बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में भाजपा ने अपने 45 सालों के इतिहास में पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंची है।
इस सीट पर शिवसेना और कांग्रेस का कब्जा रहा है, लेकिन यहां पर भाजपा ने 89 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटें जीतीं।
यह पहली बार है जब मुंबई में भाजपा को मेयर बनने का मौका मिलेगा। भाजपा ने 1992 से लेकर 2017 तक मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट दिया था।
कांग्रेस और शिवसेना के कब्जे पर 77 सालों का अहसास होता है। यानी आजादी के बाद पहली बार 1947 में भी यहां कांग्रेस ने मेयर की पद को जीत लिया। वहीं 1992 से लेकर 2022 तक मेयर की कुर्सी पर शिवसेना काबिज रही।
भाजपा 1980 में पार्टी के गठन के बाद भी मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट करते रहे।
इस सीट पर शिवसेना और कांग्रेस का कब्जा रहा है, लेकिन यहां पर भाजपा ने 89 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटें जीतीं।
यह पहली बार है जब मुंबई में भाजपा को मेयर बनने का मौका मिलेगा। भाजपा ने 1992 से लेकर 2017 तक मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट दिया था।
कांग्रेस और शिवसेना के कब्जे पर 77 सालों का अहसास होता है। यानी आजादी के बाद पहली बार 1947 में भी यहां कांग्रेस ने मेयर की पद को जीत लिया। वहीं 1992 से लेकर 2022 तक मेयर की कुर्सी पर शिवसेना काबिज रही।
भाजपा 1980 में पार्टी के गठन के बाद भी मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट करते रहे।