तरह से जुट रही है। जयपुर में 49 हजार 500 अभ्यर्थी लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने पहुंचे हैं... यह तो बहुत अच्छा है कि राजधानी शहर में इतने कई छात्र अपने भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कलावा को खोलने का मामला तो बहुत ही मजेदार है... यह तो साबित करता है कि हमारे देश में अभी भी इतनी जिज्ञासा और उत्साह है। लेकिन फिर भी, यह तो एक बड़ी समस्या है कि ऐसी बातें हो रही हैं... शायद सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

कोटा में ड्रेस कोड को लेकर भी कंफ्यूजन नजर आई... यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है। लेकिन फिर भी, यह तो एक अच्छा अवसर है कि हम अपने समाज में बदलाव लाने की दिशा में कदम उठाएं।
 
मुझे यह याद आ गया तो मेरी माँ की पार्टी से बात करने निकल पड़ा... मैंने उनसे पूछा कि जब तक वह खाना पकड़ती है तो सब ठीक चल रहा था, लेकिन जब फिर घर आती और चाय-मिठाई करती है तो फिर वो बहुत परेशान होती है... मुझे लगता है शिक्षक भर्ती की जैसे ही परीक्षाएं चलने लगें तो याद आ गया कि हमारे गाँव की बाई ने अपने बेटे को शिक्षक बनने दिया था, लेकिन फिर वो बाकी सब पढ़ाई छोड़कर राजस्थानी संस्कृति के खिलाड़ी बन गए... मुझे लगता है शायद पार्टी के लोग इस बात पर ध्यान देने चाहिए, शिक्षकों को अच्छे शिक्षित करने और राजस्थानी संस्कृति को बढ़ावा देने की जगह खिलाड़ियों को पुरस्कृत करने की बजाय... 😊
 
अरे वाह, शिक्षक भर्ती परीक्षा में लोग्स तेजी से आ रहे हैं… जयपुर में 49 हजार 500 अभ्यर्थी एक साथ मिलकर क्या करेंगे? 😱 और भी देखा, पूरे देश में शिक्षक भर्ती परीक्षा में नियमों को लेकर खलल आ रहा है। जोधपुर में पाल रोड स्थित एक परीक्षा केंद्र में कलावा को खोलने का मामला सामने आया, और कोटा में ड्रेस कोड को लेकर भी बहुत बात हुई। शायद इन दिनों शिक्षक भर्ती परीक्षा में नियमों को समझने में थक जाना? 😅
 
🤔 मुझे लगता है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी के लिए तैयारी अच्छी हुई है। जयपुर में 49 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं और राज्य के अन्य शहरों में भी बहुत से शिक्षक पदों को भरने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा, जोधपुर के पाल रोड पर हाथ में बंधे लाल धागे और ड्रेस कोड को लेकर कंफ्यूजन क्या कारण थी? मुझे लगता है कि एंट्री के दौरान शांति बनाए रखना जरूरी है।

शिक्षक भर्ती परीक्षा में भाग लेने वालों से उम्मीद है कि वे अपने अधिकारों को उठाकर एक अच्छा प्रदर्शन करें। इससे शिक्षक पदों को भरने के लिए अच्छे और योग्य शिक्षक मिलेंगे। 📚👨‍🏫
 
शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी से पहले तैयार रहें ताकि आपका फॉर्म भर सके और आप जल्दी ही शिक्षक बन जाएं 🤞। जयपुर में इतने बेचैन लोग आ गए हैं कि इस परीक्षा में दोनों पारियां होने वाली हैं तो फिर भी कोई खास चिंता नहीं है क्योंकि सबसे पहली पारी में करीब 90.53 प्रतिशत उपस्थित रहे। इससे हमें यह जानने का मौका मिलेगा कि और कितने लोग इस परीक्षा में भाग लेने के लिए तैयार हैं।
 
अरे, यह तो बहुत ही अजीब सी स्थिति है! शिक्षक भर्ती परीक्षा में ऐसे कई दुष्चक्र देखने को मिल रहे हैं। पहले करोड़ों लोग बैठ जाते हैं और फिर सबकुछ और भी जटिल हो जाता है। और फिर सुरक्षा के बाद भी कैनडिडेट्स निकलते हैं, यह तो कैसे हो सकता है? मुझे लगता है कि हमें इन सभी समस्याओं का समाधान ढूंढने की जरूरत है। शिक्षकों की भर्ती में सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण बनाए रखना ज़रूरी है, ताकि वे अपने अध्ययन में सहज महसूस कर सकें।
 
किसी भी परीक्षा में एंट्री देने से पहले सबकुछ सही ढंग से तैयार करना जरूरी होता है ना... शिक्षक भर्ती की परीक्षा में लोगों को बहुत अधिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, और ऐसा लगने लगा कि ये परीक्षा किसी भी चीज को तय कर देगी।

मुझे लगता है कि इन सभी सेंटर्स में खाली जगहों को भरने के लिए लोगों को फिर से पंजीकरण करने की जरूरत नहीं है, बस पहले पंजीकरण की जांच करके उन्हें एंट्री देनी चाहिए।

कई लोग बिना पार्किंग के अपनी गाड़ी में अंदर आ रहे हैं तो उनके लिए एक अलग स्थान भी बनाना जरूरी है ना।
 
ਸੁਧਾਰ ਲਈ ਇੱਕ ਚਿਹਨ... 🔄 - ਅਜਮੇਰ, ਜੇਪੂਰ ਆਦਿ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਕਸ਼ਕ ਭਰਤੀ ਦੀ ਦੂਜੀ ਫੈਸਲਾ ਬਾਰੀ ਹੁਣ ਆਵੇਗੀ... ਪਰ ਮੈਨੂੰ ਯਕੀਨ ਤੋਂ ਗਿਣਤਾ ਵਧੇਰੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਲੱਗਦੇ... 49,500 ਅਭਿਆਸੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਮੈਂ ਕੁਝ ਚਿੰਤਾ ਵਜੋਂ ਉਪਸਥਿਤ ਨਾ ਹੋਣ 'ਤੇ...
 
तो दूसरी पारी से शुरू होने लगी, तो यार, शायद ज्यादा खुश होगा नहीं... 49 हजार 500 अभ्यर्थी ज जयपुर में आ गए, लेकिन कुल मिलाकर तो क्या बदलाव आया? पहली पारी में भी इतने से लोग उपस्थित रहे, तो क्यों दूसरी पारी में इतनी ज्यादा उम्मीदें नहीं लाई जा रही?

कलावा तो एक अच्छा तरीका है शायद, लेकिन परीक्षा सेंटर में तो ऐसे माहौल में कैसे रखा जाए? चिंतित हूँ कि कोई भी कैंडिडेट या कर्मचारी परेशान हो जाएगा, तो फिर सारा प्रयास बर्बाद हो जाएगा।

कोटा में ड्रेस कोड के बारे में, तो शायद चीजों को थोड़ा समझने की जरूरत है...
 
मुझे ये सुनकर दिल छू गया... शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी कैसे होगी, यह तो मुश्किल है! जयपुर में 49 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने पहुंचे हैं, यह तो एक बड़ा दावा है। और दोनों पारियां होने वाली है, यह तो थोड़ी चुनौतीपूर्ण है।

मुझे लगता है कि राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा का सिस्टम कितना अच्छा है, यह एक सवाल है। पहली पारी में करीब 90.53 प्रतिशत उपस्थित रहना, यह तो एक अच्छा नतीजा है, लेकिन दूसरी पारी में भी इस तरह के उत्तरदाताओं को मिलना चाहिए।
 
जैसे ही राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी आज से शुरू हुई, सुनकर मुझे लगता है #शिक्षामेंकमाई तो हमेशा हमारे बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का अवसर मिलता है। लेकिन इससे पहले कि परीक्षा शुरू हो, कई जगहों पर सुरक्षा की बात करते हुए भी व्यक्तिगत मतभेद #पूरवास्पदहोनाहीन में देखे गए। यह परीक्षा न केवल शिक्षकों को भरने वाली नौकरी के लिए, बल्कि बच्चों के सीखने और समझने के अवसर के लिए भी महत्वपूर्ण है। #शिक्षणकल्प न केवल राजस्थान में, पूरे देश में शिक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए।
 
अरे, ये शिक्षक भर्ती परीक्षा तो खूब हैंडल हो रही है! जयपुर में 49 हजार से ज्यादा लोग लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने आ गए हैं। और देखो, पहली पारी में 90.53 प्रतिशत उपस्थित रहे, तो ये कितना अच्छा है! लेकिन इन सब में से कुछ लोग अपने अधिकारों को उठाने के लिए उतर रहे हैं, और एंट्री देने के लिए कड़ी सुरक्षा तैयार करने की बात भी।

मुझे लगता है कि ये सभी में एक ही चिंता है, शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता पाने के लिए हमें अपने ज्ञान और कौशल को प्रदर्शित करना होगा। इसलिए, इन सब में से किसी को भी नहीं मनाना चाहिए। 🤔
 
😊 राजस्थानी शहरों में शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी शुरू होने पर कई सवाल उठते हैं। सबसे पहले, क्या यह परीक्षा केवल शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों के लिए या समाज में किसी भी तरह से फैले हुए राजनीतिक धुनों को उजागर करने के लिए आयी है? जयपुर में 49 हजार 500 अभ्यर्थी दिखने पर प्रश्न उठते हैं - क्या इन सभी को शिक्षक पद के लिए योग्य माना जाएगा?
 
आज से शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी शुरू होने वाली, ये बात अच्छी लगी कि जयपुर में लेवल-2 की एग्जाम में ज्यादा लोग भाग लेने पहुंचे। 49 हजार 500 अभ्यर्थी जैसी संख्या परीक्षा को और भी रोचक बनाएगी।

मुझे लगता है कि इस परीक्षा में कड़ी सुरक्षा की बात सच में की गई, लेकिन एंट्री देने की प्रक्रिया में थोड़ा सा बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। जैसे कि पूरे परीक्षा केंद्र में एक ही समय पर एंट्री देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
 
अरे, मेरी बात तो यह है... शिक्षक भर्ती परीक्षा में दूसरी पारी के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की जा रही है, तो फिर सुरक्षा के बारे में कुछ कदम उठाए नहीं गए? जयपुर में 49 हजार 500 अभ्यर्थियों ने शामिल होने की कोशिश की, यह तो एक बड़ा कैंडिडेट्स नंबर है... लेकिन सुरक्षा के बावजूद भी इतने बड़े जमावास्त में कैसे रखा गया? और कलावा को खोलने की मुद्दा तो फिर से उभर आया, यह तो एक बड़ा प्रश्न है...
 
अरे दोस्तों, आज से शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी शुरू होगी, यह बहुत उत्साहित करने वाला मोमेंट है 🎉। जयपुर में सबसे ज्यादा 49 हजार 500 अभ्यर्थी लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने पहुंचे हैं, तो यह तो बहुत अच्छा दिख रहा है 🤩। लेकिन, एंट्री के दौरान जोधपुर में वो कलावा मुद्दा आ गया, तो बहुत ही अजीब स्थिति निकली, क्या कोई और इस तरह के मुद्दे को हल कर सकता है? 🤔 #शिक्षकभर्तीपरीक्षा #राजस्थान #कलावा
 
राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा में देरी के लिए बेमुश्किल है न? पहले एक पारी से 90.53 प्रतिशत उपस्थित रहे, तो फिर दूसरी पारी भी इतनी अच्छी नहीं होनी चाहिए, फिर क्यों देरी हुई? 🤔

कलावा और ड्रेस कोड जैसे मुद्दे पर यहां लोग तीन-चार साल पहले से ही बात कर रहे थे, तब से कोई बदलाव नहीं आया, बस कैंडिडेट्स और कर्मचारियों के बीच ही बहसबाजी होती रहती है 🙄

शिक्षक भर्ती परीक्षा में देरी न होनी चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रत्येक सेंटर में सुरक्षा और अनुशासन बने रहें, तो हमारे शिक्षकों के चयन में सही व्यक्ति मिल सकें। 💪
 
जल्द ही शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी शुरू होगी, तो फिर वाह! मैंने पहली पारी में लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने की प्रैक्टिस की है, और अब मुझे लगता है कि यह परीक्षा में बहुत सावधानी से तैयारी करनी पड़ेगी। जयपुर में सबसे ज्यादा लोगों ने भाग लेने पहुंचे, तो इसका मतलब यह है कि यह परीक्षा खूब मेहनत कर रहे बच्चे द्वारा दी जाएगी।
 
मुझे ये सुनकर आश्चर्य हुआ, शिक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी आज से शुरू होगी, तो 49 हजार 500 अभ्यर्थी लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने पहुंचे हैं। मुझे पता नहीं है कि इनमें से कौन से बच्चे शिक्षक बनेगे। मैं सोचता हूं कि ये परीक्षा में बहुत मुश्किल आएगी। और जोधपुर में एंट्री के दौरान कलावा को खोलने को कारण कैंडिडेट्स और कर्मचारियों में बहसबाजी हुई। ये तो समझना मुश्किल है 🤔💡
 
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