'हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े, कहीं जाकर लूटा नहीं, लेकिन...' डोभाल ने युवाओं से की ये अपील

सुनकर मुझे लगता है कि हमारे देश की सुरक्षा बहुत जटिल है, तो बस सीमाओं को मजबूत करने से पर्याप्त नहीं होगा। हमें आर्थिक रूप से भारत को और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि हमलों का दौर खत्म हो जाए। लेकिन यह सवाल उठता है कि हमारे पास यह संसाधन और विशेषज्ञता क्या हैं? हमें सुरक्षा बलों को और भी बेहतर बनाने की जरूरत है, और हमें अपने देश के युवाओं को सुरक्षा में रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। 🕵️‍♂️
 
अरे, यह बात अजीत जी ने कई बार कही है, लेकिन अब तो उन्हें थोड़ी से व्यावसायिक दृष्टिकोण समझना चाहिए। सीमाओं को मजबूत करना जरूरी है, लेकिन हमारे देश में इतनी आर्थिक और तकनीकी असमानता है कि अगर हम सिर्फ सीमाओं पर फोकस करते हैं, तो हमलों की समस्या ही बढ़ जाएगी।

हमें विद्युत ऊर्जा, खadyalay, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सबकुछ एक्सेल्स करना चाहिए। हमारे देश में इतनी भ्रष्टाचार है, तो इसे कम करने के लिए हमें बहुत सोच-समझकर काम करना होगा।
 
बहुत जरूरी बात कही देखा, अगर हम सिर्फ सीमाओं पर ही ध्यान केंद्रित करते रहते, तो ये सब तो फिर निकल जाएगा। मुझे लगता है कि हमारे देश को अपने आप में इतना विकास कर लेना चाहिए कि बाहरी खतरों से नहीं डरना पड़े। लेकिन, ऐसा करने के लिए भारत सरकार को बहुत प्रयास करना होगा। देखिये, कितने ज्यादा खर्च करेंगे और कितने ज्यादा विकसित होंगे... फिर यही हमें सुरक्षित रखेगा।
 
मैं तो लगातार सोच रहा हूँ की हमारी नेशनल सिक्योरिटी कैसे बेहतर बनाई जाए? अगर सिर्फ सीमाओं पर मजबूती ही पर्याप्त है तो विदेशी देशों की तुलना में हमारा आर्थिक विकास बहुत पीछे रह गया है। हमें फैक्ट्रीज, यूनिवर्सिटी, एयरपोर्ट और अन्य सुविधाओं को विस्तारित करना चाहिए। तकनीकी दृष्टिकोण से भी हमें अपने डिजिटल माइंड नेटवर्क को मजबूत बनाना होगा। यही हमारी सुरक्षा का असली रूप है। तो मेरा विचार है की हमें आर्थिक और तकनीकी दोनों को एक साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए। 🚀
 
ज़रूरत है जैसे हमारे देश को सुरक्षित बनाने के लिए कोई नया रणनीति तैयार करनी चाहिए। ये अजीत डोभाल जी ने बोले हैं कि सिर्फ सीमाओं पर मजबूती से हमारी सुरक्षा को भरोसा दिलाना पर्याप्त नहीं है। हमें आर्थिक रूप से और तकनीकी तौर पर भारत को बहुत मजबूत बनाना चाहिए। इससे हमलों और पराधीनता के इतिहास का प्रतिशोध ले सकें। हमारे देश में कई जगहें जैसे कि बिहार, उत्तर प्रदेश आदि में अपराध होने की बातें हमेशा सुनाई देती रहती हैं। इससे पहले हमें आर्थिक रूप से और सामाजिक रूप से भारत को मजबूत बनाना चाहिए।
 
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