शेख जब्बार की कहानी बहुत दुखद है, उनको शरण में भेजने के बाद भी पुलिस ने उन लोगों को पकड़ लिया जिन्हें उनके परिवार के साथ रखना चाहती थी। यह तो एक बड़ा अपराध है और हमें लगता है कि ओडिशा पुलिस को अपनी गलती मान लेनी चाहिए। शेख जब्बार जैसे लोगों को भारत में शरण देने से पहले हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जिंदगी और सुरक्षा सुनिश्चित हो।