दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मैनेजमेंट से जुड़े कोर्सों में दाखिले की पात्रता शर्तों में बदलाव किया है. अब छात्रों को चार विषयों के सीयूईटी स्कोर के आधार पर प्रवेश लेना होगा, न कि तीन विषयों के सीयूईटी स्कोर के आधार पर. यह बदलाव इतना बड़ा है कि हजारों छात्रों की रणनीति बदल सकता है.
अगर पिछले वर्ष की तरह, छात्रों को एक भाषा विषय, गणित और जनरल टेस्ट के सीयूईटी स्कोर पर आधार पर मेरिट में शामिल करने जाना था, तो अब उन्हें एक अतिरिक्त विषय को देखना होगा. अब छात्रों को एक भाषा, गणित, एक डोमेन सब्जेक्ट और जनरल टेस्ट कुल चार विषयों के सीयूईटी स्कोर पर आधार पर मेरिट में शामिल करना होगा.
इस बदलाव ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट और बिजनेस से जुड़े कोर्सों में दाखिले के लिए छात्रों की डोमेन नॉलेज बहुत जरूरी है. केवल भाषा और गणित से ही छात्र की तैयारी का पूरा आकलन नहीं हो पाता. इसलिए, एक अतिरिक्त विषय को जोड़ा गया है ताकि यह देखा जा सके कि छात्र अपने चुने हुए क्षेत्र को कितनी अच्छी तरह से समझते है.
अगर पिछले वर्ष की तरह, छात्रों को एक भाषा विषय, गणित और जनरल टेस्ट के सीयूईटी स्कोर पर आधार पर मेरिट में शामिल करने जाना था, तो अब उन्हें एक अतिरिक्त विषय को देखना होगा. अब छात्रों को एक भाषा, गणित, एक डोमेन सब्जेक्ट और जनरल टेस्ट कुल चार विषयों के सीयूईटी स्कोर पर आधार पर मेरिट में शामिल करना होगा.
इस बदलाव ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट और बिजनेस से जुड़े कोर्सों में दाखिले के लिए छात्रों की डोमेन नॉलेज बहुत जरूरी है. केवल भाषा और गणित से ही छात्र की तैयारी का पूरा आकलन नहीं हो पाता. इसलिए, एक अतिरिक्त विषय को जोड़ा गया है ताकि यह देखा जा सके कि छात्र अपने चुने हुए क्षेत्र को कितनी अच्छी तरह से समझते है.