महमूद गजनवी की लूट, बाद में नरेन्द्र मोदी के सोमनाथ जाएं
महमूद गजनवी ने 1026 में सोमनाथ पहुंचा था, जिसके 1000 साल पूरे होने पर उन्होंने अपने आखिरी हमले के लिए कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर को चुना। उसके साथ 30 हजार घुड़सवार और हजारों पैदल सैनिक थे।
15 दिन तक मारकाट और लूटपाट करने के बाद गजनवी वापस लौटा, तो उसके पास 6 टन से ज्यादा सोना था। सोमनाथ में 50 हजार से ज्यादा लाशें और खंडहर बन चुका हुआ मंदिर था।
गजनवी के बाद भी सोमनाथ मंदिर कई बार तोड़ा गया, फिर बनाया गया। आखिरी बार 75 साल पहले सरदार पटेल ने इसे बनाया था।
महमूद गजनवी ने 1026 में सोमनाथ पहुंचा था, जिसके 1000 साल पूरे होने पर उन्होंने अपने आखिरी हमले के लिए कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर को चुना। उसके साथ 30 हजार घुड़सवार और हजारों पैदल सैनिक थे।
15 दिन तक मारकाट और लूटपाट करने के बाद गजनवी वापस लौटा, तो उसके पास 6 टन से ज्यादा सोना था। सोमनाथ में 50 हजार से ज्यादा लाशें और खंडहर बन चुका हुआ मंदिर था।
गजनवी के बाद भी सोमनाथ मंदिर कई बार तोड़ा गया, फिर बनाया गया। आखिरी बार 75 साल पहले सरदार पटेल ने इसे बनाया था।