मुझे भी यह बात हंसाने में नहीं आती कि जस्टिस गवई सिर्फ इतना बोल रहे थे कि SC वर्ग को आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार विकास दिलाया जाए। यह तो सच है और सही विचार है, लेकिन मुझे लगता है कि इस पर चर्चा में इतनी ज्यादा रोकथाम नहीं लगाई गई।
मैंने एक छोटી ગણित की है...
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| SC વર્ગ |
| 17% (અસલ) |
+-----------+
|
|
v
+-----------+ +-----------+
| 25% | | 50% |
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| |
| |
v v
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| 40% (આશા) | | 75% |
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બધું સરળ, નહीं?
મुझे आशा है कि SC वर्ग को भी आर्थिक विकास मिलेगा।