‘हमें बचा लो, बांग्लादेश में मर जाएंगे‘: भारत से 14 लोग डिपोर्ट, बहन बोली- वोटर कार्ड, 60 साल पुराने कागज, फिर क्यों भगाया

बांग्लादेश भेज दिए गए शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों में 14 लोग हैं जिन्हें ओडिशा पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, लेकिन बांग्लादेशी बताने वाली मशीन से उन्हें अवैध घुसपैठी बताया गया।
 
यार, यह तो बहुत ही अजीब सी बात है। मुझे लगता है कि पुलिस की चाल थोड़ी दिलचस्प लग रही है। लेकिन फिर भी, जब तक सच्चाई नहीं पता चलती, तो कोई भी ऐसा कहने में सहज नहीं होता। और यह बात सुनकर मुझे याद आ गया कि हमारे देश में कभी-कभी ऐसी ही गड़बड़ी होती रहती है। लेकिन आज की पीढ़ी में तो इतनी जिम्मेदारी और खुलकर सोचने की कोशिश करना चाहिए।
 
इस तरह की हर चीज़ पर फंसने से और भी गहरा समस्या बन जाती है। बांग्लादेशी लोगों को ओडिशा में रखने का मतलब यह नहीं है कि वे हमारे देश में ठीक से न हों। क्या हमारे पास इतने सारे मशीन और तकनीक हैं कि हमें पता चलने दें कि कौन सी जानवर जैसी चीज़ है और कौन सी मानव है। बेगुनाह लोगों को भी गलत तरीके से झूठी खबरों पर ध्यान देने से हमारा समाज खलल पहुंच रहा है। 🚫
 
नाहीं तो यह कैसे हो सकता है 🤯 ओडिशा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की जाने वाली, लेकिन फिर भी बांग्लादेशी बताने वाली मशीन से उन्हें अवैध घुसपैठी बताया गया। यह तो हमारे देश में होने वाले ऐसे मुद्दों का एक और उदाहरण है। जैसे ही पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की थी, उसके बाद से यह सारा सुनने के लिए अच्छा नहीं लग रहा है 🤔। मुझे लगता है कि हमें अपने देश के बाहर की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
शेख जब्बार के परिवार के लोगों में इतने ही शामिल होने वाले 14 लोगों को ओडिशा पुलिस ने हिरासत में लिया था, यह बहुत दिलचस्प है कि बांग्लादेशी बताने वाली मशीन उन्हें अवैध घुसपैठी बता रही है। क्या इसका मतलब यह है कि मशीन और पुलिस को लगता है कि ये लोग बिल्कुल साफ नहीं हैं? 🤔
कभी-कभी ऐसे मामलों में ऐसी मशीनें कैसे गलत निष्कर्ष निकाल सकती हैं? यह तो एक बड़ा सवाल है। और फिर, ये लोग कहां से आ गए थे? उनके पास कोई जानकारी भी नहीं हो सकती थी, लेकिन मशीनें इतनी स्मार्ट क्यों होती हैं? 🤖
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मामला है, शेख जुब्बार की परिवार के लोगों पर ओडिशा पुलिस ने इतना आरोप लगाया? क्या बिल्कुल सही है कि वे अवैध घुसपैठी थे, लेकिन क्या उन्हें कोई संदेह था कि वे शेख जुब्बार के परिवार हैं?

मुझे लगता है कि यह पूरा मामला बहुत जटिल हो सकता है, और हमें और जानकारी चाहिए। शायद बांग्लादेशी सरकार ने भी इस पर अपनी राय देनी चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि पुलिस ने गलती से उन्हें आरोपित कर दिया है, और अब उनके अधिकारों को खत्म किया जा सकता है।

क्या हमें इस मामले में सरकार को बुलानी चाहिए, ताकि वे जांच करें और सच्चाई निकले। शायद यह सबसे अच्छा तरीका होगा।
 
अरे यह तो बहुत बड़ी चोट है! शेख जब्बार के परिवार के लोगों में 14 लोग ओडिशा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए थे, लेकिन अब लगता है कि ये बांग्लादेशी हैं जो अवैध तौर पर आये हुए। यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है, हमें पता लगाना होगा कि क्या सच्चाई है। मुझे लगता है कि इस मामले में और जांच करनी चाहिए, नहीं तो यह बात भूल जाएगी। 🤔
 
बात करते समय तो ये दुनिया कितनी अजीब हो गई! ओडिशा पुलिस ने बांग्लादेश के शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन फिर से मशीन से यह बताया गया कि ये सब अवैध घुसपैठी हैं! 🤔 क्या कोई त्रुटि हुई, या कोई गलतफहमी? यह तो पूरा भारत में हैरान कर देगा! 🙌 और फिर से यह सवाल उठता है कि हमारे देश में इतनी सुविधाएं कैसे मिल रही हैं? हमें अपने देश को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, न कि यहाँ-वहाँ त्रुटियों में फंसना। 🚫👮
 
शेख जब्बार की परिस्थिति बहुत गंभीर है, मैं उनके लिए शुभकामनाएं देता हूँ। यह बात सच है कि ओडिशा पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन अगर वे अवैध घुसपैठी नहीं हैं तो उनके साथ गलत क्या किया गया? यह बात जरूरी है कि सबकुछ साफ कर दिया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। मुझे लगता है कि ऐसी जांच के लिए इंटरनेट पर जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो रही है, इसीलिए मैं संदेह करता हूँ।
 
अरे दोस्त, ये बहुत बड़ा मामला हो रहा है... बांग्लादेश के शेख जब्बार को भेजा गया था, लेकिन अब उनके परिवार के लोगों में से 14 लोग ओडिशा पुलिस ने पकड़ लिए हैं! 🤔 तो बात तो यहीं है कि ये लोग हमेशा के लिए ओडिशा जेल में रहने वाले होंगे। पर मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा भूलभुलैया था। तो क्या सचमुच उनकी पहचान नहीं चल पाई? 🤷‍♂️ और फिर उन्हें अवैध घुसपैठी बताया गया... अरे ये तो कितना अजीब है। मुझे लगता है कि मशीन से निकलने वाली बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। 🤥
 
बात हो तो बात हो, यह सरकारी प्रक्रिया बहुत ही अस्थिर हो गई है। ओडिशा पुलिस ने क्यों ऐसा काम किया, इसका जवाब नहीं मिल रहा है। शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों को भेज दिया गया था ताकि उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान मिले, लेकिन अब यह देखना मुश्किल लग रहा है कि वे कहाँ जाएंगे। मशीन से अवैध घुसपैठी बताने वाला शब्द बहुत ही गंभीर है, यह उन लोगों को कैसे प्रभावित करेगा जिन्हें जरूरत है? 🤔😞
 
ओहो यार, यह तो बहुत ही बड़ी समस्या है 🤯। शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों को इतनी गंभीर आरोप लगाने से पहले उन्हें न्यायालय में जाकर जरूर सुनवाई मांगनी चाहिए थी। और इसके बाद भी उन्हें अवैध घुसपैठी बताने वाली मशीन से उनकी सुरक्षा को खतरा होना तो नहीं देखा। ओहो यार, हमेशा ऐसे मामलों में लोगों की जिंदगी टकराकर खेलते रहते हैं। शायद उन्हें जल्द से जल्द न्यायालय में जाकर अपना मामला साबित करना चाहिए।
 
अरे, यह तो बहुत अजीब बात है, ओडिशा पुलिस ने बांग्लादेश के लोगों को पकड़ लिया था, लेकिन अब कहीं से पता चला कि वो मशीन गलत बता रही थी, तो यह तो बहुत गंभीर मुद्दा है 🤔। क्या हमारी पुलिस को अपनी मशीनों की जांच करनी चाहिए, न कि बाहरी लोगों को। यह तो स्वदेशी नहीं है, न ही वहां के लोग हमारी जगह कहाँ रहते हैं? 🤷‍♂️
 
क्या यह तो देखकर शर्मिंदा हो जाता हूँ कि कैसे ओडिशा पुलिस अपनी गलती को खंडन नहीं कर रही 🤔। शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों में 14 लोगों को हिरासत में लेने के बाद, उन्हें अवैध घुसपैठी बताने वाली मशीन से उसका संदेह फैलाया गया। यह तो एक बड़ा मामला है, और मुझे लगता है कि ओडिशा पुलिस ने अपनी जांच को ठीक से नहीं किया है। क्या उन्होंने वास्तव में उनकी पहचान सत्यापित की थी, या बस तुरंत बातचीत करने लगे? 🤷‍♂️ इसके बाद क्या हुआ, और अब क्या हाल है?
 
बात बिल्कुल सही है, पुलिस ने कुछ गलत तरीके से शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों को पकड़ लिया है 🤔. ओडिशा में एक मशीन से यह बताया गया कि ये लोग अवैध घुसपैठी हैं, लेकिन फिर भी इसके पीछे कुछ गड़बड़ी हो गई है। यह तो ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने उनकी पहचान नहीं मानी और सीधे उन्हें पकड़ लिया है। 🚔

मुझे लगता है कि पुलिस को फिर से खोज करनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि वास्तव में उनके पास क्या हैं और वे कहाँ से आये थे। एक बार फिर यह साबित होना चाहिए कि ये लोग विश्वासपात्र हैं और उनकी परिस्थितियों को समझना होगा। 🤝
 
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बिल्कुल सही क्या हुआ ओडिशा पुलिस का? शेख जब्बार और उनके परिवार के लोगों को मुफ्त में गिरफ्तार कर दिया गया तो भी, उनके बारे में सुनने वाली मशीन ने उन्हें अवैध घुसपैठी बताया। यह तो बहुत शर्मनाक है, हमेशा के लिए पुलिस को अपनी गलतियों पर नहीं मानकर चलते रहना चाहिए। और भारतीय जांच एजेंसियों को अपने काम में थोड़ा सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि हमारे देश की छवि को भी नहीं खराब करें।
 
यार, यह बहुत अजीब मामला है 🤔। शेख जब्बार के परिवार के लोगों को ओडिशा पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन बांग्लादेशी मशीन से उन्हें अवैध घुसपैठी बताया गया। यह तो बहुत बड़ा सवाल उठाता है, कि मशीन से वे सच कह रहे थे या नहीं? 🤖

मुझे लगता है कि यह मामला बहुत जटिल है और इसकी पीछे की वजह जरूर है। शायद ओडिशा पुलिस ने गलत सूचना ली होगी, या फिर मशीन में कुछ गड़बड़ी हो गई होगी। इस मामले में अधिक जानकारी देने की जरूरत है ताकि सच्चाई पता चल सके।
 
ये तो बहुत अजीब बात है 🤔, शेख जब्बार के परिवार के लोगों में 14 लोग हैं जो ओडिशा पुलिस के हिरासत में थे, लेकिन अब बांग्लादेशी मशीन से उन्हें अवैध घुसपैठी बताया गया है। यह तो बहुत ही विवादास्पद बात है, मुझे लगता है कि सबकुछ धीरे-धीरे समझाएं जाना चाहिए। शायद कुछ गलत हुआ होगा, लेकिन फिर भी हमें निष्पक्षता से देखना चाहिए।
 
मेरा खयाल है कि ओडिशा पुलिस ने तो सही न कर दिया, लेकिन फिर भी बंग्लादेश की सुरक्षा एजेंसी ने शेख जब्बार को वापस बुलाने के लिए कहा है, तो यह अच्छी बात है 🙏। मुझे लगता है कि मशीन से क्या पकड़ा गया, इसका फायदा नहीं हुआ, बस एक और चुनौती है। शेख जब्बार की गिरफ्तारी के लिए बिलकुल सही प्रोसेस नहीं हुई, लेकिन अब वापस आने का मौका मिलने से अच्छा है 🤞
 
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