30 साल बाद मुंबई में ठाकरे परिवार सत्ता से बाहर: पहली बार बीजेपी का मेयर बन सकता है; 4 साल से चुनाव न होने से पद खाली

बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में भाजपा ने अपने 45 सालों के इतिहास में पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंची है।

इस सीट पर शिवसेना और कांग्रेस का कब्जा रहा है, लेकिन यहां पर भाजपा ने 89 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटें जीतीं।

यह पहली बार है जब मुंबई में भाजपा को मेयर बनने का मौका मिलेगा। भाजपा ने 1992 से लेकर 2017 तक मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट दिया था।

कांग्रेस और शिवसेना के कब्जे पर 77 सालों का अहसास होता है। यानी आजादी के बाद पहली बार 1947 में भी यहां कांग्रेस ने मेयर की पद को जीत लिया। वहीं 1992 से लेकर 2022 तक मेयर की कुर्सी पर शिवसेना काबिज रही।

भाजपा 1980 में पार्टी के गठन के बाद भी मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट करते रहे।
 
🤔 90 सालों की यह एक लंबी संघर्ष है 🕰️, और अब भाजपा ने जीत हासिल कर ली है। मुझे लगता है कि यह बदलाव न केवल मुंबई के लिए बल्कि महाराष्ट्र के लिए अच्छा संकेत हो सकता है। 🌅 अब देखना ताजर्बा होगा कि भाजपा मेयर की पद पर कहाँ तक सफल हो पाती है। 🤞
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी खबर है 🙌, भाजपा को पहली बार अपने 45 सालों के इतिहास में मुंबई में मेयर बनने का अवसर मिल गया है। इससे मुंबई के नागरिकों के लिए नई दिशा में काम करने की संभावनाएं हो सकती हैं।
 
मुन्न, यह तो बहुत रोमांचक है! भाजपा को पहली बार मेयर बनने का अवसर मिल गया है। मैं सोचता हूँ कि ये एक अच्छा संकेत है कि लोगों ने बदलाव की तलाश में शिवसेना और कांग्रेस को छोड़ दिया है। 45 सालों तक शिवसेना ने मेयर की कुर्सी पर अपना कब्जा बनाए रखने में सफल रही, लेकिन अब समय बदल गया है और लोगों ने नए दिशानिर्देश की तलाश में भाजपा को समर्थन दिया है। यह एक अच्छा मौका है कि नई सरकार के नेतृत्व में शहर की विकास योजनाओं पर ध्यान दिया जाए। 🎉
 
अरे दोस्तो... मुंबई के चुनाव में ज्यादा कुछ नहीं बदला है... शिवसेना और कांग्रेस का कब्जा बढ़ा है, लेकिन भाजपा को एक बार फिर से मेयर बनने की संभावना है। यह अच्छी बात नहीं है, मेरे दोस्तों... भाजपा ने शिवसेना को सपोर्ट करने का इतिहास है और अब उन्हें मुंबई में मेयर बनाने का मौका मिल रहा है। मुझे लगता है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण नतीजा होगा।
 
ब्राह्मण मेयर बनने से पहले तो मैंने सोचा था कि यही होगा, लेकिन रेसलमैन जैसे दिल्ली के मेयर बन गए, अब मुंबई का भी पूरा बदलाव होने वाला है! 🤯

शिवसेना और कांग्रेस 77 सालों से कब्जे में रहे, लेकिन अब तो मुंबई के नागरिकों ने दिखाया है कि कोई भी राजनीतिक दल उनकी जरूरतों को नहीं समझ पाता था, इसलिए नई सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की। यह एक अच्छी बात है, मुझे लगता है कि अब मुंबई के लोग अपनी अपनी आवाज़ सुनने वाले नेताओं को चुनेंगे।

मुझे लगता है कि यह एक नए युग की शुरुआत है, और मैं इसके लिए उत्साहित हूँ! 🚀
 
ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਬੜੀਆਂ ਪਿੱਛੋਂ ਸੁਣੇ ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚ ਮਿਲਦਾ ਹੈ। 45 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਆਪਣੀ ਪਹਿਲੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਵੀ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬਹੁਤ ਲੰਮੇ ਅਕਾਦਮਿਕ ਸਫ਼ਰ 'ਤੇ ਕੋਈ ਵੀ ਖੂਨੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਛੱਡੀ।
 
मुझे लगा कि यह अच्छी खबर है 🌟 भाजपा ने अपना पहला मेयर बनाने का मौका मिला, और मैं इस पर बहुत खुश हूँ। मुंबई में चुनावों में बदलाव आ गया है, और मुझे लगता है कि यह स्थिति न केवल भाजपा के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए अच्छी होगी।

मैं समझता हूँ कि शिवसेना और कांग्रेस को 77 सालों तक मेयर की पद पर कब्जा रहा, लेकिन यह समय बदल गया है और मुंबई के नागरिकों को अपने वोट के अधिकार का उपयोग करने का मौका मिला।

मैं उम्मीद करता हूँ कि भाजपा का नया मेयर शहर की प्रगति और सुधार में मदद करेगा, और हमारे देश को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगी।
 
😬 89 सीटें जीतने के बाद भी, ये तो बहुत बड़ी चुनौती है 🤯 शिवसेना और कांग्रेस के कब्जे पर 77 सालों का अहसास होता है, अब भाजपा को आगे बढ़ना होगा 🚀 मेयर बनने का पहली बार मुंबई में मौका मिला, लेकिन इसने अपने पिछले सहयोग से मुंबई को कैसे बदला है 😕
 
Wow 🤩, यह बहुत ही रोचक है कि भाजपा ने अपने 45 सालों के इतिहास में मुंबई में अपना पहला मेयर बनाने का मौका हासिल कर लिया है। यह दिखाता है कि पार्टी को शहर के लोगों ने भरोसा दिलाया है। Interesting 🤔
 
मुंबई में भाजपा को मेयर बनने का यह मौका है बिल्कुल अच्छा, लेकिन तय करना है कि वे चुनावी नतीजों को कैसे प्रभावित करेंगे। शिवसेना और कांग्रेस के 77 सालों के कब्जे पर मुंबई को एक नए दिशा में लाने का यह एक अच्छा मौका है।

पिछली बार भाजपा ने मेयर बनने का प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने फिर से शिवसेना को सपोर्ट दिया। अब भाजपा को यह मौका मिल गया है, तो वे इसे अच्छी तरह से चुनावी अभियान चलाकर जीतने का प्रयास करें।

भाजपा को मेयर बनने पर हमें उम्मीद है कि वे मुंबई के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर अपने निर्णय लें।
 
मुंबई की नई मेयर चुनाव में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि अब क्या होगा? मुझे लगता है कि भाजपा को अपने 45 सालों की पार्टी इतिहास में इस तरह का फैसला करने में समय लगेगा, लेकिन यह एक अच्छा निर्णय हो सकता है।

मुंबई की राजनीति में शिवसेना और कांग्रेस का कब्जा 77 सालों से चल रहा था, और अब यह बदलने वाला है। मैं उम्मीद करता हूं कि नई मेयर भाजपा के नेतृत्व में मुंबई की राजनीति को एक नई दिशा देगी।

लेकिन मुझे लगता है कि यह चुनाव भाजपा के लिए एक बड़ा प्रयास है, और उन्हें अपने समर्थकों की उम्मीदों को पूरा करने में सफल होने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि यह चुनाव एक महत्वपूर्ण मोड़ है, और मैं इसके परिणामों को देखने के लिए उत्सुक हूं। 👍
 
मुंबई में भाजपा को मेयर बनने का फैसला देखकर तो मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ 😐। 45 सालों की राजनीतिक यात्रा के बाद शायद एक नए अनुभव की शुरुआत हुई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या भाजपा मुंबई के लोगों को सुनेगी? 89 सीटें जीतने से शायद कहीं और नहीं गया। फिर भी, मुझे लगता है कि यह बदलाव कुछ अच्छा हो सकता है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही दिलचस्प बात है कि मुंबई के चुनाव में भाजपा ने इतनी बड़ी जीत हासिल कर ली है। 45 सालों के इतिहास में पहली बार मेयर बनने की स्थिति में पहुंचना तो बहुत ही महत्वपूर्ण है, खासकर जब आप देश की सबसे बड़ी शहरी क्षेत्र पर नियंत्रण कर रहे होते हैं।

मुझे यह सवाल उतना ही ज्यादा लगता है कि मुंबई में भाजपा और शिवसेना की गठबंधन की क्यों नहीं बनाई गई? और क्या यह बदलाव नीतियों में बदलाव लेकर किया गया या फिर वोटों के संतुलन में बदलाव कर?

और मैंने तो सोचा था कि शिवसेना और कांग्रेस की 77 सालों का कब्जा दिल्ली के नेताओं की तरह ही होगा। लेकिन लगता है कि चुनाव में बदलाव की जरूरत हो गई। अब मुझे यह सवाल उतना ही ज्यादा लगता है कि मुंबई में नए मेयर कैसे बनाएंगे और वे शहर को कैसे नियंत्रित करेंगे।

क्या आपको लगता है कि भाजपा के नेताओं में फिर से शिवसेना जैसी मजबूतता होगी?
 
भाजपा की इस जीत से मुझे लगता है कि मुंबई की राजनीतिक खेलों में एक नया दौर शुरू हो गया है। 45 सालों के इतिहास में भाजपा ने पहली बार मेयर बनाने का मौका पाया, यह एक बड़ा बदलाव है! 🤔

लेकिन अगर हम देखें, तो शिवसेना और कांग्रेस के कब्जे पर 77 सालों का अहसास होता है। यानी आजादी के बाद पहली बार 1947 में भी यहां कांग्रेस ने मेयर की पद को जीत लिया। शिवसेना और कांग्रेस के कब्जे पर हमेशा से हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था और राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुझे लगता है कि भाजपा की इस जीत से मुंबई के लोगों को अपने नेताओं के प्रति एक नया दृष्टिकोण देखने को मिलेगा।
 
🤔 यह बहुत रोचक है कि भाजपा ने मुंबई में अपना पहला मेयर बनाने का मौका मिल गया। मैंने 1992 से लेकर 2017 तक मुंबई में जो देखा, वो मेरे लिए बहुत यादगार था। मुझे लगता है कि यह बदलाव मुंबई की राजनीति के लिए नए-नए अवसर खोल रहा है।

मैंने अपने बड़े भाई के साथ मुंबई के स्ट्रीट फूड शॉपिंग करने का आनंद लिया था। हमने एक साथ चावल-वड़ा और पोहा-चाट का स्वाद लिया था, जो आज भी मेरे लिए बहुत स्वादिष्ट है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी खबर है कि भाजपा ने अपने इतिहास में मुंबई में मेयर बनने का अवसर हासिल किया है। मैं उम्मीद करता हूं कि नई सरकार मुंबई को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगी। लेकिन यह एक बड़ी चुनौती भी है कि नई सरकार मुंबई की विभिन्न समस्याओं जैसे कि सड़कों की मरम्मत, प्रदूषण और जल संकट को हल करने में सक्षम होगी। 🤞
 
मुझे लगता है कि यह अच्छा संकेत है 🤞, जैसे बृहन्मुंबई महानगरपालिका की नई सरकार में भाजपा के नेताओं को अपने विचारों और योजनाओं को लेकर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। मेरी राय में यह एक अच्छा समय होगा जिसे हमें अच्छे परिणाम देखने को मिलेगे।
 
मैंने पढ़ा तो ये अच्छी बात है कि भाजपा ने पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने का मौका मिलेगा। लेकिन देखिए, शिवसेना और कांग्रेस 77 सालों तक कब्जे पर रहे, यह तो जरूर है कि न्याय करें। भाजपा ने 45 सालों में अपनी पार्टी को मजबूत कर लिया, अब उनका मौका मिला, लेकिन फिर भी देखिए, शिवसेना और कांग्रेस ने इतनी लंबे समय तक मेयर की कुर्सी पर कब्जा रखा।
 
ਮुंਬਈ ਦੀ ਮੇਅਰ ਲਈ ਚੋਣ ਵਿੱਚ ਭਾਜਪਾ ਨੂੰ ਕੁਝ ਸਮਝ ਆ ਗਈ ਹੈ. ਉਹ ਇੰਨੀ ਬੜੀ ਜਿੱਤ ਕਿਵੇਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ? 89 सीटਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਉਹ ਮੁੰਬਈ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਪਾਰਟੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਏ.

ਇਸ ਲਈ, ਮੇਅਰ ਬਣਨ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਨੂੰ ਘੱਟ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਹੋਵੇ. ਚੁਣਵੀਂ ਭੋਗਿਆ ਮੁਕਾਬਲਤ ਦੇ ਨਾਲ, ਉਹ ਆਪਣੇ ਸਟੈਕ ਅਤੇ ਜੀਵਨਯੋਗਤਾ ਦਰਸਾਏ.
 
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