हरियाणा में IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देगा हिसार: कैबिनेट मंत्री गंगवा ने मुख्यमंत्री को विजन डॉक्यूमेंट सौंपा; 5 BJP सांसद लॉबिंग कर रहे - Hisar News

हिसार में IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देगा सरकार, कैबिनेट मंत्री गंगवा ने विजन डॉक्यूमेंट सौंपा

हरियाणा का यह प्रस्ताव है कि इसी राज्य को लेकर लॉबिंग में जुटे हुए सभी 5 सांसद कृषि विश्वविद्यालय, हरियाणा, गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय और लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) हैं। इसके अलावा यहां महाराज अग्रसेन एयरपोर्ट भी है। इससे शहर की कनेक्टिविटी अच्छी है।

इसी बीच पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में IIT के लिए जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आती जा रही हैं। इन सभी जगहों पर शहर को लाभ पहुंचाने का योजना बनाई गई है।
 
सरकार ने हिसार में IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है... यह अच्छी खबर है! इससे हिसार की कनेक्टिविटी भी अच्छी होगी, और वहीं गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हरियाणा को भी लाभ होगा। पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में IIT के लिए जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आती जा रही हैं... यह सारे जगहों पर शहर को लाभ पहुंचाने का योजना बनाई गई है! 🤞
 
🌿 यह तो एक बहुत अच्छी खबर है... देश का सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग संस्थान हरियाणा में आ रहा है! 🎓 300 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव सरकार ने लाया है, जिससे यहां से स्टूडेंट्स विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भावनाओं को दर्शाने के लिए सक्षम होंगे।

आजादी के बाद पाकिस्तान ने भी 1989 में कृषि विश्वविद्यालय, वारिष, पंजाब, पाकिस्तान में स्थापित किया था। इसी तरह हरियाणा में IIT होना एक खूबसूरत विचार है। 🌹
 
बिल्कुल सही दिखता है कि सरकार ने हिसार में IIT के लिए इतनी बड़ी जमीन देने का फैसला किया है। यह शहर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का अवसर होगा। और ये तो सिर्फ शुरुआत है, पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में इसी तरह की योजनाएं बना रही हैं। इससे हर जगह की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों के जीवन में सुधार आएगा।
 
बिल्कुल सही है! 🤩 हरियाणा में IIT के लिए जमीन देने का यह प्रस्ताव एक बड़ा अच्छा विचार है। हिसार में सरकार ने 300 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और विकास में बहुत सुधार होगा। यह तो हरियाणा के लिए एक बड़ा अवसर है! 🌟 इसके अलावा, पंचायतों ने भी अपने-अपने गांवों में IIT के लिए जमीन देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे योजनाएं और विकास कार्यों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
 
ये तो बहुत अच्छी खबर है 🤩 कि सरकार ने IIT के लिए जमीन देने का फैसला किया है, यह हमें अपने प्रतिभाशाली युवाओं को बढ़ावा देगा। और हरियाणा में शहर की कनेक्टिविटी अच्छी होगी, तो सारे लोग काफी खुश होंगे। पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आती जा रही हैं, यह हमें सोचते हुए अच्छा लगता है कि शहर को न्यूनतम लाभ पहुंचाने का प्रयास करें।
 
तो यह तो मिलेगा कि हरियाणा में IIT स्थापित करने का दौर शुरू हो गया है 🌟 कैबिनेट मंत्री गंगवा ने विजन डॉक्यूमेंट सौंपा तो अच्छा, अब यह देखना होगा कि शहर की कनेक्टिविटी अच्छी होती है या नहीं 🚂 पंचायतें अपने-अपने गांवों में भी जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आती जा रही हैं तो शहर को लाभ पहुंचाने का योजना बनाई जाएगी, मुझे उम्मीद है कि यह शहर को अच्छा करेगा।
 
आजकल ये तो हरियाणा में IIT के लिए जमीन देने का कोई नया सपना नहीं है, बल्कि यह एक जरूरी कदम है जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और शहर की विकास योजनाओं में सुधार कर सकें। 300 एकड़ जमीन देना तो बड़ा फैसला है, और मुझे उम्मीद है कि सरकार ने अच्छे समझौतों पर बैठने का प्रयास किया होगा।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा नियोजन है 🤔 IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देना और पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में इसे लेकर आती जाना तो शहर की विकास यात्रा को काफी तेज करेगा। यहाँ पर महाराज अग्रसेन एयरपोर्ट की स्थिति से भी शहर की कनेक्टिविटी अच्छी होगी।

मुझे लगता है कि हमें IIT जैसे स्कूल को आने वाले समय में यहाँ पर स्थापित करने के लिए जरूर रणनीति बनानी चाहिए।
 
बिल्कुल सही है 🙌 कि सरकार ने IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया है, यह तो शहर की विकास के लिए बहुत अच्छा संकेत है। और अगर पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में IIT के लिए जमीन देने का प्रस्ताव लाती हैं तो यह शहर की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद होगा। यह तो हमारे राज्य के लिए एक अच्छी बात है, और मुझे उम्मीद है कि IIT का निर्माण जल्द ही होंगे।
 
🤔 भारत में IIT के साथ-साथ कृषि विश्वविद्यालय को भी सरकार ने बढ़ावा देने का फैसला किया है, लेकिन सवाल यह है कि इससे पंचायतों को जमीन बेचने के लिए मजबूर करने का तरीका तय हुआ है? क्या पंचायतों की जमीन केवल IIT के नाम पर बेची जाएगी? 🤷‍♂️ और क्या शहर के विकास में यह सभी संस्थानों को लाभ पहुंचाएंगे? 🚧
 
अरे बेटा, यह तो एक बहुत बड़ा मौका है हमारे लिए। आइए सोचें, क्या इस IIT को बनाने से हमारी पीढ़ी के भविष्य की दिशा में कोई फर्क पड़ेगा। ये विद्यालय न केवल हमारे लोगों के लिए शिक्षा का साधन बनेगा, बल्कि यह शहर को भी एक नया रूप देने में मदद करेगा। और तो और, पंचायतें अपनी-अपनी जमीन देकर यहां आने वाले युवाओं को अच्छी जिंदगी देने का साहस दिखा रही हैं। लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि क्या हमारी सरकार ने अपने विदेशी मित्रों के लिए इस IIT को बनाने का मौका देने पर विचार कर रही है या नहीं।
 
ज़रूरी तो यह है कि हरियाणा में सरकार ने IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन सोच रहे हैं कि इस पर कैसे संचालन किया जाएगा।
अगर गंगवा जी ने विजन डॉक्यूमेंट सौंपा तो यह अच्छा होगा, लेकिन अभी तक पता नहीं चलता कि IIT की भविष्यवाणी कैसे है और इसकी जरूरत कितनी है।
लेकिन अगर शहर की कनेक्टिविटी अच्छी होने लगे तो यह अच्छा होगा, क्योंकि इससे हरियाणा में जाने वाले लोगों को फायदा होगा।
मेरा विचार है कि IIT के लिए जमीन देने से पहले सरकार और पंचायतों ने सही से गणना करनी चाहिए, ताकि शहर की आर्थिक स्थिति अच्छी बनाए रख सके।
 
बड़े बुरे दिन हैं! सरकार ने हिसार में IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देने की घोषणा की है, लेकिन इसके पीछे क्या विचार हैं? शहर को अच्छी कनेक्टिविटी और लॉबिंग में जुटे सभी सांसदों को फायदा होगा। और यह तो बस शुरुआत है! पंचायतें भी अपने-अपने गांवों में IIT के लिए जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आती जा रही हैं, इससे शहर की परिस्थितियाँ और खराब हो गईंगी।
 
ਮुझे ਨਹੀਂ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਵਿਚਾਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਰਿਆਣਾ ਦੀਆਂ ਪੰਚਾਇਟੀਆਂ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ? ਇੱਥੋਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ IIT ਪੁਰੀ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਫੈਲ ਜਾਵੇਗਾ, ਪਰ ਕੌਣ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੀ ਸਮਾਂ?
 
नहीं तो यह सोच में नहीं आया कि हरियाणा में IIT की शुरुआत होने का वाक्य तो अब रास्ता में आ गया है 🤔, पंचायतों को भी अपने-अपने गांवों में जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आते जा रहे हैं तो शहर की कनेक्टिविटी से बातचीत करना शुरू हो गई है 🚂, यह सभी जगहों पर शहर को लाभ पहुंचाने का योजना बनाई जा रही है तो फिर इसे हरियाणा में पूरा कर देना चाहिए 🎉
 
बड़ा दुखद विचार आया 🤕, हिसार में IIT के लिए 300 एकड़ जमीन देने की बात सुनकर मुझे लगा कि यह राज्य हमेशा के लिए अपने शिक्षा और प्रौद्योगिकी मंच पर झुक जाएगा। यहां की सरकार ने कैबिनेट मंत्री गंगवा द्वारा विजन डॉक्यूमेंट सौंपा, जो एक बड़ा संकेत है।
 
बिल्कुल सही है! सरकार ने यह अच्छी बात कही है कि हिसार में IIT के लिए जमीन देने की प्लानिंग कर रही है। इससे हिसार की कनेक्टिविटी और विकास को और तेज़ करने में मदद मिलेगी। लेकिन, मुझे लगता है कि सरकार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि IIT के साथ-साथ लोगों के जीवन में भी बदलाव आ सकता है, तो शहर के विकास पर बेहतर योजना बनाई जानी चाहिए।

और, पंचायतें अपने-अपने गांवों में IIT के लिए जमीन देने का प्रस्ताव लेकर आती जा रही हैं... यह एक अच्छा संकेत है कि लोगों में IIT के बारे में जागरूकता बढ़ रही है। लेकिन, मुझे लगता है कि सरकार और पंचायतें दोनों एक साथ मिलकर लोगों को इस पर अधिक जानकारी देनी चाहिए ताकि वे अपने फैसले ले सकें।
 
क्या लगता है सरकार ने IIT के लिए जमीन देने का यह प्रस्ताव सही सोच रही है? तो क्या शहर की कनेक्टिविटी अच्छी होगी, तो फिर भी ये बात मुझे थोड़ी चिंतित कर देती है कि सभी जगहों पर IIT के लिए जमीन मांगने से नागरिकों का जीवन प्रभावित हो सकता है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी खबर है, लेकिन मैं चाहूंगा कि सरकार इस प्रस्ताव के बारे में किसी भी विशेषज्ञ से परामर्श करे। यह तो हिसार में एकदम से नहीं हुआ, अगर हम देखें तो यहां पंचायतें भी अपनी-अपनी जमीन जमा करने की बात कह रही हैं। मुझे लगता है कि सरकार ने अच्छे विचार किये हैं लेकिन कुछ और भी जानकारी देनी चाहिए। मुझे लगता है कि अगर हम शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के बारे में तय करने के लिए एक ग्रुप बनाएं, तो यह अच्छा रहेगा। 🤔
 
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