क्या बिल्कुल सही समझ में आया
यह I-PAC की सीटिंग विवाद है तो फिर भी मजाक है कि सब अपने फोन जमा कराएं, एक हॉल में बैठा दिया। मेरे ख्याल में, यह उनके पास था तो अब वह इस पर क्या नियंत्रण रखते? 
मुझे लगता है कि ED की टीम से कुछ भी सहमति नहीं थी, बस उन्हें बताया गया कि यह एक कानूनी तलाशी है। तो फिर क्यों सब अपने फोन जमा कराएं? यह उनका अधिकार नहीं है, फिर दूसरों का क्या हक?
मैं समझता हूं कि यह एक बड़ा मुद्दा है लेकिन अगर सच्चाई निकले तो सब जानते हैं। अगर I-PAC के कर्मचारी ने वास्तव में अपने फोन जमा कराए हैं, तो फिर उन्होंने अपने अधिकार को भी समझ लिया।
मुझे लगता है कि ED की टीम से कुछ भी सहमति नहीं थी, बस उन्हें बताया गया कि यह एक कानूनी तलाशी है। तो फिर क्यों सब अपने फोन जमा कराएं? यह उनका अधिकार नहीं है, फिर दूसरों का क्या हक?
मैं समझता हूं कि यह एक बड़ा मुद्दा है लेकिन अगर सच्चाई निकले तो सब जानते हैं। अगर I-PAC के कर्मचारी ने वास्तव में अपने फोन जमा कराए हैं, तो फिर उन्होंने अपने अधिकार को भी समझ लिया।