ताज़ा ख़बर सुनकर मुझे लगता है कि हमारी देशवासियों की भावनाएं बहुत गहरी हैं। मस्जिद के बारे में विवाद होना निश्चित रूप से हानिकारक नहीं है, लेकिन इसके पीछे क्या ज़रूरत है? यह तो बस अपनी अलग पहचान और परंपराओं की गर्व की बात है। ख़ल्कि अगर हमारी सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्थाएँ नहीं हैं, तो यह समाज में तनाव फैलाएगी। लेकिन फिर भी, हमें यह समझना चाहिए कि मस्जिद और गुरुद्वारा, temples, या किसी भी अन्य धार्मिक स्थलों जैसे विभिन्न धर्मों को सम्मान करना ही सही है।