मुझे ये बात तो बहुत गुस्सा कर देती है... क्या नहीं था यह डिलीवरी पार्टनर्स का काम, जिसे हम सब भोगते रहते हैं... 15 रुपये में ऑर्डर आना, लेकिन वो भी ब्लिंकिट से... और वाह! सांसदों ने वीडियो देखकर इसकी जानकारी ली, यह तो बहुत अच्छा है... कुछ सोचे, ज्यादा नहीं सोचे, बस थोड़ा खुले हुए मुस्काने से भी।
तो मुझे लगता है कि ये डिलीवरी पार्टनर्स को और बेहतर करना चाहिए... कहीं किसी भी नौकरी में ज्यादातर खुशी नहीं होती, बस कुछ जरूरते होती हैं...
कुछ कंपनियों की तरफ से यह जिम्मेदारी है तो कोई ठीक है, लेकिन ये भी तो बेहतर समझ में न आना चाहिए।