मुझे लगता है कि भाजपा की यह हरकत तेजी से देश को प्रभावित कर रही है। अगर हम अपनी पार्टियों में अनुशासन बनाए रखना चाहते हैं तो हमें सख्त कदम उठाने होंगे। 
क्या सरकार ने यह नहीं सोचा था कि इससे विपक्षी दलों को भी प्रभावित किया जाएगा? और चुनाव में मतदाताओं की राय कैसे लेगी अगर ऐसी गड़बड़ी होती है?
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मुद्दा है और हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल भाजपा बल्कि पूरे राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित होगा।
क्या सरकार ने यह नहीं सोचा था कि इससे विपक्षी दलों को भी प्रभावित किया जाएगा? और चुनाव में मतदाताओं की राय कैसे लेगी अगर ऐसी गड़बड़ी होती है?
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मुद्दा है और हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल भाजपा बल्कि पूरे राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित होगा।