दीपावली एक ऐसा त्योहार है जिसमें हम अपने घरों और दिलों को रोशन करने का अवसर मिलता है। लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि छोटी-छोटी कोशिशें भी जिंदगी को बदल सकती हैं। दैनिक भास्कर की पहल 'सार्थक दीपावली' इस बात का स्मरण कराती है कि हमारे सहयोग किसी जरूरतमंद की जिंदगी में खुशियां ला सकते हैं।
हमने एक शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें संदेश है कि जब हम किसी और की खुशियों में हिस्सा बनते हैं, तो वही खुशी किसी न किसी रूप में हमारे जीवन में लौटकर आती है। यही विचार दीपावली के संदेश के साथ जुड़ा हुआ है, जहां घरों में रोशनी करने के साथ-साथ दिलों को भी रोशन किया जाता है।
इस दीपावली अपने घर के साथ किसी और के दिल में भी रोशनी भरें। जरूरतमंद की मदद करें, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाएं या किसी बुजुर्ग का अकेलापन मिटाएं। हमारी छोटी सी कोशिश किसी परिवार की दीपावली को सार्थक बना सकती है।
दीपावली के संदेश के साथ इस शॉर्ट फिल्म को करीबियों तक जरूर पहुंचाएं। इससे यह श्रृंखला चलती रहेगी और किसी न किसी जिंदगी में नया उत्साह और नई उम्मीद जगाती रहेगी।
हमने एक शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें संदेश है कि जब हम किसी और की खुशियों में हिस्सा बनते हैं, तो वही खुशी किसी न किसी रूप में हमारे जीवन में लौटकर आती है। यही विचार दीपावली के संदेश के साथ जुड़ा हुआ है, जहां घरों में रोशनी करने के साथ-साथ दिलों को भी रोशन किया जाता है।
इस दीपावली अपने घर के साथ किसी और के दिल में भी रोशनी भरें। जरूरतमंद की मदद करें, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाएं या किसी बुजुर्ग का अकेलापन मिटाएं। हमारी छोटी सी कोशिश किसी परिवार की दीपावली को सार्थक बना सकती है।
दीपावली के संदेश के साथ इस शॉर्ट फिल्म को करीबियों तक जरूर पहुंचाएं। इससे यह श्रृंखला चलती रहेगी और किसी न किसी जिंदगी में नया उत्साह और नई उम्मीद जगाती रहेगी।