यूपी: AIMIM को 'बीजेपी की B टीम' बताने वालों पर भड़के शौकत अली, जूते से मारने की दी धमकी

ये तो और भी बोलबाला हुआ है 🙄। शौकत अली का बयान सुनकर लगता है कि वे बहुत बड़े हैं माफ़ कीजिये, लेकिन यह सच नहीं है। AIMIM को बीजेपी की बीटीम कहकर बोलना और खुद को जूते से जवाब देने के लिए तैयार रहना एक बड़ा हिलावा है 🤣। पार्टी को बदनाम करने की साजिशें नहीं करते हैं ना तो AIMIM, ना ही बीजेपी। यह चुनाव में मजबूत और असरदार गठबंधन बनाने की दिशा में काम करना ही सही है 🙌
 
बोल भाई, AIMIM नेता शौकत अली का यह बयान तो बिल्कुल सही कहा गया है 😂। विपक्षी दलों ने AIMIM पर बहुत आरोप लगाए हैं, लेकिन ये देखकर लगता है कि उन्हें चुनाव में जीतने की उम्मीदें नहीं हैं। पार्टी को बदनाम करने की साजिशें करना तो बहुत आसान बात है, लेकिन सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में जीने का मौका AIMIM को नहीं मिल सकता। 🙅‍♂️
 
बोलचाल में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच लड़ने की जगह, हमें AIMIM और अन्य दलों की भागीदारी पर ध्यान देना चाहिए। जंग की बात है तो सियासत में एक्सप्लोसिव होने की बजाय, हमें वोटों की गणना पर ध्यान देना चाहिए 🤔

AIMIM के बयान ने विपक्षी दलों पर हमला बोला, लेकिन यह सवाल उठता है कि उन्होंने इसके खिलाफอะไร कहा? और AIMIM नेताओं ने भी अपनी पार्टी की स्थिति को बदतर बनाने वाले बयान नहीं दिए। शायद यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन की है, लेकिन हमें इसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित करने का प्रयास करना चाहिए 📈
 
AIMIM को 'बीजेपी की बीटीम' कहकर शौकत अली ने विपक्षी दलों पर हमला किया, लेकिन यह तो समझ में नहीं आता कि AIMIM क्यों इस तरह से प्रतिक्रिया करती है। जी हाँ, AIMIM अपनी विचारधारा और संगठन की ताकत पर राजनीति करती है, लेकिन यह भी समझना जरूरी है कि शौकत अली के बयान ने किस तरह की प्रतिक्रिया को जन्म दिया। विपक्षी दलों ने जवाब देने से पहले उन्हें सोच-समझकर जवाब देना चाहिए, न कि उकसावे के तौर पर ही जवाब देना चाहिए।
 
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