हाथ के धार्मिक धागे को काटने से इनकार,कैंडिडेट से बहसबाजी: चेकिंग के लिए जूते तक उतरवाए, कोट के बटन काटे, ड्रेस कोड को लेकर कंफ्यूजन - Ajmer News

बिल्कुल यह परीक्षा तय हुआ की मेरे ग्राम के खेतों से शिक्षक भर्ती होना एक बुरा नौकरी का विकल्प नहीं बन रहा है 49 हजार 500 अभ्यर्थी लेवल-2 की एग्जाम में भाग लेने पहुंचे हैं 90.53 प्रतिशत उपस्थित रहे।
 
कुछ दिनों पहले तो यह परीक्षा एक्स्टीडिट कैंडिडेट्स के लिए थी, फिर बाद में इसे सामान्य प्रवेश के लिए शामिल कर दिया गया। अब ऐसा लगता है कि सबकुछ ठीक से निगरानी में है, लेकिन कोटा में ड्रेस कोड को लेकर इतनी भूलबुलाहट क्यों? 👕😐
 
वहीं परीक्षा के दौरान इतनी शोर-शराबाहट हो रही थी, तभी मैं सोचता हूँ कि ये दूसरी पारी कैसे सुचारू रूप से चलेगी। अगर पहली पारी में 90.53% उपस्थित रहे, तो क्या दूसरी पारी में भी ऐसा होगा? यह जानने के लिए हमें देखना होगा।

एक बात तो जरूर है, शिक्षक भर्ती परीक्षा में विभिन्न जिलों के लोग एक साथ आना बहुत अच्छा है। इससे हमें अपने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की समृद्धि को देखने को मिलता है। लेकिन, एंट्री देने के लिए कड़ी सुरक्षा, एक बात तो जरूर है। हमें यह देखना चाहिए कि हमारी इस परीक्षा में शिक्षकों को विशेष महत्व क्यों दिया जा रहा है? क्या हमारे प्रदेश में शिक्षण क्रांति हो गई है?
 
अरे, यह तो मान लीजिए सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में थोड़ा सा मजाक बनाया है 🤣। पहली पारी में 90.53 प्रतिशत उपस्थित होने से कोई भी आश्चर्य नहीं है, लेकिन दूसरी पारी में एंट्री देने के लिए कड़ी सुरक्षा तो जरूरी है 🚫, लेकिन इतनी ज्यादी सुरक्षा तो शायद शिक्षक भर्ती के लिए नहीं थोड़ी ही चोरी करने वालों को रोकने के लिए 🤪

कलावा को खोलने की बहसबाजी और ड्रेस कोड को लेकर कंफ्यूजन, यह तो शायद एक्स्टीडिट कैंडिडेट्स की बात है जो सरकारी नियमों से परिचित नहीं हैं 😂। लेकिन अगर वे सचमुच अपना अधिकार उठाना चाहते हैं, तो शायद शिक्षक भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए थोड़ा सा तर्कसंगत होना जरूरी होगा।
 
Back
Top