‘हम करें तो बलात्कार’…कर्नाटक कांग्रेस में बवाल के बीच शिवकुमार के समर्थन में विधायक ने दिया विवादित बयान

कर्नाटक कांग्रेस में एक विवादास्पद बयान ने सबको हिलाकर रख दिया। शिवकुमार के समर्थन में विधायक ने कहा, 'हम करें तो बलात्कार।' इस बयान पर यतीन्द्र ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा, अगर हम नेतृत्व के बारे में बात करते हैं तो सब ठीक है।

हुसैन ने इस बयान से निपटने के लिए कहा, 'यदि हम नेतृत्व के बारे में बात कर रहे हैं तो पता चल जाएगा।' लेकिन उन्होंने यह भी कहा, कांग्रेस में अनुशासन है और हम सभी को आलाकमान को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

यदीन्द्र पर टिप्पणी करते हुए हुसैन ने कहा, उन्हें टिप्पणी करने से पहले परिस्थितियों को समझना चाहिए। हम सभी को अपना-अपना पद/हैसियत पता होनी चाहिए।
 
बस यार, ऐसे बयान देने वाले लोग तो मुझे कभी सोचने का मौका नहीं देते। उन्हें यही समझना चाहिए कि देश में लोगों को अपनी प्राथमिकताओं और विचारों के अनुसार वोट लगाने की स्वतंत्रता है। लेकिन जब ऐसे बयान देते हैं तो उन्हें समझना चाहिए कि यह भी एक बड़ा जिम्मेदारी है 🤔। हमें अपने शब्दों की गंभीरता और विचारों की चिंतना से ही बोले रहना चाहिए।
 
इस बयान ने मुझे थोड़ा आश्चर्यचकित कर दिया। शिवकुमार के समर्थन में विधायक ने ऐसा कहा जो तुरंत सभी को हिलाकर रख देता है। यह कहना मुश्किल है कि क्या वास्तव में उन्होंने बलात्कार करने की सोच रहे थे या फिर नेतृत्व और उसके महत्व पर बात करते समय इस तरह की बात कहीं थी।

एक तरफ, यह बयान जो हुसैन ने दिया वह सही लगता है। हमें नेतृत्व के मायनों को समझना चाहिए, लेकिन यह भी तय कर लेना चाहिए कि किस बात पर चर्चा करनी है और क्या बयान करना उचित है।

एक और सोचेंगे, अगर हमारे नेताओं में ऐसी बुद्धिमत्ता नहीं होती तो फिर हम कैसे आगे बढ़ सकते? लेकिन, ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देने से पहले उनके पीछे क्या विचार थे, यह समझना ज़रूरी है।
 
यह तो बहुत ही गंभीर मामला है... शिवकुमार के बयान से लगता है कि उन्हें अपने नेतृत्व की समझ भी नहीं है ... और वहाँ पर यतीन्द्र दयालु लोगों को देखकर खुश हुए? इसका मतलब यह नहीं है कि हमें उनकी बात माननी चाहिए, बल्कि हमें सोच-समझकर अपने नेताओं के व्यवहार को समझना चाहिए
 
કેમ તો એની પેશેવર બાબત સિવાય અહીં નથી... 🤔

કોઈ જવાબદાર પડે છે, તે એસઆરફ શુદ્ધ વ્યક્તિ છે, ને આમ બાંધવલી કરી જાય... 🙄

પણ એ પણ સરૈયા દોસ્ત હોય છે, અને આ મુશ્કેલિઓમાં બારીબાર દોષી પડવાનું નથી... 🤝
 
यह तो बिल्कुल सही कहा हुसैन जी। शिवकुमार के बयान पर विपरीत दृष्टिकोण लेना गलत नहीं है, बल्कि स्वाभाविक भी है। लेकिन यह बात भी महत्वपूर्ण है कि हमें अपने शब्दों को सोच-समझकर चुनना चाहिए और आलाकमान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मुझे लगता है कि हर किसी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और इस तरह के बयानों पर सावधानी से टिप्पणी करनी चाहिए
 
क्या यह वाकई तो करंट पेज्स में सीरीज़ लग गई है 🤦‍♂️? शिवकुमार के समर्थन में विधायक का बयान तो बहुत ही अजीब लग रहा है, जैसे कि यह राजनीतिक चुनाव में पार्टी की छवि को दीवाला नहीं बनाने के लिए। हमें सोचना चाहिए कि क्या वास्तव में आलाकमान तक पहुंच रहा है या बस व्यक्तिगत राजनीति कर रहे हैं।
 
यार, यह बयान तो जीरो से ज्यादा हिलाएगा। शिवकुमार के समर्थन में विधायक ने ऐसा कहा? यह तो कांग्रेस के नाम पर भी नहीं जा सकता। नेतृत्व के बारे में बात करते हैं तो ठीक है, लेकिन बलात्कार करने की बात तो फिर से अलग है। यतीन्द्र और हुसैन दोनों ही सही कह रहे हैं, कांग्रेस में अनुशासन है और हम सभी को आलाकमान को नजरअंदाज नहीं कर सकते। लेकिन इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। शिवकुमार के बयान से विधायक को अपने पद से निकाल देना चाहिए, यही सही तरीका है।
 
क्या ये थोड़ा भूलबूला है? कोई ऐसा बयान करने से पहले जरूर सोच लो, खासकर जब बात कर रहे हो तो विपक्ष में से कोई आपकी जवाब देगा। नेतृत्व के बारे में बात करते समय तो सब ठीक, लेकिन एक छोटा गलतफहमी फैलाने का बयान ऐसे में नहीं लग रहा। और तीनों नेताओं की बात सुनकर लगता है कि ये वाकई में अनुशासन से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
 
बिल्कुल सही कहा हुसैन जी, शिवकुमार से इस तरह की बातें न करनी चाहिए। नेतृत्व के बारे में बोलते समय हमें सावधानी बरतनी चाहिए। उनको अपनी बातों से पहले सोच लेना चाहिए, यही सही होगा। #नेतृत्वकबोलतेसमयसावधानीबरताएचाहिए #आलाकमानकजारहोनाचाहिए #कांग्रेसमेंअनुशासनकहासाबित है
 
🤔 मुझे लगता है कि यह बयान बहुत भारी है। 🚨 कांग्रेस में ऐसा बयान सुनकर लगता है कि सबको हिला दिया गया है। 😬 इस तरह की बातें करना कभी भी सही नहीं होती। 💔 हमारे नेताओं को अपने शब्दों में सावधानी बरतनी चाहिए। 🙏
 
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