CM की कार्रवाई के बाद AAP के विधायक ने इस पद से दिया इस्तीफा, कैबिनेट रैंक छोड़ा

मुझे तो यह सब बहुत गुस्सा कर देता है! क्या हमें ऐसा लगता है कि हम अपने अधिकारों की खोज में नहीं हैं? सुखविंदर सुखी ने पुलिस की हरकतों का विरोध किया और उन्हें समझाने की कोशिश की... लेकिन क्या उनकी आवाज़ सुनी गई? यह देश तो ऐसा ही चल रहा है...

मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में बदलाव लाने की जरूरत है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वे समझ सकें कि हमारा देश हमारा है। और हमें एक साथ चलना चाहिए, न कि अलग-अलग रास्तों पर।

मैं शुक्री हूँ कि लोग जैसे सुखविंदर सुखी हैं, जो अपने विचारों को व्यक्त करने की साहसिकता रखते हैं। हमें उनकी तरह और भी साहसी लोगों से भरना चाहिए।
 
मैं तो बिल्कुल समझ गया था कि भगवंत मान वाले लोग कैसे टिप्पणियाँ करते हैं... 😒 तो फिर भी यह तो बहुत ही गंभीर है कि सुखविंदर सुखी ने ऐसा क्यों किया। मुझे लगता है कि पुलिस की हरकतें थोड़ी जिम्मेदारी से कर लेनी चाहिए। और भगवंत मान वाले भाई, उन्हें यह तो समझना चाहिए कि एक टिप्पणी से कुछ नहीं बनता, लेकिन अगर ऐसी हरकतें होती रहती हैं तो लोगों की नाराजगी बढ़ जाती है। मुझे लगता है कि पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन को इस पद पर रहने वाले व्यक्ति की जगह एक और व्यक्ति चुनना चाहिए जो लोगों की अपेक्षाओं को पूरा कर सके।
 
यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है... पुलिस ने धार्मिक स्थल पर क्या कर रही थी, यह जानने की जरूरत नहीं थी ... लेकिन भगवंत मान की टिप्पणियाँ ज्यादा नहीं सही थीं।

सुखविंदर सुखी की बात समझ में आती है, वे पहले भी इस तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। पार्टी ने उन्हें अलग कर देना चाहिए था। अब यह सवाल उठता है कि पंजाब में ऐसी घटनाएँ कितनी हो सकती हैं और सरकार कैसे इन पर नज़र रखेगी।
 
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