आपका पैसा- हर महीने आते ही खत्म हो जाती सैलरी: 50-30-20 रूल से बचाएं पैसे, बनाएं फंड, एक्सपर्ट से जानें निवेश और सेविंग के टिप्स

मैंने पढ़ा है कि अगर अपनी सैलरी में इतना खर्च हो जाता है कि उसके बाद शेष खत्म हो जाता है, तो वास्तव में मारा गया पैसा वही होता है जो हम बचाते हैं 🤔। और यही कारण है कि 50-30-20 रूल इतना जरूरी है। अगर खर्च का ढांचा तय नहीं किया गया है, तो सेविंग करना मुश्किल ही होता है।

मेरे विचार में, यह रूल हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम अपने पैसों को सही दिशा में निर्देशित कर रहे हैं। जरूरतीदार और चाहते के बीच का भला संतुलन तय करना बहुत जरूरी है। अगर हम अपनी जरूरतों को सबसे पहले पूरा करते हैं, फिर खुशी और आराम के लिए समय निकालते हैं, तो हमारा जीवन संतुलित होगा।
 
मैंने पढ़ा है कि लोग अपने पैसे को बिल्कुल नियंत्रित नहीं करते हैं और चाहे अच्छा या बुरा समय भी आए, वो सिर्फ खर्च कर देते हैं। इससे उनका हर महीना खत्म हो जाता है! 🤦‍♂️

मुझे लगता है कि 50-30-20 रूल बहुत अच्छा तरीका है। अगर आपकी खर्च की योजना तय नहीं की है, तो सेविंग करना मुश्किल ही होता है। इससे पहले वो स्वयं अपने पैसों को सही दिशा में ले जा सकते हैं।

मैंने भी ऐसा ही किया, जब मेरी सैलरी कम थी। मैंने 500 रुपये महीने से शुरुआत कर के अलग रखा। अब मैं अपने पैसों पर नियंत्रण रखता हूँ और मेरा हर महीना खत्म नहीं हो जाता।

यही जरूरी है! 😊
 
भारत में लोगों को अपने पैसे को सही ढंग से बचाना और निवेश करना चाहिए, लेकिन कई लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि उनकी इनकम से पहले से ही खर्च का ढांचा तय करना ज़रूरी है। अगर आपको सेविंग्स करना मुश्किल लगता है, तो फिर आप अपने खर्चों को कम करने और अपनी लागत को प्रबंधित करने पर ध्यान देना चाहिए।

अगर हमारे पास एक अच्छा बैंक खाता है और हमें अपने खर्चों को ट्रैक करने में सुविधा मिलती है, तो हम सेविंग्स करने में आसानी से सक्षम हो सकते हैं।

यदि आप कम सैलरी वाले हैं और आपको लगता है कि आप सेविंग्स कर नहीं सकते, तो फिर आप अपने खर्चों को कम करने की कोशिश करें और देखें कि आप कहाँ आराम कर सकते हैं।
 
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