दैनिक भास्कर की विनम्र पहल- सार्थक दीपावली: एक छोटी सी कोशिश किसी जरूरतमंद की जिंदगी में खुशियां ला सकती हैं- शॉर्ट फिल्म

दीपावली एक ऐसा त्योहार है जिसमें हम अपने घरों और दिलों को रोशन करने का अवसर मिलता है। लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि छोटी-छोटी कोशिशें भी जिंदगी को बदल सकती हैं। दैनिक भास्कर की पहल 'सार्थक दीपावली' इस बात का स्मरण कराती है कि हमारे सहयोग किसी जरूरतमंद की जिंदगी में खुशियां ला सकते हैं।

हमने एक शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें संदेश है कि जब हम किसी और की खुशियों में हिस्सा बनते हैं, तो वही खुशी किसी न किसी रूप में हमारे जीवन में लौटकर आती है। यही विचार दीपावली के संदेश के साथ जुड़ा हुआ है, जहां घरों में रोशनी करने के साथ-साथ दिलों को भी रोशन किया जाता है।

इस दीपावली अपने घर के साथ किसी और के दिल में भी रोशनी भरें। जरूरतमंद की मदद करें, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाएं या किसी बुजुर्ग का अकेलापन मिटाएं। हमारी छोटी सी कोशिश किसी परिवार की दीपावली को सार्थक बना सकती है।

दीपावली के संदेश के साथ इस शॉर्ट फिल्म को करीबियों तक जरूर पहुंचाएं। इससे यह श्रृंखला चलती रहेगी और किसी न किसी जिंदगी में नया उत्साह और नई उम्मीद जगाती रहेगी।
 
मैंने दीपावली की शोर्ट फिल्म देखी, वह बहुत ही सुंदर थी। तो सोचा कि हम भी अपने घरों को रोशन करें और जरूरतमंद की मदद करें। मेरे चाचाजी को अकेलापन लगता है, इसलिए मैं उनकी देखभाल करता हूँ। हमारी छोटी सी कोशिश भी मिल सकती है।
 
🕉️ दीपावली को मैंने हमेशा अपने घर को रोशन करने का अवसर मानने का आनंद लिया, लेकिन यह बात सच है कि छोटी-छोटी चीजें भी जिंदगी को बदल सकती हैं। मैंने भी दीपावली की श्रृंखला से प्रभावित होकर एक शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें लोगों को खुशियां देने और जरूरतमंदों की मदद करने के महत्व पर ध्यान दिया गया है। मुझे लगता है कि हमारी छोटी-छोटी कोशिशें जिंदगी को बदल सकती हैं और लोगों के दिलों में खुशियां भर सकती हैं। 🎉
 
मेरे दोस्त, तो दीपावली का संदेश बिल्कुल सही है... लेकिन क्या हम वास्तव में अपने घरों और दिलों को रोशन करने का प्रयास करते हैं? अक्सर हमारी देखभाल करने वालों के साथ भी ऐसा ही होता है... हम उन्हें रोशन करने का प्रयास नहीं करते... तो यह शॉर्ट फिल्म बिल्कुल सही कह रही है कि छोटी-छोटी कोशिशें जिंदगी को बदल सकती हैं... लेकिन हमें अपने दिलों में भी रोशनी भरनी चाहिए... 🤔💡
 
मुझे दीपावली का त्योहार बहुत पसंद है 😊। लेकिन मैं यह सोचता हूँ कि हमारे देश में इतने सारे जरूरतमंद हैं और उन्हें भी दीपावली की खुशियां मिल सकती हैं। अगर हम अपने घरों को रोशन करें तो उनके दिलों को भी रोशन करें। यही दीपावली का सही अर्थ है।
 
मुझे ये दीपावली बहुत खास लग रही है! 😊 पूरे देश में लोग अपने घरों को रोशन कर रहे हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिता रहे हैं। लेकिन मुझे याद है कि छोटी-छोटी चीजें भी बड़ा अंतर बना सकती हैं।

मेरी दादी की एक कहानी जो मुझे बहुत पसंद है, वह कहती थी कि जब हम किसी और की मदद करते हैं, तो उनका आभार हमारे लिए भी होता है। मैंने इस शॉर्ट फिल्म देखी है जिसमें यही संदेश दिया गया है, और मुझे बहुत पसंद आया।

मैं अपने परिवार के साथ इस दीपावली को बेहद खुशी से मनाने जा रहा हूँ। मेरे बच्चे अभी भी छोटे हैं, इसलिए मैं उनके चेहरों पर मुस्कान लाने की कोशिश करूंगा। और अगर मुझे समय मिलेगा, तो मैं जरूरतमंद लोगों की मदद करने की कोशिश करूंगा! ❤️
 
दीपावली को छोड़कर कोई भी त्योहार ही नहीं है जितना महत्वपूर्ण 🎉, हमें यह याद रखना चाहिए कि हर छोटे से काम से खुशियां और रोशनी लाई जा सकती है। दीपावली पर घरों को रोशन करने के साथ-साथ, हम अपने आसपास के लोगों की मदद भी कर सकते हैं 🌟। जरूरतमंद की मदद करना, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना, या बुजुर्गों का अकेलापन दूर करना - यह सभी बहुत ही सार्थक और महत्वपूर्ण काम हैं 🙏। हमें अपने आसपास के लोगों को खुशी और रोशनी देने का अवसर मिल सकता है, और इससे हमारी जिंदगी भी सार्थक हो सकती है ❤️
 
मुझे दीपावली की श्रृंखला बहुत पसंद है 🕯️, यह तो साफ तौर पर बताया गया है कि हमें अपने घरों और दिलों को रोशन करना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि यहां जो कहा गया है, वह थोड़ा भी व्यापक है। मेरा ये मतलब है कि जरूरतमंद की मदद करें तो ठीक है, लेकिन हमारे घर के अंदर भी खुशियों को बढ़ावा देना चाहिए। मैंने अपनी पत्नी को एक अच्छा सा कपड़ा दिया है और वह बहुत खुश है। तो ज़रूर दीपावली मनाएं लेकिन घर के बाहर भी खुशियों को बढ़ावा देना चाहिए।
 
मुझे दीपावली का संदेश बहुत पसंद है... लेकिन मैं इससे भी थोड़ा सोचना चाहता हूँ। हमारी छोटी-छोटी कोशिशें जिंदगी को बदल सकती हैं, लेकिन क्या हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारी मदद से जिंदगी में सचमुच परिवर्तन आ रहा है? इसके लिए हमें अच्छी तरह से सबको समझना होगा... और इसके लिए किसी भी पहल या अभियान के पीछे के तर्क की ज़रूरत है? 🤔
 
दीपावली की तैयारी होने लगी, लेकिन फिर सोचा कि यह तो बस घरों को रोशन करने की बात है, लेकिन दिल को भी रोशन करें तो बेहतर होगा। हमें जरूर देखنا चाहिए कि दीपावली किसने मिलने वाली, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों का खुशी लाने का प्रयास।
 
दीपावली की तैयारी में मैंने सोचा है कि हमारी छोटी-छोटी बातें भी जिंदगी को बदल सकती हैं। मेरे घर के बाहर सजावट करने से पहले मैं सभी को जरूरतमंद लोगों की मदद करने का प्रयास करती हूँ। मैंने अपने पड़ोसी को उनकी दुकान को साफ करने में मदद की, और फिर उसे एक नए गुब्बारे का उपहार दिया। इससे उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई, और अब वह खुश है।
 
मुझे यकीन है कि दीपावली को हमारे पास खुशियां, रोशनी और समृद्धि लाने वाली चीजें हैं। लेकिन यह तो जरूरी नहीं कि हमारे घरों को ही रोशन करें, हम दूसरों की भी मदद कर सकते हैं 🤝। अगर मैं कुछ सोचूंगा तो मुझे लगता है कि छोटी-छोटी बातें जैसे कि जरूरतमंद की मदद करना, बच्चों को खुश रखना, या किसी वृद्ध की अकेलापन दूर करना सब कुछ का सही मंत्र है। इससे हमारे अपने घरों को भी रोशन करते हुए, दूसरों की जिंदगी में खुशियां लाते हैं।
 
मैंने देखा है कि लोग बहुत ही खुशियों से इस दीपावली मना रहे हैं, लेकिन कभी-कभी मुझे लगता है कि जिंदगी में कुछ बदलने की जरूरत होती है। तो मैं सोचता हूं कि अगर हम अपने दिलों और घरों को रोशन करने के अलावा, जरूरतमंद लोगों की मदद करें, तो शायद यह दीपावली कुछ अलग बन जाएगी।

मेरा विचार है कि हमें अपने आसपास के लोगों को खुशियां देनी चाहिए, जैसे कि बच्चों को खिलौने देना, बुजुर्गों को साथ लेना, या जरूरतमंदों की मदद करना। इससे हमारे जीवन में भी कुछ बदलने की संभावना है।

मैं अपने घर में एक छोटी सी पूजा करूंगा और इसके अलावा जरूरतमंदों को दान देने का प्रयास करूंगा। शायद इससे मेरी दीपावली भी खुशियों से भर जाएगी।

मुझे लगता है कि अगर हम इसी तरह आगे बढ़ते हैं, तो शायद जिंदगी में बदलाव आ सकता है।
 
मुझे ये शॉर्ट फिल्म बहुत पसंद आयी, यह दीपावली के संदेश को बहुत अच्छी तरह से प्रस्तुत करती है 🕉️। मैंने भी अपने परिवार के साथ दीपावली मनाई, लेकिन मुझे लगा कि हमें यह भी जरूरी है कि हम अपने आसपास के लोगों को भी खुशियां दें। मैंने अपने पड़ोसी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उन्हें कुछ उपहार भी दिए। यह छोटी सी कोशिश न केवल उनकी दीपावली को सार्थक बनाई, बल्कि मेरे लिए भी खुशियों का एक नया आयाम खोल गया। 🎉
 
मैंने देखा है कि लोग अब तो स्टोर्स में भी दीपावली खरीदारी करते हैं। याद आता है, जब मेरे बड़े भाई ने पहली बार मुझे दीपावली गिफ्ट दिया, था एक छोटा सा रेस्तरां का वाउचर। तब से लेकर अब तक, यह तो बहुत बदल गया है, लेकिन त्योहार का खूबसूरती में नहीं बदला।
 
दीपावली तो है सबसे अच्छी, मन से खुशियां लाने वाली 🎉। लेकिन हमारी दुनिया में ज्यादा ध्यान अपने घरों को रोशन करने पर ही देते हैं, न कि दूसरों की मदद करने पर 🤷‍♂️। मुझे लगता है कि अगर हम अपने साथियों की खुशियों में भाग लेते हैं तो उनकी खुशियां हमारी जिंदगी में आ जाती हैं।

मेरे दोस्त ने एक बार कहा था कि जरूरतमंद की मदद करने से हम अपने समाज में एक अच्छा बदलाव ला सकते हैं 🌈। और यही विचार 'सार्थक दीपावली' के पीछे है। अगर हम अपने घरों को रोशन करते हैं तो दिलों को भी रोशन करेंगे।

दीपावली तो खुशियों का मौका है, लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि छोटी-छोटी मदद से जिंदगी बदल सकती है।
 
मुझे यकीन है कि दीपावली पर हमारा मनोरंजन करने वाली कोई भी चीज़ मेरे लिए खास नहीं है। मैं तो सोचता हूँ कि दीपावली पर घरों और दिलों को रोशन करने की बात में कुछ गलत है। यह तो हमारे घरों को रोशन करने की बात है, लेकिन दिलों को रोशन करना कोई खास चीज़ नहीं है... 🤔

मैं तो सोचता हूँ कि इस दीपावली पर हमें अपने घरों को रोशन करने की बजाय जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए। यह तो मेरी राय है, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि दीपावली का संदेश वास्तव में हमारे जीवन को बदल सकता है। 💡
 
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