यूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीद: DNA और दांतों से खुलासा, तमिलनाडु-कनाडा से परिवार सामने आए; सरकारें क्यों सोई हैं

बिल्कुल, याद आ गया तो नाहीं तो देखा तो, इंटरनेट पर जाकर जाना चाहिए। 1857 क्रांति के समय ब्रिटिश सरकार ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों को दफना दिया था, लेकिन उनकी पहचान नहीं हुई थी। अब इतिहासकार और वैज्ञानिक इन शहीदों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। 👀
 
1857 क्रांति के बाद अंग्रेजों ने जिंदा दफनाए गए 282 शहीदों की कहानी आज भी दर्दनाक है। उनकी पहचान नहीं हुई थी, लेकिन अब इतिहासकार और वैज्ञानिक इन शहीदों को कैसे पहचान रहे हैं?

मुझे लगता है कि इस मामले में हमें अपनी प्रगति को देखना चाहिए, लेकिन यह भी याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये शहीद हमारे इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी पहचान करना हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलने देगा।

मुझे लगता है कि इस मामले में सरकार, पंजाब सरकार और अन्य संगठन सहयोग कर रहे हैं ताकि ये शहीदों के परिवारों को सम्मान मिल सके। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही हम इन शहीदों की पहचान कर लेंगे और उनके परिवारों को सम्मान दिया जाएगा। 🕊️
 
यह तो सच कहीं न कहीं है कि अंग्रेजों ने इन शहीदों को ऐसा किया था। जिंदा दफनाने की बात सच है, लेकिन यह सोचकर मुझे डर लगता है कि अब भी क्या हाल हुआ है। 1857 क्रांति के समय से इतने सालों के बाद भी इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया। यह एक बड़ा गलतफहमी है और हमें इसके बारे में अधिक जानने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, लेकिन हमें ऐसी बातों पर ध्यान रखना चाहिए कि हम अपने इतिहास से सीखें। अगर कोई यह जानकर खुश होगा, तो फिर भी इसके बारे में अधिक जानना जरूरी है।
 
😊 1857 क्रांति की याद में हमेशा से बहुत गर्व महसूस करते रहते हैं और आज भी उनके शहीदों को याद करने का मौका मिलता है। 🙏

उनकी दुर्दशा को एक लोहे के बक्से में भरकर रखना बहुत दर्दनाक लग रहा है और यह जानकर भी नहीं था कि उन्हें इतनी जिंदगी में जो अनुभवों का सामना करना पड़ा।

अब जब इतिहासकार और वैज्ञानिक उनकी पहचान कर रहे हैं तो मुझे उम्मीद है कि शहीदों के परिवार को एक बार फिर से सम्मान मिलेगा। 🙌
 
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