वहीं परीक्षा के दौरान इतनी शोर-शराबाहट हो रही थी, तभी मैं सोचता हूँ कि ये दूसरी पारी कैसे सुचारू रूप से चलेगी। अगर पहली पारी में 90.53% उपस्थित रहे, तो क्या दूसरी पारी में भी ऐसा होगा? यह जानने के लिए हमें देखना होगा।
एक बात तो जरूर है, शिक्षक भर्ती परीक्षा में विभिन्न जिलों के लोग एक साथ आना बहुत अच्छा है। इससे हमें अपने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की समृद्धि को देखने को मिलता है। लेकिन, एंट्री देने के लिए कड़ी सुरक्षा, एक बात तो जरूर है। हमें यह देखना चाहिए कि हमारी इस परीक्षा में शिक्षकों को विशेष महत्व क्यों दिया जा रहा है? क्या हमारे प्रदेश में शिक्षण क्रांति हो गई है?