जस्टिस स्वामीनाथन की अदालत में ब्राह्मण समुदाय के वकीलों को फायदा पहुंचाने की विशेषता दिखाई गई है, जबकि दलित और अन्य अल्पसंख्यक समूहों को कम महत्व दिया गया है। यह एक बहुत बड़ा भेदभाव है जिसे हमें रोकने की जरूरत है।
मेरी राय में, इस मामले में सरकार ने सही तरीके से काम करने की जरूरत है और आरोपों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। अदालत में न्याय की प्रक्रिया को सुधारने की जरूरत है, ताकि सभी समूहों को समान अवसर मिल सके।